1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Krishna Janmashtami Arti Lyrics LIVE: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की..., जन्माष्टमी की रात जरूर करें भगवान कृष्ण की यह आरती

Krishna Janmashtami Arti Lyrics LIVE: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की..., जन्माष्टमी की रात जरूर करें भगवान कृष्ण की यह आरती

Janmashtami 2026 Shri Krishna Aarti Lyrics (आरती कुंजबिहारी की लिरिक्स) Live: आज यानी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस पर्व पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा होती है। साथ ही पूजा के दौरान उनकी आरती जरूर गाई जाती है। चलिए जानते हैं श्रीकृष्ण भगवान की आरती के लिरिक्स।

krishna aarti lyrics- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV कृष्ण जी की आरती के लिरिक्स

Janmashtami 2026 Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics Live: जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में बाल गोपाल की विधि विधान पूजा करते हैं। उन्हें उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाते हैं और रात 12 बजे उनका पंचामृत से अभिषेक करके उनकी आरती उतारते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्माष्टमी पर कौन-कौन सी आरती की जाती हैं? तो आपको बता दें जन्माष्टमी पर सबसे पहले भगवान गणेश की आरती की जाती है। इसके बाद श्रद्धालु भगवान कृष्ण की आरती करते हैं। ये आरती है - आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...चलिए जानते हैं इस आरती के लिरिक्स। 

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की (Krishna Janmashtami Ki Aarti)

  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • गले में बैजंती माला,
  • बजावै मुरली मधुर बाला ।
  • श्रवण में कुण्डल झलकाला,
  • नंद के आनंद नंदलाला ।
  • गगन सम अंग कांति काली,
  • राधिका चमक रही आली ।
  • लतन में ठाढ़े बनमाली
  • भ्रमर सी अलक,
  • कस्तूरी तिलक,
  • चंद्र सी झलक,
  • ललित छवि श्यामा प्यारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
  • देवता दरसन को तरसैं ।
  • गगन सों सुमन रासि बरसै ।
  • बजे मुरचंग,
  • मधुर मिरदंग,
  • ग्वालिन संग,
  • अतुल रति गोप कुमारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • जहां ते प्रकट भई गंगा,
  • सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
  • स्मरन ते होत मोह भंगा
  • बसी शिव सीस,
  • जटा के बीच,
  • हरै अघ कीच,
  • चरन छवि श्रीबनवारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
  • बज रही वृंदावन बेनू ।
  • चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
  • हंसत मृदु मंद,
  • चांदनी चंद,
  • कटत भव फंद,
  • टेर सुन दीन दुखारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

श्री लड्डू गोपाल जी की आरती (Laddo Gopal Ki Aarti)

  • आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
  • अपना जन्म सफल कर लीजे ।।
  • श्री यशोदा का परम दुलारा।
  • बाबा की अखियन का तारा ।।
  • गोपियन के प्राणों का प्यारा।
  • इन पर प्राण न्योछावर कीजे ।।
  • ।। आरती ।।
  • बलदाऊ के छोटो भैय्या ।
  • कान्हा कहि कहि बोलत मैय्या ।।
  • परम मुदित मन लेत बलैय्या।
  • यह छबि नैनन में भरि लीजे।।
  • ।। आरती ।।
  • श्री राधावर सुघर कन्हैय्या ।
  • ब्रज जन का नवनीत खवैय्या ।।
  • देखत ही मन नयन चुरैय्या।
  • अपना सर्वश्व इनको दीजे ।।
  • ।। आरती ।।
  • तोतर बोलनि मधुर सुहावे ।
  • सखन मधुर खेलत सुख पावे ।।
  • सोई सुकृति जो इनको ध्याये।
  • अब इनको अपनो करि लीजे ।।
  • ।। आरती ।।

Live updates : Krishna Janmashtami Aarti Live: जन्माष्टमी की सुबह-शाम जरूर करें यह आरती, नोट करें कृष्ण जी की सबसे फलदायी आरती के लिरिक्स

  • 12:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Aarti: जन्माष्टमी के दिन कौन-कौन सी आरती करनी है?

    जन्माष्टमी के दिन भगवान गणेश और भगवान कृष्ण की आरती जरूर करनी चाहिए। इसके अलावा इस दिन राधा माता की आरती करना भी बेहद शुभ माना जाता है।

  • 11:43 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Bhaye Pragat Kripala Dindayal Aarti Lyrics: भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी

    भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।
    हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥
    कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
    तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
    तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
    तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
    जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
    गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
    कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
    बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
    तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
    ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
    यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
    तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
    नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
    देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
    जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
    चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥

  • 11:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    janmashtami Vrat Kab Khole: जन्माष्टमी व्रत कब खोला जाएगा?

