17 सितंबर 2026 को सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में पहले से बुध विराजमान हैं। ऐसे में एक ही राशि में बुध-गुरु की उपस्थिति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान व नेतृत्व और बुध को बुद्धि, व्यापार व वाणी का कारक माना गया है। इस शुभ राजयोग के प्रभाव से इन 4 राशियों तो धन लाभ मिलेगा और कारोबार में भी मुनाफा होगा। इसके साथ ही करियर में भी तरक्की मिलेगी। तो आइए जानते हैं कि वो लकी राशियां कौनसी हैं।
1. कन्या राशि
बुधादित्य राजयोग कन्या राशि के जातकों के लिए अत्यंत ही शुभ और लाभदायक रहेगा। इन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और नौकरी में भी पदोन्नति का योग बन रहा है। कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ हो सकती है। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। कारोबारियों की नई डील फाइनल हो सकती है, जिसमें आगे चलकर जबरदस्त मुनाफा मिल सकता है। इस दौरान स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
2. सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग नए अवसरों से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी और आय में भी वृद्धि हो सकती है। अचानक से धन का लाभ हो सकता है। कारोबार में भी लाभ मिलने की संभावना है।
3. वृश्चिक राशि
सूर्य-बुध की युति वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिल सकता है। व्यापारिक योजनाओं में सफलता मिलेगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आपके निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा। कारोबार में नई डील हाथ लग सकती है।
4. कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग फायदेमंद रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का पूरा आर्थिक फल मिलेगा। आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति का योग बन रहा है। व्यापारियों को जबरदस्त मुनाफा मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। बुध-सूर्य की युति घर परिवार में खुशहाली और समृद्धि बनी रहेगी।
सूर्य गोचर
17 सितंबर को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद अगले महीने यानी 17 अक्टूबर को सूर्य शाम 7 बजकर 50 मिनट तक कन्या राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि जिस दिन सूर्यदेव किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन सूर्य की संक्रांति होती हैं। किसी भी संक्रांति में पुण्यकाल का बहुत महत्व होता है । इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व बताया गया है। सूर्य की इस कन्या संक्रांति का पुण्यकाल 17 सिंतबर 2026 को सुबह 7
बजकर 55 मिनट से दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। व्यक्ति इस समय के बीच स्नान-दान-पुण्य करके लाभ उठा सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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