A
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के दिन कर्क, वृश्चिक और मीन राशि को क्यों रहना चाहिए बेहद सतर्क?

Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के दिन कर्क, वृश्चिक और मीन राशि को क्यों रहना चाहिए बेहद सतर्क?

Chandra Grahan 2025: चंद्रग्रहण के दिन राशिचक्र की तीन राशियों कर्क, वृश्चिक और मीन को बेहद सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके पीछे के ज्योतिषीय कारण के बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।

Chandra Grahan 2025- India TV Hindi
Image Source : PEXELS चंद्र ग्रहण 2025

Chandra Grahan 2025: साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर को लगने जा रहा है। इसी दिन भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि भी है। चंद्रग्रहण को खगोलीय रूप से तो दुर्लभ घटना माना ही जाता है ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसका बड़ा महत्व है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस दिन कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को बेहद सतर्क रहना चाहिए। ऐसा क्यों है इसके बारे में आइए विस्तार से जानते हैं। 

कर्क, वृश्चिक और मीन राशियों वाले रहें सतर्क

ज्योतिष में कर्क, वृश्चिक और मीन तीनों ही राशियां जल तत्व से संबंधित हैं। वहीं चंद्रमा भी जल तत्व प्रधान ग्रह माना जाता है। चंद्रमा की चाल से समुद्र में ज्वार-भाटा जैसी घटनाएं होती हैं वहीं मन का कारक ग्रह भी चंद्रमा ही है। ऐसे में जल तत्व की इन तीनों राशियों पर ग्रहण का बुरा असर अधिक देखने को मिल सकता है। ये तीनों ही राशियां चंद्रग्रहण के दौरान मानसिक तनाव का सामना कर सकती हैं। इसके साथ ही चोट या किसी तरह की दुर्घटना भी इन तीनों ही राशियों को लगने की आशंका रहती है। साथ ही ग्रहण के बुरे प्रभाव से गलत फैसले भी इन राशियों वाले ले सकते हैं, इसलिए इनको बेहद सतर्क चंद्रग्रहण के दौरान रहना चाहिए।

कर्क, वृश्चिक और मीन वालों को ग्रहण के दिन क्या करना चाहिए?

जल तत्व की इन तीनों ही राशियों को चंद्रग्रहण के दिन लंबी यात्राएं करने से बचना चाहिए। यात्रा करना जरूरी हो तो भगवान शिव की पूजा करने के बाद घर से निकलना चाहिए। इसके साथ ही धन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला इस दिन न लें। चंद्रग्रहण के दिन इन तीनों ही राशियों को मंत्रों का जप करना चाहिए और दान करना चाहिए। चंद्रमा और भगवान शिव से जुड़े मंत्रों का जप करने से इनके जीवन पर पड़ने वाला अशुभ प्रभाव भी टल जाता है। 

चंद्रग्रहण के दिन करें इन मंत्रों का जप

  • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
  • ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः।
  • ॐ सोमाय नमः।
  • ॐ नमः शिवाय।
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें-

Teachers Day 2025: इन 5 राशियों के लोग होते हैं अच्छे शिक्षक, अपने ज्ञान से सुधारते हैं विद्यार्थियों का भविष्य

इष्ट देवी-देवता का पता कुंडली देखकर कैसे करें? ये है आसान तरीका