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एकादशी का व्रत अगर गलती से खंडित हो जाए तो क्या करना चाहिए? यहां जानिए किन कामों को करने से नहीं लगेगा पाप

Ekadashi Vrat: एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी का व्रत अत्यंत ही पुण्यकारी और लाभदायक माना जाता है। लेकिन अगर गलती से एकादशी का व्रत खंडित हो जाए तो ऐसे में क्या करना चाहिए आइए जानते हैं।

एकादशी व्रत- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE एकादशी व्रत

Ekadashi Vrat: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत ही फलदायी माना गया है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन पूरे दिन व्रत रख कर नारायण की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना किया जाता है। एकादशी का पारण (व्रत खोलना) दूसरे दिन सूर्योदय के बाद ही किया जाता है। एकादशी के दिन केवल फलाहार का सेवन किया जाता है। लेकिन निर्जला एकादशी में अन्न के साथ ही जल ग्रहण की भी मनाही होती है। आपको बता दें कि एकादशी व्रत में चावल या चावल से बनी चीजों को खाना भी वर्जित माना गया है। तो आज हम आपको बताएंगे कि अगर किसी कारणवश गलती से एकादशी का व्रत भंग या खंडित हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।

एकादशी का व्रत खंडित हो जाए तो क्या करना चाहिए?

1. अगर गलती से एकादशी का व्रत भंग हो जाता है तो ऐसे में विष्णु जी की उपासना करते हुए उनके क्षमा याचना करें और अपनी भूल का प्रायश्चित करें। भविष्य में ऐसी भूल दोबारा न करने का संकल्प लें।

2. एकादशी का व्रत खंडित होने पर सबसे पहले फिर से स्नान करें और साफ वस्त्र पहन कर भगवान विष्णु की मूर्ति का दुग्ध, दही, मधु और चीनी से युक्त पंचामृत से अभिषेक करें। फिर श्री हरि भगवान विष्णु की षोडशोपचार पूजा करें। प्रभु से क्षमा-याचना करते हुए इस मंत्र का जाप करें। मंत्र है- मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन। यत्पूजितं मया देव परिपूर्ण तदस्तु मे॥ ॐ श्री विष्णवे नमः। क्षमा याचनाम् समर्पयामि॥

3. एकादशी का व्रत खंडित हो जाने पर भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मन्त्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का यथाशक्ति तुलसी की माला से जप करें। कम से कम 11 माला अवश्य करें। इसके पश्चात आप एक माला का हवन भी कर सकते हैं।

4. भगवान विष्णु के मंदिर में  पंडित को पीले वस्त्र, फल, मिष्ठान्न, धर्मग्रन्थ, चने की दाल, हल्दी, केसर आदि वस्तु दान करें।

5. भगवान विष्णु के स्तोत्रों का भक्तिपूर्वक पाठ करें।

6. गौ, ब्राह्मण और कन्याओं को भोजन कराएं।

7. यदि भूलवश से एकादशी का व्रत छूट जाता है तो आप प्रायश्चित के साथ ही निर्जला एकादशी का संकल्प ले सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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