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24 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनिवार को इतने बजे तक रहेगी त्रयोदशी तिथि, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम

24 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनिवार के दिन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि त्रयोदशी पड़ रही है। इस दिन बुध ग्रह अपनी चाल में बदलाव करेंगे। जानिए शनिवार, 24 अक्टूबर का पंचांग और राहुकाल का समय।

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Image Source : INDIA TV 24 अक्टूबर 2026 का पंचांग

24 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि त्रयोदशी और शनिवार का दिन है। कल त्रयोदशी तिथि दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगी। कल रात 8 बजकर 32 मिनट तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर बुध वक्रगति से तुला राशि में प्रवेश कर रहे है। साथ ही कल पंचक है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शनिवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

24 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि - 24 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक
  • उत्तराभाद्रपद नक्षत्र- 24 अक्टूबर को रात 8 बजकर 32 मिनट तक  
  • 24 अक्टूबर विशेष-  तुला राशि में बुध वक्री

24 अक्टूबर 2026 शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:46 ए एम से 05:36 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:11 ए एम से 06:27 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 01:58 पी एम से 02:43 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 05:43 पी एम से 06:08 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 05:43 पी एम से 06:59 पी एम
  • अमृत काल- 03:50 पी एम से 05:24 पी एम
  • निशिता मुहूर्त-11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 25

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 09:16 से सुबह 10:41 तक
  • मुंबई- सुबह 09:29 से सुबह 10:56 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 09:19 से सुबह 10:43 तक
  • लखनऊ- सुबह 09:01 से सुबह 10:26 तक
  • भोपाल- सुबह 09:13 से सुबह 10:39 तक
  • कोलकाता- सुबह 08:29 से सुबह 09:55 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 09:32 से सुबह 10:58 तक
  • चेन्नई- सुबह 08:57 से सुबह 10:25 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 06:27 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 05:43 बजे

बुध का वक्री गोचर

उल्टी गति से गोचर करते हुए बुध 13 नवंबर की रात 9 बजकर 23 मिनट तक इसी अवस्था में रहेंगे। हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य का चक्कर लगाते रहते हैं। सभी ग्रहों के अपने-अपने परिक्रमा पथ हैं। कभी-कभी पृथ्वी किसी धीमी गति से चल रहे ग्रह के बगल से तेजी से गुजरती है, तो वह ग्रह पीछे छूटता हुआ दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे वह उल्टी दिशा में जा रहा हो। इसी आभासी गति के आधार पर ग्रहों की चाल को वक्री और मार्गी कहा जाता है। बुध बुद्धि और वाणी के देवता हैं । जन्मपत्रिका में बुध का सीधा प्रभाव बिजनेस और दिमागी रूप से मेहनत वाले कामों पर पड़ता है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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