    जन्माष्टमी का व्रत अगले दिन सुबह यानी 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद खोलना है।

  • 11:03 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics: आरती कुंजबिहारी की लिरिक्स

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    गले में बैजंती माला,
    बजावै मुरली मधुर बाला ।
    श्रवण में कुण्डल झलकाला,
    नंद के आनंद नंदलाला ।
    गगन सम अंग कांति काली,
    राधिका चमक रही आली ।
    लतन में ठाढ़े बनमाली
    भ्रमर सी अलक,
    कस्तूरी तिलक,
    चंद्र सी झलक,
    ललित छवि श्यामा प्यारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
    देवता दरसन को तरसैं ।
    गगन सों सुमन रासि बरसै ।
    बजे मुरचंग,
    मधुर मिरदंग,
    ग्वालिन संग,
    अतुल रति गोप कुमारी की,
    श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    जहां ते प्रकट भई गंगा,
    सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
    स्मरन ते होत मोह भंगा
    बसी शिव सीस,
    जटा के बीच,
    हरै अघ कीच,
    चरन छवि श्रीबनवारी की,
    श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
    बज रही वृंदावन बेनू ।
    चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
    हंसत मृदु मंद,
    चांदनी चंद,
    कटत भव फंद,
    टेर सुन दीन दुखारी की,
    श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    आरती कुंजबिहारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

  • 10:49 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    जन्माष्टमी पर चांद कितने बजे निकलेगा

    जन्माष्टमी पर चांद रात 11 बजकर 30 मिनट पर निकलने के आसार हैं।

  • 10:14 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Aarti Ke Baad Kya Kare: जन्माष्टमी आरती के बाद क्या करें

    जन्माष्टमी आरती के बाद भगवान को भोग लगाएं। फिर उन्हें झूला झुलाएं। भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद सभी में बांट दें।

  • 9:48 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Krishna Ji Ki Aarti Lyrics: क्या कृष्ण जी की आरती रात 12 बजे से पहले कर सकते हैं?

    जी हां, आप आरती पहले भी कर सकते हैं। लेकिन शास्त्रों अनुसार जन्माष्टमी की आरती रात 12 बजे लड्डू गोपाल को अभिषेक करने के बाद करनी चाहिए।

  • 9:28 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Kanha Ki Aarti Lyrics: ​हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी

    • हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी
    • हे प्रिया पति मैं करूं आरती तेरी
    • तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं
    • सांज-सवेरे तेरे गुण गाऊं
    • प्रेम में रंगी मैं, रंगी भक्ति में तेरी
    • हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी
    • हे प्रिया पति मैं करूं आरती तेरी
    • ये माटी का तन है तेरा, मन और प्राण भी तेरे
    • मैं एक गोपी, तुम हो कन्हैया, तुम हो भगवन मेरे
    • कृष्णा कृष्णा कृष्णा रटे आत्मा मेरी
    • हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी
    • हे प्रिया पति मैं करूं आरती तेरी
    • ओ कान्हा तेरा रूप अनुपम, मन को हरता जाये
    • मन ये चाहे हरपल अंखियां, तेरा दर्शन पाये
    • दर्श तेरा, प्रेम तेरा, आश है मेरी
    • हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी
    • हे प्रिया पति मैं करूं आरती तेरी
    • तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं
    • सांज-सवेरे तेरे गुण गाऊं
    • प्रेम में रंगी मैं, रंगी भक्ति में तेरी
    • हे गोपाल कृष्णा करूं आरती तेरी
  • 9:23 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Radhe Krishna Aarti Lyrics: ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण..

