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Chaitra Amavasya 2026 Kab Hai: चैत्र अमावस्या कब है? यहां जानिए सही डेट और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र माह में आने वाली अमावस्या अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान-दान के साथ ही पितरों का तर्पण किया जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं चैत्र अमावस्या की डेट और स्नान-दान मुहूर्त के बारे में।

चैत्र अमावस्या 2026- India TV Hindi
Image Source : PEXELS चैत्र अमावस्या 2026

Chaitra Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान-दान करना अत्यंत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। चैत्र माह में आने वाली अमावस्या काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। चैत्र माह में पड़ने वाली अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। तो आइए जानते हैं कि चैत्र अमावस्या कब है और इस दिन स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

चैत्र अमावस्या 2026 डेट 

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 18 मार्च को सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026, गुरुवार को है।

चैत्र अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 05:08 ए एम से 05:56 ए एम
  • प्रातः संध्या 05:32 ए एम से 06:44 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:22 पी एम से 01:11 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:47 पी एम से 03:36 पी एम

चैत्र अमावस्या के दिन इन चीजों का करें दान

चैत्र अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान के बाद गरीब और जरूरतमंदों को दान अवश्य करें। चैत्र अमावस्या के दिन गुड़, तिल, वस्त्र, धन और अनाज का दान करना बहुत ही लाभकारी माना गया है। अमावस्या के दिन इन चीजों का दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है।

चैत्र अमावस्या का महत्व

पुराणों के अनुसार, सोमवार, मंगलवार या बृहस्पतिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। चैत्र अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए अलावा गरीब और जरूरतमंदों को दान करने से धन-धान्य में कई गुना अधिक वृद्धि होती है। इसके अलावा अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। अमावस्या के दिन अगर आप गंगा स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो घर में भी नहाने वाले में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। ऐसा करने से भी गंगा स्नान जितना फल प्राप्त होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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