बुधवार और पुष्य नक्षत्र में करें ये अचूक उपाय, समस्त परेशानियों से शीघ्र मिलेगा छुटकारा
बुधवार को पुष्य नक्षत्र में रहेगा। ऐसे में अगर आपका जीवन परेशानियों से घिरा हुआ है तो इन उपायों को जरूर करें। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं उन उपायों के बारे में।

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणपति जी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। साथ ही अगर आपके जीवन में किसी तरह की परेशानी चल रही है तो बुधवार के दिन इन आसान उपायों को जरूर अपनाएं। वहीं इस बार बुधवार को पुष्य नक्षत्र भी रहेगा। बुधवार को रात 9 बजकर 47 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से पुष्य आठवां नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने वाला है। इसे शुभ, सुंदर और सुख संपदा देने वाला माना गया है। इस नक्षत्र के दौरान किये गये कार्यों में सफलता मिलती है । साथ ही नए सामान जैसे सोना-चांदी की खरीदारी के लिए भी पुष्य नक्षत्र बड़ा ही शुभ है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि बुधवार और पुष्य नक्षत्र संयोग में कौनसे खास उपाय करने चाहिए।
- अगर आपके प्रेम-विवाह में किसी प्रकार की अड़चनें आ रही हैं तो उन अड़चनों से पीछा छुड़ाने के लिए बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र के दौरान, यानी बुधवार रात 9 बजकर 47 मिनट मिनट तक आपको पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। साथ ही शनिदेव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए- 'शं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः।'
- अगर आप अपने घर की सुख-सम्पदा में स्थायी रूप से बढ़ोत्तरी करना चाहते हैं तो बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र के दौरान आपको एक लोटा जल लेकर उसमें थोड़ी-सी चीनी डालनी चाहिए। अब पीपल के पेड़ के पास जाकर इस जल को पेड़ की जड़ में डाल दीजिये। साथ ही मंत्र जाप के दौरान अपने घर की सुख-सम्पदा में बढ़ोतरी के लिए भगवान से प्रार्थना करें। जाप के लिए मंत्र इस प्रकार है-'ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं शनैश्चराय नमः।'
- अगर आप अपने जीवन की गति को निरंतर बनाये रखना चाहते हैं, तो उसके लिए बुधवार के दिन स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर, सबसे पहले अपने इष्ट देव का ध्यान करें। फिर अपने मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
- अगर आप अपने और अपनी संतान के स्वास्थ्य के लिए परेशान रहते हैं, तो दोनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए घर में कुत्ता पालें। अगर कुत्ता न पाल सकें, तो कुत्ते को रोटी खिलाएं।
- अगर आपके जीवन में मिठास की जगह समस्याओं ने ले ली है, तो जीवन से समस्याओं को दूर करने के लिए और रिश्तों में मजबूती लाने के लिए बुधवार के दिन स्नान आदि के बाद एक इमली का पैकेट लेकर श्री गणेश के मंदिर में जाकर चढ़ाएं।
- अगर बुधवार आप शहर से बाहर कहीं यात्रा पर जा रहे हैं, तो अपनी यात्रा सफल बनाने के लिए, बुधवार के दिन यात्रा के दौरान अपने पास एक पीले रंग का नींबू रखें। जब आप अपनी यात्रा से घर वापस आ जायें, तो उस नींबू को किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें।
- अगर कुछ दिनों से आपको नौकरी से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो बुधवार के दिन घी, पिसी हुई शक्कर और सफेद तिल मिलाकर लड्डू बनाएं और भगवान गणेश को भोग लगाएं। अगर आप तिल के लड्डू न बना पाएं, तो सफेद तिल, थोड़ा-सा घी और थोड़ी पिसी हुई शक्कर अलग-अलग लेकर मंदिर में दान कर दें।
- अगर आपकी संतान आपकी कोई बात नहीं मानती और वो हर काम में अपनी मनमानी चलाते हैं, तो अपनी संतान को अपने फेवर में करने के लिए और संतान से संबंधित अन्य शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए बुधवार के दिन किसी मंदिर या धर्मस्थल पर कंबल का दान करें। अगर कम्बल काले और सफेद रंग का हो तो और भी अच्छा है।
- अगर आप अपनी भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन स्नान आदि के बाद आपको भगवान श्री गणेश की उपासना करनी चाहिए। साथ ही श्री गणेश के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-'गं गणपतये नमः' इस मंत्र का एक माला, यानि 108 बार जप करना चाहिए और मंत्र जप के बाद भगवान को दूर्वा की गांठ अर्पित करनी चाहिए।
- अगर आप किसी भी तरह की मुसीबत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो बुधवार आपको श्री गणेश की उपासना करनी चाहिए। साथ ही उनके वक्रतुण्ड मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-'वक्र तुण्डाय हुं।' आपको इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। साथ ही भगवान श्री गणेश को नारियल अर्पित करें।
- अगर आप अपने वैवाहिक जीवन को मिठास से भर देना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन श्री गणेश भगवान की पूजा के समय हल्दी में थोड़ा-सा घी मिलाकर भगवान के मस्तक पर तिलक लगाएं और उनके सामने घी का दीपक भी जलाएं।
- अगर आपके बिजनेस का फ्लो धीमी गति से चल रहा है तो उस फ्लो को फिर से बढ़ाने के लिए बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र के दौरान पीपल का एक पत्ता लेकर आएं। अब उस पत्ते पर बीचो-बीचकाले स्कैच पेन से एक बिन्दु बनाएं और उस बिन्दु को 5 मिनट तक लगातार देखते रहें। इसके बाद उस पत्ते को पीपल के पेड़ के नीचे रख आयें और वहीं बैठकर शनि के इस मंत्र का जाप करें-'ऊँ श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः।'
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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