    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • चंद्रमुखी चंचल चितचोरी। (राधा)
    • सुघर सांवरा सूरत भोरी। (कृष्ण)
    • श्यामा-श्याम एक-सी जोरी।(राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • पंचरंग चूनर केसर न्यारी। (राधा)
    • पट पीतांबर कामर कारी। (कृष्ण)
    • एकरूप अनुपम छबि प्यारी (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • चंद्र-चंद्रिका चमचम चमकै। (राधा)
    • मोर मुकुट सिर दमदम दमकै। (कृष्ण)
    • युगल-प्रेम रस झमझम झमकै (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • कस्तूरी कुंकुम जुत बिंदा। (राधा)
    • चंदन चारु तिलक ब्रज चंदा। (कृष्ण)
    • सुहृद-लाड़ली लाल सुनंदा। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • घूंमघुमारो घांघर सोहै। (राधा)
    • कटिकछनी कमलापति सोहै। (कृष्ण)
    • कमलासन सुर-मुनि-मन मोहै। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • रत्नजटित आभूषण सुंदर। (राधा)
    • कौस्तुभमणि कमलांकित नटवर। (कृष्ण)
    • रणत्क्वणत् मुरली-ध्वनि मनहर। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • मंद हंसन मतवारे नैना। (राधा)
    • मनमोहन मन हारे सैना। (कृष्ण)
    • मृदु मुसुकावनि मीठे बैना। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • श्रीराधा भव-बाधा-हारी। (राधा)
    • संकट-मोचन कृष्ण मुरारी। (कृष्ण)
    • एक शक्ति, एकहि आधारी। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • जगज्ज्योति जगजननी माता। (राधा)
    • जगजीवन, जग-पितु जग-दाता।। (कृष्ण)
    • जगदाधार, जगद्विख्याता। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • राधा राधा कृष्ण कन्हैया। (राधा)
    • भव-भय सागर पार लगैया। (कृष्ण)
    • मंगल-मूरति, मोक्ष-करैया। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • सर्वेश्वरी सर्व-दुख-दाहन। (राधा)
    • त्रिभुवनपति, त्रयताप-नसावन।। (कृष्ण)
    • परम देवि, परमेश्वर पावन। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • त्रिसमय युगलचरण चित ध्यावै। (राधा)
    • सो नर जगत परमपद पावै। (कृष्ण)
    • राधाकृष्ण 'छैल' मन भावै। (राधाकृष्ण)
    •  
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
  • 9:20 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    हे नाथ नारायण॥
    पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    हे नाथ नारायण॥
    ॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...

    बंदी गृह के, तुम अवतारी
    कही जन्मे, कही पले मुरारी
    किसी के जाये, किसी के कहाये
    है अद्भुद, हर बात तिहारी॥
    है अद्भुद, हर बात तिहारी॥
    गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
    बट गए दोनों में, आधे आधे
    हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
    सदैव भक्तों के, काम साधे॥
    सदैव भक्तों के, काम साधे॥
    वही गए वही, गए वही गए
    जहाँ गए पुकारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    गीता में उपदेश सुनाया
    धर्म युद्ध को धर्म बताया
    कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
    यह सन्देश तुम्ही से पाया
    अमर है गीता के बोल सारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    त्वमेव माता च पिता त्वमेव
    त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
    त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
    त्वमेव सर्वं मम देव देवा
    ॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी॥

    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा॥
    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा॥

    हरी बोल, हरी बोल,
    हरी बोल, हरी बोल॥

    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा
    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा॥

  • 8:50 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: बड़ी देर भई नंदलाला

    बड़ी देर भई नंदलाला 
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
    कहाँ है मुरली वाला रे
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    कोई ना जाए कुञ्ज गलिन में,
    तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।
    तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।
    तरस रहे हैं..
    तरस रहे हैं जमुना के तट,
    धुन मुरली की सुनने को ।
    अब तो दरस दिखा दे नटखट,
    क्यों दुविधा में डाला रे ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    संकट में है आज वो धरती,
    जिस पर तूने जनम लिया ।
    जिस पर तूने जनम लिया ।
    पूरा कर दे...
    पूरा कर दे आज वचन वो,
    गीता में जो तूने दिया ।
    कोई नहीं है तुझ बिन मोहन,
    भारत का रखवाला रे ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
    कहाँ है मुरली वाला रे ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला।

  • 8:23 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी भगवान कृष्ण भोग लिस्ट

    ताजा माखन और मिश्री: कान्हा को माखन-मिश्री का भोग सबसे प्रिय है। 
    धनिया पंजीरी: भुने हुए धनिये, देसी घी, चीनी और मेवों से इसे तैयार किया जाता है।
    मखाने की खीर: दूध और मखाने से इसे तैयार किया जाता है।
    पंचामृत: मुख्य प्रसाद
    फल व मेवे: केल, सेब और मेवे।  

  • 7:56 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं लिरिक्स

    अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं ।
    हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥

    वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं ।
    चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥

    वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ ।
    नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥

    गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं ।
    रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥४॥

    करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरं ।
    वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥५॥

    गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा ।
    सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥६॥

    गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं।
    दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥७॥

    गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा ।
    दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥८॥

  • 7:30 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं लिरिक्स

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
    तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
    बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
    माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
    गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    नाम जपते चलो काम करते चलो,
    हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

    याद आएगी उनको कभी ना कभी,
    कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।

    अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
    राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

  • 6:53 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: ॐ जय जगदीश हरे आरती

