अक्टूबर के महीने में देवगुरु बृहस्पति राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। 31 अक्टूबर की दोपहर गुरु का गोचर कर्क राशि से सिंह राशि में होगा। मित्र राशि सिंह में गुरु के गोचर से कुछ राशियों को जीवन में बेहद शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इन राशियों को भाग्य का भी सहयोग मिलेगा। आज इन्हीं राशियों के बारे में हम आपको जानकारी देंगे।
मेष राशि
गुरु ग्रह आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। यह भाव शिक्षा, प्रेम और संतान का कारक माना जाता है। गुरु के गोचर के चलते आपको शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। कुछ लोगों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। मान-सम्मान और उच्च पद की प्राप्ति भी इस राशि के लोगों को हो सकती है। नव विवाहित लोगों के जीवन में नए मेहमान की दस्तक होने के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
सिंह राशि
गुरु का गोचर आपकी ही राशि में होगा यानि आपके प्रथम भाव में। गुरु के गोचर के चलते आप मानसिक रूप से सशक्त होंगे और आपकी बौद्धिक क्षमता भी बढ़ सकती है। इस राशि के जो लोग साझेदारी में कारोबार करते हैं उन्हें मुनाफा मिलने के योग हैं। आपके अटके हुए काम बन सकते हैं और साथ ही कुछ लोग अपना कारोबार भी शुरू कर सकते हैं। भाग्य का भी पूरा सहयोग सिंह राशि के जातकों को प्राप्त होगा।
धनु राशि
धनु राशि वालों गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके भाग्य भाव में गुरु का गोचर होगा। यह गोचर आपकी किस्मत चमका सकता है। इस राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ लोगों को पदोन्नति मिलने के भी योग हैं। आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। गुरु के गोचर के चलते आप धार्मिक कार्यों में भी रुचि ले सकते हैं, कुछ लोग धार्मिक यात्राओं पर भी जा सकते हैं।
कुंभ राशि
गुरु ग्रह का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। इस गोचर के प्रभाव से साझेदारी के कारोबार में इस राशि के लोगों को मनचाहा मुनाफा मिल सकता है। किस्मत इन लोगों के साथ खड़ी रहेगी इसलिए अपना काम भी कुंभ वाले शुरू कर सकते हैं। बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलने के योग हैं। आपका बैंक बैलेंस भी बढ़ सकता है। गुरु का गोचर कुंभ वालों के वैवाहिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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