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कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे ऐसी राखी? रक्षाबंधन से पहले जान लें ये जरूरी बातें!

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं। यदि आप भी अपने भाई के लिए राखी खरीदने जा रही हैं तो खरीदारी से पहले इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान जरूर रखें।

रक्षाबंधन 2026- India TV Hindi
Image Source : PEXELS रक्षाबंधन 2026

हर साल सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और लंबी आयु और तरक्की की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहन की जीवनभर रक्षा करने का वचन देता है। राखी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक होती है इसलिए इसका चुनाव करते समय इन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस तरह की राखियां खरीदने से बचना चाहिए अन्यथा इसका जीवन में नकारात्मक असर पड़ सकता है।

 

रक्षाबंधन 2026 डेट और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा।  रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। राखी बांधने के लिए पहला मुहूर्त सुबह  5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट  से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। ये दोनों मुहूर्त राखी बांधने के लिए उत्तम रहेगा। 

भूलकर भी न खरीदें इस तरह की राखियां

  • प्लास्टिक वाली राखी- ज्योतिषों के अनुसार, प्लास्टिक वाली राखियां भी कभी नहीं खरीदनी चाहिए। इसकी जगह रेशम के धागे वाली राखी खरीदें। 

  • भगवान की तस्वीर वाली राखी- भगवान की तस्वीर वाली राखी भी खरीदने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हाथ में भगवान वाली राखी बांधना उचित नहीं माना जाता है।

  • काले रंग की राखी- रक्षाबंधन पर अपने भाई के लिए काले रंग की राखी नहीं खरीदना चाहिए। हमेशा लाल, केसरिया या पीले शुभ रंगों वाली राखी खरीदें।

  • एविल आई वाली राखी- एविल आई वाली राखी भी खरीदने से बचना चाहिए। कुछ मान्यताओं के अनुसार, ऐसी राखी नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है।

  • खंडित या टूटी हुई राखी- यदि राखी का कोई मोती टूटा हो, धागा उधड़ा हुआ हो या कोई हिस्सा निकला हो तो ऐसी राखी भूलकर भी न खरीदें।

  • अशुभ चिह्नों वाली राखी- बाजार में नकारात्मक प्रतीक वाली राखियां मिलती हैं। ऐसे में इस तरह की राखी बिल्कुल भी न लें। धार्मिक दृष्टि से भाई की कलाई पर केवल शुभ प्रतीकों वाली राखी ही बांधनी चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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