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अनंत चतुर्दशी पर घर पर कैसे बनाएं 14 गांठों वाला अनंत डोरा? जानें सही विधि, सिद्ध मंत्र और किस हाथ में बांधें

अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला अनंत डोरा पहनने की विशेष परंपरा है। कहते हैं इस अनंत सूत्र में भगवान विष्णु का वास होता है और अनंत चतुर्दशी की पूजा के बाद इस डोरे को हाथ में बांध लिया जाता है। जानिए इसे कैसे तैयार किया जाता है।

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Image Source : INDIA TV अनंत चतुर्दशी पर घर पर कैसे बनाएं अनंत डोरा?

25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा करते हैं। साथ ही अपने हाथ में अनन्त सूत्र बांधते हैं जो इस पर्व का एक मुख्य अनुष्ठान है। इस सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं जिसे भगवान विष्णु द्वारा रचे गए 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। कहते हैं इस धागे को हाथ में बांधने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही यह धागा एक रक्षासूत्र का काम करता है। जानिए अनंत डोरा कैसा तैयार किया जाता है और इसे बांधने की सही विधि क्या है।

अनंत डोरा कैसे बनाएं?

अनंत डोरा बनाने के लिए आपको एक सूती या रेशमी धागे की जरूरत होगी। इस धागे को हल्दी से रंगकर उसमें 14 गांठें लगा लें। फिर इस सूत्र को पूजा के समय भगवान विष्णु के समक्ष रखें। आप चाहें तो बाजार से बना बनाया अनंत डोरा भी खरीद सकते हैं।

अनंत डोरा किस हाथ में बांधें?

अनंत डोरे को पुरुष अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं अपने बाएं हाथ में बांधती हैं। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

अनंत डोरा बांधते समय कौन सा मंत्र पढ़ें?

अनंत संसार महासुमद्रे मृं संभद्र वासुदेव, अनंतरूपे विनिजयस्वा ह्रानंतसुत्रेय नमो नमस्ते

अनंत डोरा पहनने की विधि

  • अनंत डोरा हाथ में पहनने से पहले भगवान विष्णु और अनंत डोरे की पूजा करनी चाहिए।
  • इसके लिए एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। साथ में गणेश जी की प्रतिमा भी जरूर रखें।
  • फिर प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और इसके बाद चंदन, हल्दी, रोली और केसर का तिलक लगाएं।
  • इसके बाद तैयार किए गए अनंत सूत्र को भगवान विष्णु के सामने रखा जाता है।
  • इसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा की जाती है।
  • उन्हें फूल, अक्षत, सुपारी, दूर्वा और तुलसी दल अर्पित की जाती है।
  • फिर अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा सुनी जाती है।
  • पूजा पूरी होने के बाद पुरुष अनंत सूत्र को अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांध लेती हैं।

अनंत डोरा पहनने के फायदे

अनंत डोरे को एक तरह का रक्षा कवच माना जाता है। मान्यता है कि इसे बांधने से भगवान विष्णु भक्त की रक्षा करते हैं। साथ ही इसे पहनने से आर्थिक संकट, दरिद्रता और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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