1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Vinayak Chaturthi 2025: फाल्गुन माह के विनायक चतुर्थी के दिन करें इस स्त्रोत का पाठ, गणपति बप्पा दूर करेंगे सभी संकट

Vinayak Chaturthi 2025: फाल्गुन माह के विनायक चतुर्थी के दिन करें इस स्त्रोत का पाठ, गणपति बप्पा दूर करेंगे सभी संकट

Vinayak Chaturthi 2025: 3 मार्च को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। इसके साथ ही गणेश जी की इस स्त्रोत का पाठ करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

विनायक चतुर्थी 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV विनायक चतुर्थी 2025

Vinayak Chaturthi 2025: प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा की जाती है। किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। भगवान गणेश को चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता माना जाता है। ऐसे में इस दिन भगवान श्री गणेश की उपासना के लिए बहुत ही शुभ और फलदायी होता है। फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी का व्रत 3 मार्च 2025 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश को दुर्वा, फूल, लड्डू और मोदक अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी के इस स्त्रोत का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। स्त्रोत का पाठ के बाद गणपति जी की आरती भी जरूर करें।

।। अथ श्री गणपति अथर्वशीर्ष स्तुति ।।

ॐ नमस्ते गणपतये।
त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि।।
त्वमेव केवलं कर्त्ताऽसि।
त्वमेव केवलं धर्तासि।।
त्वमेव केवलं हर्ताऽसि।
त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि।।
त्वं साक्षादत्मासि नित्यम्।
ऋतं वच्मि।। सत्यं वच्मि।।
अव त्वं मां।। अव वक्तारं।।
अव श्रोतारं। अवदातारं।।
अव धातारम अवानूचानमवशिष्यं।।
अव पश्चातात्।। अवं पुरस्तात्।।
अवोत्तरातात्।। अव दक्षिणात्तात्।।
अव चोर्ध्वात्तात।। अवाधरात्तात।।
सर्वतो मां पाहिपाहि समंतात्।।
त्वं वाङग्मयचस्त्वं चिन्मय।
त्वं वाङग्मयचस्त्वं ब्रह्ममय:।।
त्वं सच्चिदानंदा द्वितियोऽसि।
त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि।
त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि।।
सर्व जगदि‍दं त्वत्तो जायते।
सर्व जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति।
सर्व जगदिदं त्वयि लयमेष्यति।।
सर्व जगदिदं त्वयि प्रत्येति।।
त्वं भूमिरापोनलोऽनिलो नभ:।।
त्वं चत्वारिवाक्पदानी।।
त्वं गुणयत्रयातीत: त्वमवस्थात्रयातीत:।
त्वं देहत्रयातीत: त्वं कालत्रयातीत:।
त्वं मूलाधार स्थितोऽसि नित्यं।
त्वं शक्ति त्रयात्मक:।।
त्वां योगिनो ध्यायंति नित्यम्।
त्वं शक्तित्रयात्मक:।।
त्वां योगिनो ध्यायंति नित्यं।
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वं इन्द्रस्त्वं अग्निस्त्वं।
वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चंद्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुव: स्वरोम्।।
गणादिं पूर्वमुच्चार्य वर्णादिं तदनंतरं।।
अनुस्वार: परतर:।। अर्धेन्दुलसितं।।
तारेण ऋद्धं।। एतत्तव मनुस्वरूपं।।
गकार: पूर्व रूपं अकारो मध्यरूपं।
अनुस्वारश्चान्त्य रूपं।। बिन्दुरूत्तर रूपं।।
नाद: संधानं।। संहिता संधि: सैषा गणेश विद्या।।
गणक ऋषि: निचृद्रायत्रीछंद:।। ग‍णपति देवता।।

।।ॐ गं गणपतये नम:।।

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें-

Falgun Purnima 2025: फाल्गुन पूर्णिमा कब है? जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

March Ekadashi 2025 Date: मार्च में कब-कब रखा जाएगा एकादशी का व्रत? जानें तिथि, मुहूर्त और पारण का समय