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अगस्त में कौन सी तीज मनाई जाएगी, हरियाली या हरतालिका? जान लें दोनों के बीच का अंतर

अगस्त में हरियाली तीज मनाई जाएगी। पंचांग अनुसार ये तीज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस बीच महिलाएं हरतालिका तीज की डेट को लेकर भी सर्च कर रही हैं। चलिए जानते हैं इन दोनों ही तीज की सही डेट और इनके बीच का अंतर।

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Image Source : INDIA TV अगस्त में कौन सी तीज मनाई जाएगी?

हरियाली तीज सावन में आती है तो वहीं हरतालिका तीज भादों महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है। सनातन धर्म में इन दोनों ही तीज का विशेष महत्व माना जाता है। जहां हरियाली तीज भगवान शिव व माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है, वहीं हरतालिका तीज का व्रत अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हरतालिका तीज का कठिन व्रत रखा था। इस व्रत में महिलाएं 36 घंटों तक निर्जला व्रत रहती हैं यानी अन्न-जल किसी भी चीज का सेवन नहीं करती हैं। जानिए 2026 में ये दोनों ही तीज कब-कब मनाई जाएगी और दोनों के बीच क्या अंतर है। 

हरियाली तीज 2026 डेट

हरियाली तीज का पावन पर्व 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां पहनती हैं। साथ ही हाथों पर मेहंदी रचाती हैं और झूला झूलती हैं। कुछ जगहों पर महिलाएं इस दिन व्रत भी रखती हैं। हालांकि इस दिन व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना गया है।

हरतालिका तीज 2026 डेट

हरतालिका तीज का त्योहार 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसे बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं और शुभ मुहूर्त में विधि विधान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। इस दिन शिव-पार्वती की प्रतिमा रेत से बनाई जाती है।

हरियाली तीज और हरतालिका तीज में अंतर?

  • दोनों ही तीज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित हैं। अंतर ये है कि हरियाली तीज सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है तो वहीं हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है।
  • हरियाली तीज का व्रत थोड़ा सरल होता है। इस व्रत में जल और फलाहार का सेवन किया जा सकता है। वहीं हरतालिका तीज व्रत थोड़ा कठोर होता है। इस व्रत को निर्जला रखा जाता है।
  • हरियाली तीज की मुख्य परंपरा हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां पहनना, साथ ही झूला झूलना है। तो वहीं हरतालिका तीज की मुख्य परंपरा बालू या मिट्टी के शिव-पार्वती बनाकर उनकी विधि-विधान पूजा करना और साथ में रात्रि जागरण करना है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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