Garud Puran: गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने अपने वाहन पक्षीराज गरुड़ को जीवन-मृत्यु और पुनर्जन्म के संबंध में गूढ़ रहस्य बताए हैं। गरुड़ पुराण में यह भी वर्णित है कि मृत्यु से पहले व्यक्ति को किस तरह के अनुभव होते हैं और कौन से संकेत मिलते हैं। यह संकेत मृत्यु से कुछ महीने पहले ही व्यक्ति को दिखने शुरू हो जाते हैं। हालांकि यह संकेत तभी दिखाई देते हैं जब व्यक्ति की प्राकृतिक मृत्यु होती है। आइए विस्तार से जानते हैं इन संकेतों के बारे में।
अदृश्य आत्माओं का अहसास
गरुड़ पुराण के अनुसार अगर व्यक्ति की मृत्यु निकट है तो उसे अपने आसपास आत्माओं का अहसास होता है। व्यक्ति को महसूस हो सकता है कि कोई साया उसे सामने से गुजरा है या उसके आसपास कहीं बैठा है।
परछाई का धुंधला दिखाई देना
अगर किसी व्यक्ति को पानी में, शीशे में या तेल में अपनी परछाई स्पष्ट नजर न आए तो ये भी मृत्यु से पहले मिलने वाला संकेत है। वहीं परछाई बिल्कुल ही गायब हो जाए तो समझ लेना चाहिए कि मृत्यु बहुत निकट है।
नाक का न दिखाई देना
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु से पहले नाक का अग्रभाग दिखना भी बंद हो जाता है। कई कोशिशों के बाद भी अगर आंखों से नाक का अग्रभाग न दिखाई दे तो व्यक्ति की मृत्यु बहुत निकट हो सकती है।
इन सपनों का आना
अगर सपने में आपको बुझा हुआ दीपक बार-बार दिख रहा है, सूखे पेड़ दिख रहे हैं, काला कुत्ता बार-बार दिखाई दे रहा है तो इसे भी गरुड़ पुराण में मृत्यु से पहले मिलने वाला संकेत माना गया है।
शरीर के रंग में परिवर्तन आना
अगर आपके शरीर का रंग बार-बार बदलने लगा है यानि कभी काला, कभी सफेद, कभी पीला पड़ने लगा है खासकर आपका चेहरा तो इसे भी गरुड़ पुराण में मृत्यु का संकेत माना गया है।
गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे संकेत मिलने के बाद व्यक्ति को ईश्वर की आराधना करनी चाहिए और ध्यान करके ज्ञान प्राप्ति की कोशिश करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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