    ॐ जय जगदीश हरे,
    स्वामी जय जगदीश हरे ।
    भक्त जनों के संकट,
    दास जनों के संकट,
    क्षण में दूर करे ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    जो ध्यावे फल पावे,
    दुःख बिनसे मन का,
    स्वामी दुःख बिनसे मन का ।
    सुख सम्पति घर आवे,
    सुख सम्पति घर आवे,
    कष्ट मिटे तन का ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    मात पिता तुम मेरे,
    शरण गहूं किसकी,
    स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।
    तुम बिन और न दूजा,
    तुम बिन और न दूजा,
    आस करूं मैं जिसकी ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    तुम पूरण परमात्मा,
    तुम अन्तर्यामी,
    स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
    पारब्रह्म परमेश्वर,
    पारब्रह्म परमेश्वर,
    तुम सब के स्वामी ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    तुम करुणा के सागर,
    तुम पालनकर्ता,
    स्वामी तुम पालनकर्ता ।
    मैं मूरख फलकामी,
    मैं सेवक तुम स्वामी,
    कृपा करो भर्ता॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    तुम हो एक अगोचर,
    सबके प्राणपति,
    स्वामी सबके प्राणपति ।
    किस विधि मिलूं दयामय,
    किस विधि मिलूं दयामय,
    तुमको मैं कुमति ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
    ठाकुर तुम मेरे,
    स्वामी रक्षक तुम मेरे ।
    अपने हाथ उठाओ,
    अपने शरण लगाओ,
    द्वार पड़ा तेरे ॥
    ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

    विषय-विकार मिटाओ,
    पाप हरो देवा,
    स्वमी पाप हरो देवा ।
    श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
    श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
    सन्तन की सेवा ॥

    ॐ जय जगदीश हरे,
    स्वामी जय जगदीश हरे ।
    भक्त जनों के संकट,
    दास जनों के संकट,
    क्षण में दूर करे ॥

  • 6:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: आरती युगलकिशोर की कीजै

    आरती युगलकिशोर की कीजै ।
    तन मन धन न्योछावर कीजै ॥
    गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।
    हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥

    रवि शशि कोटि बदन की शोभा ।
    ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥

    ओढ़े नील पीत पट सारी ।
    कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥

    फूलन सेज फूल की माला ।
    रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला ॥

    कंचन थार कपूर की बाती ।
    हरि आए निर्मल भई छाती ॥

    श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी ।
    आरती करें सकल नर नारी ॥

    नंदनंदन बृजभान किशोरी ।
    परमानंद स्वामी अविचल जोरी ॥

  • 5:54 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा मैया देदो: बधाई भजन

    लल्ला की सुन के मै आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई,
    कान्हा की सुनके मै आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई,
    लाला जनम सुन आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

    देदो बधाई मैया देदो बधाई,
    लल्ला की सुन के मै आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

    टीका भी लूँगी मैया,
    बिंदियां भी लूँगी,
    रेशम की लूँगी रजाई,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

    साड़ी भी लूँगी मैया,
    लहँगा भी लूँगी,
    धोती भी लूँगी मैया,
    कुर्ता भी लूँगी,
    पगडि की होगी चढ़ाई,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

    हरवा भी लूँगी मैया,
    चुड़ि भी लूँगी,
    कंगना पे होगी चढ़ाई,
    यशोदा मैया देदो बधाई।

    चन्द्र सखी भज,
    बाल कृष्ण छवि,
    नित नित जाऊँ बलिहारी,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

    लल्ला की सुन के मै आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई,
    कान्हा की सुनके मै आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई,
    लाला जनम सुन आयी,
    यशोदा मैया देदो बधाई ।

  • 5:34 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी का व्रत कब क्या आज खोल सकते हैं?

    जन्माष्टमी का व्रत वैसे तो अगले दिन खोला जाता है। लेकिन आज के समय में कई लोग ये व्रत रात 12 बजे के बाद खोल लेते हैं। लेकिन शास्त्रों की मानें तो ये व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद खोलना चाहिए।

  • 5:31 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन - भोग आरती

    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    दुर्योधन को मेवा त्यागो,
    साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल
    रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    वृदावन की कुञ्ज गली मे,
    आओं रास रचाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    राधा और मीरा भी बोले,
    मन मंदिर में आओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    गिरी, छुआरा, किशमिश मेवा,
    माखन मिश्री खाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    सत युग त्रेता दवापर कलयुग,
    हर युग दरस दिखाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    जो कोई तुम्हारा भोग लगावे
    सुख संपति घर आवे प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    ऐसा भोग लगाओ प्यारे मोहन
    सब अमृत हो जाये प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    जो कोई ऐसा भोग को खावे
    सो त्यारा हो जाये प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

