Guruwar Vrat Puja Vidhi: सप्ताह का गुरुवार का दिन बृहस्पति देव और जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत करने का भी विधान है। गुरुवार का व्रत करने से जहां कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है। वहीं घर में आर्थिक समृद्धि भी आती है। जिन अविवाहित लोगों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं उन्हें गुरुवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। इस व्रत को करने से शीघ्र विवाह का योग बनता है। साथ ही मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
गुरुवार पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
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गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। नहाने वाले पानी में थोड़ा हल्दी मिला लें। यह शुभ माना जाता है।
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इसके बाद हाथ में जल लेकर गुरुवार व्रत का संकल्प लें।
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मंदिर या पूजा स्थल का साफ कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें।
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अब एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
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भगवान को जल अर्पित करें। फिर हल्दी या केसरिया चंदन का तिलक लगाएं। अब भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं।
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नारायण की मूर्ति पर पीले फूल, पीले अक्षत (हल्दी से रंगे चावल) चढ़ाएं।
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श्री हरि विष्णु को चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। इसके साथ ही कोई भी पीली मिठाई और केला अर्पित करें।
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गुरुवार की व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। आरती के बाद भगवान विष्णु की आरती करें।
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आरती के बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
गुरुवार को इन मंत्रों का करें जाप
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ विष्णवे नमः
- ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्
- ॐ बृं बृहस्पतये नमः
गुरुवार को क्या करें और क्या नहीं?
- केले पेड़ की पूजा करें
- पीले अनाज, वस्त्र और हल्दी का दान करें
- बाल, नाखून न काटें।
- कपड़े और बाल न धोएं
- गुरुवार को घर में पोछा लगाने की भी मनाही है।
- गुरुवार का व्रत रख रहे हैं तो नमक का सेवन न करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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