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इष्ट देवी-देवता का पता कुंडली देखकर कैसे करें? ये है आसान तरीका

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Sep 04, 2025 11:48 am IST,  Updated : Sep 04, 2025 11:48 am IST

इष्ट देवी या देवता की पूजा करने से कई लाभ आपको प्राप्त होते हैं। हालांकि कई लोगों को पता नहीं होता कि उनके इष्ट देवी-देवता कौन हैं। आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

Ishta Devi Devta - India TV Hindi
इष्ट देवी-देवता Image Source : FREEPIK

इष्ट देवी-देवता का अगर आपको पता हो तो उनकी पूजा से जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। हालांकि, कई ऐसे लोग हैं जिनको अपने इष्ट देवी-देवता का पता नहीं होता और इसकी वजह से परेशानियों का सामना उनको हर क्षेत्र में करना पड़ता है। आइए ऐसे में जानते हैं कि आप कैसे कुंडली देखकर अपने इष्ट देवी-देवता का पता कर सकते हैं। 

कुंडली से इष्ट देवी-देवता को जानने का पहला तरीका 

अगर आपको अपने जन्म की तारीख, समय और स्थान का पता है तो बहुत आसानी से आप अपने इष्ट देवी-देवता का पता कर सकते हैं। जन्म की जानकारियों के अनुसार आप कुंडली बनवा सकते हैं या फिर इंटरनेट के माध्यम से खुद भी कुंडली बना सकते हैं। कुंडली बनाने के बाद आपको कुंडली के पंचम भाव को देखना है इस भाव में जो ग्रह स्थित होता है उससे संबंधित देवी-देवता आपके इष्ट होते हैं। उदाहरण के लिए पंचम भाव में गुरु ग्रह हैं तो आपके इष्ट देवता भगवान विष्णु होंगे। इष्ट देव को जनाने की इस प्रक्रिया को पंचम भाव पद्धति भी कहा जाता है। आपको बता दें कि पंचम भाव पूर्व जन्म का सूचक होता है इसलिए इसी भाव से इष्ट देवी-देवता का।  

अगर कुंडली के पंचम भाव में कोई ग्रह नहीं है तो इस भाव की राशि के स्वामी के आधार पर भी आप इष्ट देव का पता कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कुंडली के पंचम भाव में कोई ग्रह नहीं है और वहां 3 अंक लिखा है तो तीसरी राशि मिथुन के स्वामी बुध के अनुसार इष्ट देव का पता चलेगा। यानि ऐसे लोगों के इष्ट देव गणपति होंगे क्यों बुध का संबंध गणेश जी से माना जाता है। इस आसान तरीके से आप अपने इष्ट देव को जानकर उनकी पूजा कर सकते हैं और जीवन में लाभ पा सकते हैं। 

कुंडली से इष्ट देवी-देवता को जानने का दूसरा तरीका 

जैमिनी ज्योतिष के अनुसार आपके इष्ट-देवता कुंडली में आपके आत्मा कारक ग्रह के अनुसार देखे जाते हैं। कुंडली का आत्मा कारक ग्रह वो होता है जो सब ग्रहों में सबसे अधिक अंश का होगा। इसका पता करने के लिए आपको किसी योग्य ज्योतिषी की मदद लेना चाहिए। इस तरीके को वर्तमान समय में अधिक प्रासंगिक माना जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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