  • 4:35 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: अथ श्री कृष्णाष्टकम्

    वसुदेव सुतं देवंकंस चाणूर मर्दनम्।

    देवकी परमानन्दंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥1॥

    अतसी पुष्प सङ्काशम्हार नूपुर शोभितम्।

    रत्न कङ्कण केयूरंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥2॥

    कुटिलालक संयुक्तंपूर्णचन्द्र निभाननम्।

    विलसत् कुण्डलधरंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥3॥

    मन्दार गन्ध संयुक्तंचारुहासं चतुर्भुजम्।

    बर्हि पिञ्छाव चूडाङ्गंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥4॥

    उत्फुल्ल पद्मपत्राक्षंनील जीमूत सन्निभम्।

    यादवानां शिरोरत्नंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥5॥

    रुक्मिणी केलि संयुक्तंपीताम्बर सुशोभितम्।

    अवाप्त तुलसी गन्धंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥6॥

    गोपिकानां कुचद्वन्द्वकुङ्कुमाङ्कित वक्षसम्।

    श्रीनिकेतं महेष्वासंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥7॥

    श्रीवत्साङ्कं महोरस्कंवनमाला विराजितम्।

    शङ्खचक्रधरं देवंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥8॥

    कृष्णाष्टक मिदं पुण्यंप्रातरुत्थाय यः पठेत्।

    कोटिजन्म कृतं पापंस्मरणेन विनश्यति॥

    ॥ इति श्री कृष्णाष्टकम् सम्पूर्णम् ॥

  • 4:04 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही विधि

    जन्माष्टमी के व्रत में चंद्र देव को अर्घ्य देने और व्रत का पारण करने का विशेष महत्व है। यदि आप जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं, तो इस आसान और सटीक विधि से चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपनी पूजा पूर्ण करें:

    चंद्रमा को जल अर्पित करने के लिए सबसे पहले एक चांदी या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भर लें। अब इस जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, रोली, अक्षत (अखंडित चावल) और सफेद फूल मिलाएं।
    आकाश में चंद्रमा के प्रकट होने पर उनकी ओर मुख करके श्रद्धापूर्वक खड़े हो जाएं। इसके बाद मन ही मन चंद्र देव का ध्यान करें और धीरे-धीरे चंद्रमा को जल अर्पित (अर्घ्य) करें।
    अर्घ्य देते समय 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का निरंतर जाप करें।
    चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद, ठीक रात 12 बजे लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाएं, विधि-विधान से पूजन करें और अंत में आरती करें।
    पूजन और आरती संपन्न करने के बाद आप भगवान का प्रसाद ग्रहण करके अपना व्रत खोल सकते हैं। 

  • 3:31 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Moonrise Time: आज चांद निकलने का समय

    जन्माष्टमी पर चांद कब निकलेगा 2026
    नई दिल्ली चंद्रोदय समय - 11:29 PM
    मथुरा -वृंदावन चंद्रोदय समय - 11:30 PM
    नोएडा चंद्रोदय समय - 11:28 PM
    चण्डीगढ़ चंद्रोदय समय - 11:24 PM
    कोलकाता चंद्रोदय समय - 11:59 PM
    मुम्बई चंद्रोदय समय - 12:12 AM, सितम्बर 05
    बेंगलूरु चंद्रोदय समय - 12:07 AM, सितम्बर 05
    अहमदाबाद चंद्रोदय समय - 12:04 AM, सितम्बर 05
    जम्मू चंद्रोदय समय - 11:26 PM
    चेन्नई चंद्रोदय समय - 11:56 PM
    जयपुर चंद्रोदय समय - 11:40 PM
    पुणे चंद्रोदय समय - 12:10 AM, सितम्बर 05
    हैदराबाद चंद्रोदय समय - 11:53 PM
    गुरुग्राम चंद्रोदय समय - 11:30 PM

  • 3:06 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का अभिषेक कब करें?

    जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का अभिषेक रात 12 बजे के करीब करना चाहिए। इस समय पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें और इसके बाद परिवार के साथ कान्हा की आरती करें।

  • 2:29 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami 2026 Live: बाल गोपाल की आरती

    • आरती जुगल किशोर की कीजै,राधे धन न्यौछावर कीजै। x2
    • रवि शशि कोटि बदन की शोभा,ताहि निरखि मेरा मन लोभा।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै...।
    • गौर श्याम मुख निरखत रीझै,प्रभु को स्वरुप नयन भर पीजै।
    • कंचन थार कपूर की बाती,हरि आये निर्मल भई छाती।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै...।
    • फूलन की सेज फूलन की माला,रतन सिंहासन बैठे नन्दलाला।
    • मोर मुकुट कर मुरली सोहै,नटवर वेष देखि मन मोहै।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै...।
    • आधा नील पीत पटसारी,कुञ्ज बिहारी गिरिवरधारी।
    • श्री पुरुषोत्तम गिरवरधारी,आरती करें सकल ब्रजनारी।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै...।
    • नन्द लाला वृषभानु किशोरी,परमानन्द स्वामी अविचल जोरी।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै,राधे धन न्यौछावर कीजै।
    • आरती जुगल किशोर की कीजै...।
  • 1:40 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Panchamrit Banane Ki Vidhi: पंचामृत कैसे बनाएं?

    पंचामृत सामग्री:

    कच्चा दूध: 1 कप 
    ताज़ा दही: 1/2 कप
    देसी घी: 1 छोटा चम्मच
    शहद: 1 बड़ा चम्मच
    पिसी चीनी या शक्कर: 1-2 बड़े चम्मच
    गंगाजल: 1 छोटा चम्मच
    तुलसी के पत्ते: 8-10 
    मखाना और सूखे मेवे (बारीक कटे हुए - ऐच्छिक)

    पंचामृत बनाने की विधि:

    • सबसे पहले एक तांबे, पीतल या चांदी का साफ बर्तन लें।
    • बर्तन में सबसे पहले ताजा दही और पिसी चीनी डालें और हल्के हाथों से फेंट लें।
    • अब इसमें कच्चा दूध, देसी घी, शहद और गंगाजल डालकर अच्छी तरह मिला लें।
    • अंत में बारीक कटे मखाने, चिरौंजी या मेवे डालें और तुलसी के पत्ते तोड़कर ऊपर से
  • 1:13 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Puja Vidhi: कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

    • भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं। 
    • भगवान की प्रतिमा को चंदन, फूल, माला, नए वस्त्र और आभूषण से सजाएं।
    • उन्हें माखन-मिश्री, फल, खीर, मिठाई अर्पित करें।
    • श्रीकृष्ण की आरती करें।
    • भगवान को झूला जरूर झुलाएं और झूला झुलाते समय नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की गीत गाएं।
    • इसके बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
       
  • 12:36 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Bhog List: जन्माष्टमी की भोग लिस्ट

    • माखन मिश्री 
    • पेढ़ा
    • बर्फी 
    • जलेबी
    • श्रीखंड
    • मालपुआ
    • रसगुल्ला
    • गुलाब जामुन
    • कलाकंद
    • खीर 
    • राबड़ी
    • लड्डू 
  • 12:09 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    janmashtami 2026 Live: नन्द के आनंद भयो लिरिक्स

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    बृज में आनंद भयो,
    जय यशोदा लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    जय हो नंदलाल की,
    जय यशोदा लाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥
    ॥ आनंद उमंग भयो...॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    बृज में आनंद भयो,
    जय यशोदा लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    जय हो नंदलाल की,
    जय यशोदा लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    बृज में आनंद भयो,
    जय यशोदा लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    कोटि ब्रह्माण्ड के,
    अधिपति लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    गौ चरने आये,
    जय हो पशुपाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    कोटि ब्रह्माण्ड के,
    अधिपति लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    गौ चरने आये,
    जय हो पशुपाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    पूनम के चाँद जैसी,
    शोभा है बाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    कोटि ब्रह्माण्ड के,
    अधिपति लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    गौ चरने आये,
    जय हो पशुपाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    भक्तो के आनंद्कनद,
    जय यशोदा लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    जय हो यशोदा लाल की,
    जय हो गोपाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    कोटि ब्रह्माण्ड के,
    अधिपति लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    गौ चरने आये,
    जय हो पशुपाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    आनंद से बोलो सब,
    जय हो बृज लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    जय हो बृज लाल की,
    पावन प्रतिपाल की ।
    गोकुल में आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    कोटि ब्रह्माण्ड के,
    अधिपति लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    गौ चरने आये,
    जय हो पशुपाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की॥

    आनंद उमंग भयो,
    जय हो नन्द लाल की ।
    नन्द के आनंद भयो,
    जय कन्हिया लाल की ॥

    बृज में आनंद भयो,
    जय यशोदा लाल की ।
    हाथी घोडा पालकी,
    जय कन्हिया लाल की ॥

  • 11:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का प्रिय भोग

    जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को माखन मिश्री का भोग अवश्य लगाएं। साथ ही धनिये की पंजिरी, मखाने की खीर और पंचामृत का भी भोग लगाएं।

