Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। एकादशी तिथि का आरंभ 12 फरवरी को 12:22 पी एम बजे से होगा। एकादशी तिथि का समापन 13 फरवरी 02:25 पी एम बजे होगा। विजया एकादशी का व्रत करने से हर काम में विजय प्राप्त होती है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके साथ ही विजया एकादशी के दिन नारायण को ये चीजें भी अर्पित करें। ऐसा करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। तो आइए जानते हैं विजया एकादशी के दिन क्या-क्या चीजें भगवान विष्णु को चढ़ाएं।
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा और भोग दोनों ही अधूरी मानी जाती है। तो श्री हरि को तुलसी दल जरूर चढ़ाएं।
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पंचामृत चढ़ाएं। पंचामृत का भोग लगाने से घर में धन-धान्य में बरकत होती है।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु को सूखे मेवे जरूर चढ़ाएं। सूखे मेवे में बादाम, मूंगफली, अखरोट, काजू और पिस्ता आदि चीजें आती हैं।
विजया एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु जी को मौसमी फलों का भोग लगाएं। फल में केला को जरूर रखें। फल का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
एकादशी के दिन विष्णु जी को मखाने की खीर का भोग लगाएं। मखाने की खीर भगवान विष्णु को अति प्रिय है।
विजया एकादशी के भगवान विष्णु को कमल, गुलाब, गेंदा के फूल और माला चढ़ाएं। इसके अलावा चंपा, चमेली, पारिजात (हरसिंगार), मालती, कनेर के फूल भी अर्पित कर सकते हैं।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्र चढ़ाएं। पीला रंग नारायण को अति प्रिय है। इसके अलावा चौकी पर पीले रंग के कपड़े बिछाक हीर भगवान विष्णु की मूर्ति और तस्वीर रखें। फिर पूजा आरंभ करें।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु को चंदन प्रिय है। श्री हरि विष्णु को चंदन अर्पित करें। एकादशी के दिन पूजा के समय विष्णु जी को चंदन का तिलक जरूर लगाएं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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