Paush Putrada Ekadashi Vrat 2025: पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पुत्रदा एकादशी का व्रत करने का विधान है। आज महिलाएं अपनी संतान के सुखी जीवन के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगी। शास्त्रों में इस एकादशी का बड़ा ही महत्व बताया गया है। पुत्रदा एकादशी के दिन जो व्यक्ति व्रत कर भगवान श्री विष्णु की उपासना करता है उसकी सुंदर और स्वस्थ संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं कि पुत्रदा एकादशी की पूजा किस मुहूर्त में करें और इसके नियम क्या हैं।
पुत्रदा एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त
पंचाग के अनुसार, पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर हो चुका है। एकादशी तिथि का समापन 10 जनवरी को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।
पुत्रदा एकादशी 2025 पारण का समय
एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व है। पुत्रदा एकादशी का पारण अगले दिन यानी 11 जनवरी 2025 को किया जाएगा। पारण का समय सुबह 7 बजकर 15 से सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। बता दें कि एकादशी का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। 11 जनवरी को द्वादशी तिथि सुबह 8 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगा।
पुत्रदा एकादशी के दिन इन नियमों का करें पालन
- पुत्रदा एकादशी के दिन विधिपूर्वक भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- पुत्रदा एकादशी के दिन श्री हरि को पीले फूल, फल, तुलसी और मिठाई जरूर अर्पित करें।
- एकादशी के दिन तुलसी को स्पर्श करना या जल चढ़ाना वर्जित है तो ऐसा बिल्कुल भी न करें।
- एकादशी के दिन किसी के लिए अपने मन में बुरे विचार लेकर न आएं।
- एकादशी के दिन चावल या उससे बनी हुई चीजों का सेवन न करें।
- पुत्रदा एकादशी के दिन बाल और नाखून बिल्कुल भी नहीं काटना चाहिए।
- एकादशी के दिन तामसिक चीजों से दूरी बनाकर रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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