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रक्षाबंधन के दिन क्या रहेगा पंचक, चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया? जानें क्या रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस साल रक्षाबंधन पर पंचक और चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संशय बने हुए हैं। तो यहां दूर करिए अपना सारा कंफ्यूजन। साथ ही जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त।

रक्षाबंधन 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV रक्षाबंधन 2026

हर साल सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस साल भाई-बहन के इस पावन पर्व के दिन पंचक, चंद्र ग्रहण रहेगा। ऐसे में लोगों के मन में कई तरह से संशय बने हुए हैं। इसके अलावा भद्राकाल को लेकर भी लोगों के मन में डर बना हुआ है। लेकिन ज्योतिषों की माने तो इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा, पंचक और ग्रहण तीनों का कोई अशुभ प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनें बिना किसी भय के शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। तो चलिए जानते हैं राखी बांधने का शुभ मुहूर्त के बारे में।

रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त

सावन माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बदकर 8 मिनट पर हो चुका है। पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

क्या रक्षाबंधन के दिन रहेगा भद्राकाल?

इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। 27 अगस्त की रात को ही भद्रा समाप्त हो चुकी है इसलिए राखी के दिन इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण 2026 

रक्षाबंधन के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ऐसे में रक्षाबंधन के त्यौहार पर चंद्र  ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। तो बहनें बिना किसी भय के राखी का त्यौहार मना सकती हैं।

पंचक काल

रक्षाबंधन के दिन पंचक रहेगा लेकिन इसका त्यौहार पर कोई असर नहीं होगा। 

राखी बांधने की सही विधि

  • सबसे पहले एक थाली तैयार कर लें। इसमें  रोली, अक्षत (बिना टूटे चावल), चंदन, दीपक, मिठाई और राखी रखें।
  • इसके बाद भाई को  पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाएं और सिर पर रुमाल या कपड़ा रखें।
  • अब सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाएं और अक्षत लगाकर फिर आरती उतारें।
  • भाई की दाहिनी कलाई पर बांधें और मिठाई खिलाकर लंबी उम्र की कामना करें।
  • भाई की कलाई पर राखी बांधते समय यह मंत्र बोले- ॐ येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।तेन त्वामपि बध्नामि, रक्षे मा चल मा चल॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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