Friday, January 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Makar Sankranti (Khichdi) 2026 Date: मकर संक्रांति यानी खिचड़ी कब है 14 या 15 जनवरी? जानिए क्यों मनाया जाता है ये त्योहार

Makar Sankranti (Khichdi) 2026 Date: मकर संक्रांति यानी खिचड़ी कब है 14 या 15 जनवरी? जानिए क्यों मनाया जाता है ये त्योहार

Makar Sankranti (Khichdi) 2026 Date: मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दौरान मनाया जाता है। इसे खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां आप जानेंगे इस साल ये त्योहार कब मनाया जाएगा और इसका महत्व क्या है।

Written By: Laveena Sharma @laveena1693
Published : Jan 08, 2026 12:17 pm IST, Updated : Jan 08, 2026 12:46 pm IST
makar sankranti- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मकर संक्रांति 2026 तिथि व महत्व

Makar Sankranti (Khichdi) 2026 Date: जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। ये पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होता है। इस त्योहार से दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी। इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में इस पर्व को लोहड़ी (Lohri) के नाम से मनाया जाता है तो तमिलनाडु में ये त्योहार पोंगल (Pongal) के नाम से मनाते हैं। वहीं उत्तर-प्रदेश और बिहार में इस पर्व को खिचड़ी पर्व (Khichdi) के नाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर दही चूड़ा और खिचड़ी खाने की विशेष परंपरा है। लेकिन अब सवाल ये आता है कि इस बार ये पर्व किस दिन मनाया जाएगा 14 या फिर 15 जनवरी? तो आपको बता दें इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मनाई जाएगी क्योंकि इसी दिन दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। आगे जानेंगे मकर संक्रांति का पुण्य काल समय और इसका महत्व।

मकर संक्रान्ति 2026 तिथि व पुण्य काल (Makar Sankranti 2026 Date And Punya Kaal)

  • मकर संक्रान्ति - 14 जनवरी 2026, बुधवार
  • मकर संक्रान्ति पुण्य काल - 03:13 PM से 05:45 PM
  • मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल - 03:13 PM से 04:58 PM
  • मकर संक्रान्ति का क्षण - 03:13 PM

मकर संकांति शुभ रंग (Makar Sankranti Shubh Rang)

इस बार मकर संक्रांति का नाम मन्दाकिनी है और शुभ रंग पीला है। वहीं वाहन व्याघ्र और उपवाहन अश्व है। 

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है (Makar Sankranti Kyu Manai Jati Hai)

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास या धनुर्मास भी समाप्त हो जाता है। खरमास के समाप्त होते ही शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है। सूर्य के किसी भी संक्रांति के पुण्यकाल के दौरान दान और स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दौरान विशेष रूप से काष्ठ यानि लकड़ी और अन्न दान करने का महत्व है, जबकि स्नान की बात करें, तो मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से गंगा नदी में स्नान का महत्व है। साथ ही इस दिन काशी में दशाश्वमेध घाट पर या प्रयाग में स्नान करके भी पुण्यफल पाये जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति से सूर्य देव उत्तर दिशा की ओर गतिमान होते हैं जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी, वस्त्र और कंबल का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किया गया दान दरिद्रता दूर करता है। 

एक कथा के अनुसार असुरों पर भगवान विष्णु की विजय के तौर पर भी मकर संक्रांति पर्व मनाने की शुरुआत हुई। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन ही भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर असुरों का संहार किया था और उनके सिरों को मंदरा पर्वत पर गाड़ दिया था। कहते हैं तभी से इस दिन मकर संक्रांति पर्व के तौर पर मनाया जाने लगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Shukla Paksha In January 2026: जनवरी में शुक्ल पक्ष कब से लगेगा? नोट कर लें तारीख और इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों की डेट

January Amavasya 2026 Date: जनवरी में माघ यानी मौनी अमावस्या कब है? नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म

Advertisement
Advertisement
Advertisement