  • 10:41 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Aarti Time: जन्माष्टमी की आरती का समय

    जन्माष्टमी की आरती का समय रात 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान कृष्ण का अभिषेक करें और उनकी विधि विधान पूजा करें।

  • 10:14 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shri Krishna Chalisa: श्रीकृष्ण चालीसा इन हिंदी

    ।। दोहा ।।
    बंशी शोभित कर मधुर, नील जल्द तनु श्यामल ।
    अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम ।।
    पुरनिंदु अरविन्द मुख, पिताम्बर शुभा साज्ल ।
    जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचंद्र महाराज ।।
    || चौपाई ||
    जय यदुनंदन जय जगवंदन |
    जय वासुदेव देवकी नंदन ।।
    जय यशोदा सुत नन्द दुलारे |
    जय प्रभु भक्तन के रखवारे ।।
    जय नटनागर नाग नथैया |
    कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया ।।
    पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो |
    आओ दीनन कष्ट निवारो ।।
    बंसी मधुर अधर धरी तेरी |
    होवे पूरण मनोरथ मेरी ।।
    आओ हरी पुनि माखन चाखो |
    आज लाज भक्तन की राखो ।।
    गोल कपोल चिबुक अरुनारे |
    मृदुल मुस्कान मोहिनी डारे ।।
    रंजित राजिव नयन विशाला |
    मोर मुकुट वैजयंती माला ।।
    कुंडल श्रवण पीतपट आछे |
    कटी किंकिनी काछन काछे ।।
    नील जलज सुंदर तनु सोहे |
    छवि लखी सुर नर मुनि मन मोहे ।।
    मस्तक तिलक अलक घुंघराले |
    आओ श्याम बांसुरी वाले ।।
    करि पी पान, पुतनाहीं तारयो |
    अका बका कागा सुर मारयो ।।
    मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला |
    भये शीतल, लखिताहीं नंदलाला ।।
    सुरपति जब ब्रिज चढ़यो रिसाई |
    मूसर धार बारि बरसाई ।।
    लगत-लगत ब्रिज चाहं बहायो |
    गोवर्धन नखधारी बचायो ।।
    लखी यशोदा मन भ्रम अधिकाई |
    मुख महँ चौदह भुवन दिखाई ।।
    दुष्ट कंस अति ऊधम मचायो |
    कोटि कमल कहाँ फूल मंगायो ।।
    नाथी कालियहिं तब तुम लीन्हें |
    चरनचिंह दै निर्भय किन्हें ।।
    करी गोपिन संग रास विलासा |
    सब की पूरण करी अभिलाषा ।।
    केतिक महा असुर संहारयो |
    कंसहि केश पकडी दी मारयो ।।
    मातु पिता की बंदी छुडाई |
    उग्रसेन कहाँ राज दिलाई ।।
    माहि से मृतक छहों सुत लायो |
    मातु देवकी शोक मिटायो ।।
    भोमासुर मुर दैत्य संहारी |
    लाये शत्दश सहस कुमारी ।।
    दी भिन्हीं त्रिन्चीर संहारा |
    जरासिंधु राक्षस कहां मारा ।।
    असुर वृकासुर आदिक मारयो |
    भक्तन के तब कष्ट निवारियो ।।
    दीन सुदामा के दुःख तारयो |
    तंदुल तीन मुठी मुख डारयो ।।
    प्रेम के साग विदुर घर मांगे |
    दुर्योधन के मेवा त्यागे ।।
    लाखी प्रेमकी महिमा भारी |
    नौमी श्याम दीनन हितकारी ।।
    मारथ के पार्थ रथ हांके |
    लिए चक्र कर नहीं बल थाके ।।
    निज गीता के ज्ञान सुनाये |
    भक्तन ह्रदय सुधा बरसाए ।।
    मीरा थी ऐसी मतवाली |
    विष पी गई बजाकर ताली ।।
    राणा भेजा सांप पिटारी |
    शालिग्राम बने बनवारी ।।
    निज माया तुम विधिहीन दिखायो |
    उरते संशय सकल मिटायो ।।
    तव शत निंदा करी ततकाला |
    जीवन मुक्त भयो शिशुपाला ।।
    जबहीं द्रौपदी तेर लगाई |
    दीनानाथ लाज अब जाई ।।
    अस अनाथ के नाथ कन्हैया |
    डूबत भंवर बचावत नैया ।।
    सुन्दरदास आस उर धारी |
    दयादृष्टि कीजे बनवारी ।।
    नाथ सकल मम कुमति निवारो |
    छमोबेग अपराध हमारो ।।
    खोलो पट अब दर्शन दीजे |
    बोलो कृष्ण कन्हैया की जय ।।
    ।। दोहा ।।
    यह चालीसा कृष्ण का, पथ करै उर धारी ।
    अष्ट सिद्धि नव निद्धि फल, लहे पदार्थ चारी ।।

