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बजरंगबली की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार को क्यों माना जाता है सबसे उत्तम? जानें धार्मिक मान्यताएं

सप्ताह का मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसे में आज हम ज्योतिषि चिराग बेजान दारूवाला से जानेंगे कि इन दोनों दिन बजरंगबली की पूजा का क्या धार्मिक महत्व है।

बजरंगबली- India TV Hindi
Image Source : META AI बजरंगबली

हनुमान जी को शक्ति, भक्ति, बुद्धि और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। वे राम भक्त, संकटमोचन और कलियुग के देवता हैं, जिनकी कृपा से भक्तों के जीवन में आने वाली हर तरह की बाधा दूर हो जाती है।
हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को भय, रोग, शत्रु, बाधा, भूत-प्रेत, कर्ज और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को उनकी पूजा करने से ग्रह दोष (मंगल और शनि) दूर होते हैं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से भक्तों को अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और साहस का अनुभव होता है। 

इसके अलावा हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति में संयम, विनम्रता, सेवा भावना और दृढ़ भक्ति उत्पन्न होती है।  बिना किसी स्वार्थ के सेवा, भक्ति और समर्पण के माध्यम से भगवान को पाया जा सकता है। इसलिए कहा जाता है कि कलियुग में हनुमान जी ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो तुरंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं। आइए ज्योतिषी चिराग दारूवाला से जानते हैं की क्यों मंगलवार और शनिवार को ही होती है बजरंगबली की पूजा के बारे में।

मंगलवार को हनुमान पूजा

मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जिसे ज्योतिष में क्रूर ग्रह माना जाता है। हनुमान जी को मंगल ग्रह का नियंत्रक माना जाता है। उनकी पूजा से मंगल दोष, रक्त विकार, दुर्घटना की संभावना और क्रोध जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। मंगलवार का संबंध ऊर्जा, शक्ति और पराक्रम से है - ये सभी गुण हनुमान जी में मौजूद हैं। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। हनुमान जी ब्रह्मचारी थे और मंगलवार का व्रत करने से मानसिक और शारीरिक संयम की शक्ति मिलती है।

शनिवार को हनुमान पूजा

एक पौराणिक कथा के अनुसार, शनि देव को रावण ने बंदी बना लिया था और हनुमान जी ने उन्हें मुक्त कराया था। बदले में शनि देव ने वादा किया था कि वे हनुमान जी की पूजा करने वाले किसी को भी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने से शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष से राहत मिलती है। शनिवार को कष्ट और कर्म का दिन माना जाता है। हनुमान जी को 'संकट मोचक' कहा जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं। इस दिन सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण आदि का पाठ करने से विशेष फल मिलता है।

(ज्योतिषी चिराग दारूवाला विशेषज्ञ ज्योतिषी बेजान दारूवाला के पुत्र हैं। उन्हें प्रेम, वित्त, करियर, स्वास्थ्य और व्यवसाय पर विस्तृत ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है।)

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