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Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti PDF: अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली...अंबे माता की आरती के बिना अधूरी है नवरात्रि की पूजा

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti PDF: नवरात्रि में माता अंबे की असीम कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो उनकी आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। यहां आप देखेंगे अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती के लिरिक्स।

ambe ji ki aarti- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti PDF: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली…ये नवरात्रि पर्व की सबसे लोकप्रिय आरती है। कहते हैं जो कोई माता की इस आरती को गाता है उसके सारे मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। इसलिए नवरात्रि पूजन में इस आरती को जरूर शामिल किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं अंबे तू है जगदम्बे काली आरती के लिरिक्स

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती (Maa Durga Maa Kali Aarti)

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

तेरे भक्त जनो पर,

भीर पडी है भारी माँ ।

दानव दल पर टूट पडो,

माँ करके सिंह सवारी ।

सौ-सौ सिंहो से बलशाली,

अष्ट भुजाओ वाली,

दुष्टो को पलमे संहारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

माँ बेटे का है इस जग मे,

बडा ही निर्मल नाता ।

पूत - कपूत सुने है पर न,

माता सुनी कुमाता ॥

सब पे करूणा दरसाने वाली,

अमृत बरसाने वाली,

दुखियो के दुखडे निवारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

नही मांगते धन और दौलत,

न चांदी न सोना माँ ।

हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,

इक छोटा सा कोना ॥

सबकी बिगडी बनाने वाली,

लाज बचाने वाली,

सतियो के सत को सवांरती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

----- Addition ----

चरण शरण मे खडे तुम्हारी,

ले पूजा की थाली ।

वरद हस्त सर पर रख दो,

मॉ सकंट हरने वाली ।

मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,

अष्ट भुजाओ वाली,

भक्तो के कारज तू ही सारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

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