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24 जुलाई 2026 का पंचांग: शुक्रवार को इतने बजे से लग जाएगी एकादशी तिथि, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

दशमी तिथि शुक्रवार सुबह 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। वहीं शुक्रवार को रात 8 बजकर 12 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से विस्तार से जानते हैं 24 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग।

दैनिक पंचांग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV दैनिक पंचांग

आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। दशमी तिथि आज सुबह 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। आज रात 8 बजकर 12 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। साथ ही आज पूरा दिन पार करके भोर 4 बजकर 37 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

24 जुलाई 2026 का पंचांग

  • शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि- 24 जुलाई 2026 को दशमी तिथि आज सुबह 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी
  • शुक्ल योग- 24 जुलाई को रात 8 बजकर 12 मिनट तक
  • अनुराधा नक्षत्र- 24 जुलाई को पूरा दिन पार करके भोर 4 बजकर 37 मिनट तक

24 जुलाई 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:45 ए एम से 05:29 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:56 पी एम से 03:48 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:17 पी एम से 07:39 पी एम
  • अमृत काल- 04:57 पी एम से 06:44 पी एम

24 जुलाई 2026 का अशुभ समय

  • राहुकाल- 11:07 ए एम से 12:45 पी एम
  • यमगण्ड- 04:01 पी एम से 05:39 पी एम
  • गुलिक काल- 07:51 ए एम से 09:29 ए एम
  • विडाल योग- 06:12 ए एम से 04:36 ए एम, जुलाई 25
  • बाण चोर - 07:44 ए एम तक
  • भद्रा- 10:22 पी एम से 06:13 ए एम, जुलाई 25

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 09:03 से सुबह 10:45 तक
  • मुंबई- सुबह 09:29 से दोपहर पहले 11:07 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 09:03 से सुबह 10:46 तक
  • लखनऊ- सुबह 08:50 से सुबह 10:31 तक
  • भोपाल- सुबह 09:07 से सुबह 10:47 तक
  • कोलकाता- सुबह 08:24 से सुबह 10:03 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 09:26 से दोपहर पहले 11:06 तक
  • चेन्नई- सुबह 09:04 से सुबह 10:40 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- 05:38 ए एम
  • सूर्यास्त- 19:15 पी एम

शुक्ल योग

शुक्ल पक्ष का नाम तो आपने सुना ही होगा। जब तक आसमान में बढ़ता हुआ चंद्र दिखाई देता है तब तक शुक्ल पक्ष होता है। अत: शुक्ल योग को मधुर चांदनी रात की तरह माना गया है अर्थात जैसे चांदनी की किरणें स्पष्ट बरसती हैं वैसे ही कार्य में सफलता जरूर मिलती है। इस योग में गुरु या प्रभु की कृपा अवश्य बरसती है और मंत्र भी सिद्ध होते हैं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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