Somvati Amavasya 2026: जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है तो इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही अमावस्या का दिन पितृ पूजा, तर्पण, जप-तप, दान और गंगा स्नान के लिए बहुत ही शुभ माना जाता ही इस दिन ये सभी कार्य करने से सौभाग्य में बढ़ोतरी होती और पितरों की भी कृपा मिलती है। इस साल 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। ज्योतिषों के अनुसार, यह अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग माना जाता है। तो चलिए जानते हैं कि सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा किस विधि और मुहूर्त में करना चाहिए।
सोमवती अमावस्या भगवान शिव की पूजा विधि
- सबसे पहले सोमवती अमावस्या के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि करें और साफ-सुथरे कपड़े पहन लें।
- इसके बाद सोमवती अमावस्या व्रत का संकल्प लें।
- शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
- शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल, फिर दूध, दही, घी, शहद और चीनी अर्पित करें। इसके बाद फिर से दोबारा शुद्ध जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
- अब शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा, श्वेत चंदन, अक्षत (साबुत चावल) और आंकड़े के फूल चढ़ाएं।
- साथ ही माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
- कपूर और घी के दीपक से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
सोमवती अमावस्या के दिन शिवजी के इन मंत्रों का जाप करें
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ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात॥
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कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
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ॐ नमः शिवाय
सोमवती अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि का आरंभ 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन 15 जून को सुबह 08 बजकर 23 मिनट पर होगा। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान और पूजा के लिए शुभ मुहुर्त सुबह 03 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 04 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
सोमवती अमावस्या 2026 शुभ संयोग
सोमवती अमावस्या के दिन कई शुभ संयोग बन रहा है। इस बार सोमवती अमावस्या अधिकमास में पड़ रही है। आपको बता दें कि अधिकमास हर तीन साल में एक बार आती है। ऐसे में इस दिन स्नान-दान करना अत्यंत फलदायी और पुण्यकारी माना गया है। इसके अलावा सोमवती अमावस्या के दिन मिथुन संक्रांति का संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा 15 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग बनेगा। यह योग बहुत ही शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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