1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को है हनुमान जयंती, जानें क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका इतिहास

Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को है हनुमान जयंती, जानें क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका इतिहास

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती यानी हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये त्योहार क्यों और कैसे मनाया जाता है? चलिए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

hanuman jayanti- India TV Hindi
Image Source : CANVA हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?

Hanuman Jayanti 2026: सबसे पहले तो ये जान लें कि इस साल हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन घरों और मंदिरों में हनुमान जी की विधि विधान पूजा की जाएगी। साथ ही जगह-जगह भंडारों का आयोजन होगा। बता दें हनुमान जयंती एक अत्यंत पावन दिन है जो बजरंगबली को समर्पित है। मान्यताओं अनुसार इस शुभ दिन पर व्रत रखने और भगवान हनुमान की विधि विधान पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं ये त्योहार क्यों और कैसे मनाया जाता है।

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है (Hanuman Jayanti Kyu Manai Jati Hai)

पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जयंती का पावन पर्व भगवान हनुमान के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। कहते हैं चैत्र पूर्णिमा के दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। हनुमान जी की माता का नाम अंजना देवी और पिता का नाम केसरी था, इसलिए उन्हें अंजनीपुत्र और केसरीनंदन भी कहा जाता है। भगवान हनुमान की मां अंजना देवी शिव जी की बड़ी भक्त थीं। पुत्र प्राप्ति के लिए उन्होंने कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि वे स्वयं ही उनके पुत्र के रूप में जन्म लेंगे। कहते हैं उसी समय राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया था और इस यज्ञ से प्राप्त दिव्य खीर का एक भाग पवन देव द्वारा अंजना देवी तक जा पहुंचा। जिसे ग्रहण करने के बाद उन्होंने हनुमान जी को जन्म दिया। 

हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है? (Hanuman Jayanti Kaise Manate Hain)

  • हनुमान जयंती पर भक्त व्रत रखते हैं।
  • इस दिन मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं।
  • इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने का विशेष महत्व माना जाता है।
  • हनुमान जयंती पर जगह-जगह पर भंडारा का भी आयोजन किया जाता है।
  • इस दिन मंदिरों में जाकर भगवान हनुमान को तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा पर किसकी पूजा होती है? यहां जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Walking Style Astrology: ऐसी चाल वाले लोग रचते हैं इतिहास, जानें क्या कहता है आपका चलने का अंदाज!