1. Hindi News
  2. धर्म
  3. गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणपति स्थापना? जानें मूर्ति स्थापित करने की सही विधि और जरूरी नियम

गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणपति स्थापना? जानें मूर्ति स्थापित करने की सही विधि और जरूरी नियम

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी पर हिंदू परिवारों में गणपति की स्थापना की जाती है। गणेश स्थापना सही विधि और नियमों से किया जाना ही शुभ माना जाता है। मूर्ति की दिशा से लेकर भोग तक, स्थापना के समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

ganpati sthapna vidhi, ganpati sthapna niyam, गणपति स्थापना की विधि और नियम- India TV Hindi
Image Source : PINTEREST गणपति स्थापना की विधि और नियम

गणेश चतुर्थी के साथ घर-घर गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा घर लाकर विधि-विधान से उनकी स्थापना करते हैं। इस दौरान पूजा की सही विधि और नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। इस साल 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत 14 सितंबर, सोमवार से हो रही है। आइए जानते हैं गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने की सही विधि क्या है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

मूर्ति चुनते समय ध्यान दें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में गणेश जी की बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा रखना शुभ बताया है। इसे सुख और प्रसन्नता से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, दाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा की पूजा में विशेष नियमों का पालन जरूरी है। घर के लिए बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा को भी शुभ माना जाता है। इसे ललितासन मुद्रा कहा जाता है। मान्यता है कि यह घर में शांत वातावरण बनाए रखने में सहायक होती है।

गणेश स्थापना की पूजा विधि

1. स्नान और पूजा की तैयारी: गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के स्वच्छ स्थान पर पूजा की तैयारी करें।

2. चौकी: पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। अब लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं। 

3. स्वास्तिक: एक थाली लें और उसमें चंदन या कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। अब इसी स्वास्तिक के ऊपर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

4. रिद्धि-सिद्धि की स्थापना: गणेश जी की प्रतिमा के दोनों ओर रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक के रूप में सुपारी रखें।

5. कलश स्थापना: गणेश जी के दाईं ओर मिट्टी, तांबे या पीतल का कलश रखें। इसमें जल भरें और ऊपर आम के पत्ते लगाकर नारियल रखें।

6. गणपति का ध्यान: हाथ में अक्षत लेकर भगवान गणेश का ध्यान करें और फिर अक्षत उनके चरणों में अर्पित करें।

7. पूजा सामग्री और भोग: गणपति बप्पा को फूलों की माला, दूर्वा, हल्दी, मौली, चंदन और नारियल आदि अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। 

8. मंत्र का जाप करें: इसके बाद घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान गणेश के मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करेंः

  • वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:।
  • निर्विघ्नं कुरु मे देव: सर्वकार्येषु सर्वदा॥

9. चालीसा और आरती: अंत में गणेश चालीसा का पाठ करें और विधि-विधान से भगवान गणेश की आरती करें।

गणेश स्थापना के जरूरी नियम

  • घर में गणेश जी की बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है।
  • घर के लिए बैठी हुई मुद्रा वाले गणेश जी की प्रतिमा को शुभ माना गया है।
  • गणेश पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं करने चाहिए। 
  • पूजा में केतकी का फूल, टूटे या सूखे अक्षत न चढ़ाएं।
  • पूजा स्थल की साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
  • गणपति बप्पा को सुबह-शाम भोग लगाने की परंपरा है।
  • भगवान को एक लोटा जल जरूर अर्पित करें।
  • जितने दिन गणेश जी घर में विराजमान रहें, उतने दिन दोनों समय आरती करें।
  • गणपति की प्रतिमा को घर में रखते समय घर को पूरी तरह खाली न छोड़ें।
  • इस दौरान घर में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल न करने की मान्यता है।
  • गणेश जी की प्रतिमा को अपवित्र हाथों से न छुएं।
  • पूजा हमेशा पूरी श्रद्धा और बिना जल्दबाजी के करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 15 सितंबर को है ऋषि पंचमी व्रत: अभी नोट करें संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट और शुभ मुहूर्त