हरतालिका तीज पर महिलाएं प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा करती हैं, साथ ही इस दौरान तीज की पावन कथा भी सुनती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन हरतालिका तीज की पावन कथा के साथ-साथ गणेश जी की कहानी सुनना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं इस कहानी को सुनने से किसी भी व्रत-पूजन का पूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। जानिए ये कौन सी कथा है।
गणेश जी की कहानी
एक गांव में एक बूढ़ी अम्मा रहती थी, जो प्रतिदिन मिट्टी के गणेश बनाकर उनकी पूजा करती थी। लेकिन उसकी परेशानी ये थी कि कच्ची मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा रोज-रोज बनानी पड़ती थी क्योंकि मिट्टी की होने के कारण वो प्रतिमा अधिक समय तक के लिए टिक नहीं पाती थी। एक दिन उस बूढ़ी अम्मा के घर के पास एक सेठ का भव्य मकान बन रहा था। बुढ़िया मकान बनाने वाले मिस्त्री से जाकर बोली कि मेरे लिए पत्थर का गणेश बना देंगे। इस पर मिस्त्री ने कहा कि जितने में हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में हम अपनी दीवार ना चिनेंगे।
फिर बुढ़िया बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। फिर क्या था इसके बाद से दीवार सीधी ही नहीं बनी। यही करते-करते मिस्त्रियों को शाम हो गई। शाम को जब सेठ आये तो उन्होंने कहा कि आज कुछ भी नहीं किया। तब एक मिस्त्री ने कहा कि एक बुढ़िया आई थी जो अपने लिए पत्थर की गणेश प्रतिमा बनवाना चाहती थी, हमने उसका ये काम नहीं किया फिर उसने कहा तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। तब से दीवार सीधी ही नहीं बन रही है। यह सुन सेठ ने बुढ़िया को बुलवाया। सेठ ने कहा हम आपके लिए सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दो। सेठ ने अपना वादा निभाते हुए बुढ़िया के लिए सोने की गणेश प्रतिमा बनवा दी। जिसके बाद सेठ की दीवार सीधी हो गई। हे गणेश भगवान जैसे आपने सेठ की दीवार सीधी की वैसी ही सबकी करना।
हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त 2026
हरतालिका तीज पर प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 8:22 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा करें और साथ ही कथा भी जरूर सुनें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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