  • 9:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    भगवान विष्णु की आरती (Om Jai Jagdish Hare )

    • ओम जय जगदीश हरे , स्वामी!
    • जय जगदीश हरे।
    • भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
    • स्वामी दुःख विनसे मन का।
    • सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
    • स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
    • तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
    • स्वामी तुम अन्तर्यामी।
    • पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
    • स्वामी तुम पालन-कर्ता।
    • मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
    • स्वामी सबके प्राणपति।
    • किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे।
    • दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
    • स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
    • अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।
    • स्वमी पाप हरो देवा।
    • श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, संतन की सेवा॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
    • स्वामी जो कोई नर गावे।
    • कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
  • 8:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Radha Rani Ki Aarti: राधा रानी की आरती

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ,

    भानु दुलारी तेरी आरती गाऊँ,

    आरती गाऊँ मैं तो वारि वारि जाऊँ,

    आरती गाऊँ तोपे वारि वारि जाऊँ॥

    कीरत लाली तेरी आरती गाऊँ,

    श्यामा प्यारी तेरी आरती गाऊँ,

    आरती गाऊँ मैं तो वारि वारि जाऊँ,

    आरती गाऊँ तोपे वारि वारि जाऊँ॥

    बरसाने वाली तेरी आरती गाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ।

    बरसाने की ऊँची अटारी,

    छवि श्यामा की लागे अति प्यारी,

    श्रीजी छवि पे बलि बलि जाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ॥

    लाडली तुम हो ब्रज की महारानी,

    महिमा तुम्हरी जाये ना बखानी,

    ब्रजधाम में वास मैं पाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ॥

    कृष्ण हैं मिलते जिसके नाम से,

    जपते हैं सब बड़े ही भाव से,

    राधे राधे गा के तुमको मनाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ॥

    राधा नाम की अर्जी लगाकर,

    बरसाना मंदिर में आकर,

    संतन संग राधा गुण गाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ॥

    भोरी भोरी नवल किशोरी,

    कारे कान्हा राधा गोरी,

    चरणों में जिनके मैं शीश झुकाऊँ,

    राधारानी तेरी आरती गाऊँ॥

  • 8:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    bhaye pragat kripala Bhajan Aarti: श्री कृष्ण जन्म स्तुति

    • भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।

    • हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥

    • कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
    • तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
    • तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
    • तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
    • जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
    • गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
    • कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
    • बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
    • तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
    • ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
    • यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
    • तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
    • नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
    • देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
    • जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
    • चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥
  • 7:52 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami Aarti Live: श्री बालकृष्ण जी की आरती

    आरती बालकृष्ण की कीजै |
    अपनों जनम सुफल करि लीजै |
    श्रीयशुदा को परम दुलारौ |
    बाबा की अखियन कौ तारो ||
    गोपिन के प्राणन को प्यारौ |
    इन पै प्राण निछावरी कीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    बलदाऊ कौ छोटो भैया |
    कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
    परम मुदित मन लेत वलैया |
    यह छबि नयननि में भरि लीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    श्री राधावर सुघर कन्हैया |
    ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
    देखत ही मन नयन चुरैया |
    अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    तोतरि बोलनि मधुर सुहावै |
    सखन मधुर खेलत सुख पावै |
    सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै |
    अब इनकूं अपनों करि लीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||

  • 7:34 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Ji Ki Aarti Live: गणेश जी की आऱती

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    एक दंत दयावंत,
    चार भुजा धारी ।
    माथे सिंदूर सोहे,
    मूसे की सवारी ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    पान चढ़े फल चढ़े,
    और चढ़े मेवा ।
    लड्डुअन का भोग लगे,
    संत करें सेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    अंधन को आंख देत,
    कोढ़िन को काया ।
    बांझन को पुत्र देत,
    निर्धन को माया ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    ‘सूर’ श्याम शरण आए,
    सफल कीजे सेवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    दीनन की लाज रखो,
    शंभु सुतकारी ।
    कामना को पूर्ण करो,
    जाऊं बलिहारी ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

  • 7:32 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Banke Bihari Ki Aarti Lyrics: बांके बिहारी की आरती

    श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
    प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
    देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    चरणों से निकली गंगा प्यारी,
    जिसने सारी दुनिया तारी ।
    मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    दास अनाथ के नाथ आप हो,
    दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
    हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
    मेरे मोहन जीवन धन हो।
    देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।