ज्योतिष में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व माना जाता है। जब कोई ग्रह मार्गी से वक्री अवस्था में आता है, तो सभी राशियों पर उसका अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है। अक्टूबर में बुध वक्री चाल चलेंगे, जिसे करियर, कारोबार, आर्थिक मामलों और रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान कुछ राशि वालों को कामकाज में रुकावटों से लेकर खर्च और निजी जीवन में गलतफहमियों तक का सामना करना पड़ सकता है।
बुध वक्री होने की अवधि
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर बुध तुला राशि में वक्री होंगे। बुध की यह वक्री अवस्था 13 नवंबर 2026 तक रहेगी। इस दौरान बुध की उल्टी चाल का प्रभाव कुछ राशि वालों के करियर, आर्थिक मामलों और निजी जीवन पर देखने को मिलेगा। इसलिए इस अवधि में महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेने और जल्दबाजी से बचें। वहीं, देवगुरु बृहस्पति भी सिंह राशि में गोचर करेंगे।
कर्क राशि
बुध की वक्री चाल आपके लिए सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकती है। इस दौरान यात्रा अधिक करनी पड़ सकती है और बनते हुए काम भी अटकने की आशंका है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां सामने आने पर सीनियर्स और अनुभवी लोगों की सलाह को नजर अंदाज न करें। निवेश के कुछ मौके हाथ से निकल सकते हैं। किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें, क्योंकि इससे नुकसान होने की संभावना बन सकती है।
तुला राशि
बुध ग्रह तुला राशि में ही वक्री होने जा रहे हैं। ऐसे में इस राशि वालों के लिए यह अवधि ज्यादा भागदौड़ भरी हो सकती है। कामकाज के सिलसिले में यात्राएं बढ़ने से खर्च भी बढ़ सकता है। गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें। यात्रा के दौरान सामान व सेहत का विशेष ध्यान रखें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लेना होगा। फिजूल खर्चों पर नियंत्रण रखें। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां पैदा होने की आशंका भी है, इसलिए बातचीत में स्पष्टता रखें।
मकर राशि
आपको बुध की वक्री चाल के दौरान अपने विरोधियों से सतर्क रहना होगा। कार्यक्षेत्र में कुछ लोग आपकी छवि प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। आर्थिक मामलों और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़े फैसले जल्दबाजी में न लें। माता की सेहत भी चिंता का कारण बन सकती है। जल्दबाजी में किया गया निवेश और बेवजह का खर्च परेशानी बढ़ा सकता है। किसी भी काम में शॉर्टकट अपनाने या नियम तोड़ने से बचें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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