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Padmini Ekadashi 2026 Vrat Paran Time: आज इतने बजे तक कर लें पद्मिनी एकादशी का पारण, वरना नहीं मिलेगा व्रत का फल

Padmini Ekadashi 2026 Parana Time: पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण 28 मई को किया जाएगा। इस दिन व्रती द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले अपना व्रत जरूर खोल लें। वरना आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।

पद्मिनी एकादशी 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पद्मिनी एकादशी 2026

Padmini Ekadashi 2026 Vrat Paran Time: अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। आपको बता दें कि यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है। इस बार ज्येष्ठ माह में अधिकमास लगा है इसलिए पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई को रखा गया। किसी भी एकादशी व्रत में पारण तिथि का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि अगर एकादशी का पारण शुभ मुहूर्त में न किया जाए तो व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। तो आपको बता दें कि पद्मिनी एकादशी का व्रत 28 मई 2026 को रखा जाएगा। चलिए जानते हैं पद्मिनी एकादशी पारण मुहूर्त और नियम के बारे में।

पद्मिनी एकादशी 2026 पारण टाइमिंग 

शास्त्रों के अनुसार, एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन यानी द्वादशी तिथि के अंदर और शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक किया जाए। यदि पारण सही समय पर न किया जाए तो व्रत खंडित माना जाता है। अगर आपने पद्मिनी एकादशी का व्रत किया है तो अपना पारण द्वादशी तिथि के अंदर ही कर लें। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय  सुबह 7 बजकर 56 मिनट रहेगा। वहीं पद्मिनी एकादशी पारण के लिए शुभ समय का आरंभ 28 मई को सुबह 6 बजकर 1 मिनट से सुबह 7 बजकर 56 मिनट पर हो जाएगा और समाप्त सुबह 7 बजकर 56 मिनट पर होगा।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वादशी बीत जाने के बाद पारण करना पाप के समान माना जाता है, इसलिए द्वादशी तिथि में ही व्रत खोल लें।

पद्मिनी एकादशी पारण नियम

  • पारण के दिन पूजा करने के बाद सबसे पहले चरणामृत या तुलसी के पत्ते को जल के साथ ग्रहण करें।
  • पारण के दिन बनने वाला भोजन पूरी तरह सात्विक होना चाहिए। इसमें प्याज, लहसुन या भारी भोजन शामिल न करें। 
  • एकादशी व्रत का पारण फल, खीर, या सादे भोजन से भी खोल सकते हैं।
  • पारण करने से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अनाज, घी, दाल या अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दक्षिणा जरूर दें।
  • एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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