28 अगस्त 2026 पूरे देश में धूमधाम के साथ भाई-बहन का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भाई की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधने से भाइयों के जीवन में सुख-समृद्धि की बरसा होती है और देवी-देवता उन्हें हर संकट से दूर रखते हैं। वहीं भाई अपनी बहन की जीवन भर रक्षा करने का वचन देते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य या त्यौहार की शुरुआत देव पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन भाइयों को राखी बांधने से पहले देवी-देवताओं को रक्षासूत्र अर्पित करने का विधान है। तो आइए जानते हैं कि रक्षाबंधन पर सबसे पहले किस देवता को राखी बांधनी चाहिए।
भगवान गणेश
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी मांगलिक कार्य करने से पहले गणपति जी की आराधना की जाती है। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले गणपति जी को राखी बांधें।
भगवान शिव
गणेश जी के बाद भगवान शिव को राखी चढ़ाना चाहिए। बता दें कि सावन का महीना महादेव का प्रिय माह है। रक्षाबंधन के दिन राखी चढ़ाने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
हनुमान जी
रक्षाबंधन के दिन हनुमान जी को भी लाल रंग की राखी अर्पित करें। बजरंगबली को लाल रंग की राखी अर्पित करने से हर संकट से मुक्ति मिलती है।
श्री कृष्ण
रक्षाबंधन के दिन भगवान कृष्ण को भी राखी बांधी जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर श्री कृष्ण की उंगली पर बांधा था, तब कृष्ण जी ने उनकी रक्षा का वचन दिया था।
राखी बांधने की सही विधि
- पूजा की थाली में कुमकुम, अक्षत, चंदन, दीपक और मिठाई के साथ राखी रखें।
- सबसे पहले भगवान गणेश और अपने इष्ट देव का तिलक करें।
- उन्हें अक्षत अर्पित करने के बाद राखी अर्पित करें या उनके चित्र/मूर्ति पर बांधें।
- भोग लगाकर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना करें।
रक्षाबंधन 2026
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - अगस्त 27, 2026 को 09:08 ए एम बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त - अगस्त 28, 2026 को 09:48 ए एम बजे
- रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय - 06:23 ए एम से 09:48 ए एम
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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