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Krishna Janmashtami 2026 Puja Vidhi, Aarti Live: जन्माष्टमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती, चंद्रोदय समय समेत सबकुछ यहां जानें

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Sep 04, 2026 09:25 pm IST

Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कान्हा की विधि विधान पूजा करते हैं और उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाते हैं।

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जन्माष्टमी 2026 की संपूर्ण जानकारी Image Source : INDIA TV

Janmashtami 2026 Puja Vidhi, Muhurat, Katha And Aarti Live: जन्माष्टमी हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। कहते हैं इसी दिन आधी रात को अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इसी कारण से इस त्योहार के दिन बाल गोपाल की पूजा रात 12 बजे की जाती है। श्रद्धालु आधी रात को सबसे पहले भगवान कृष्ण का अभिषेक करते हैं। फिर भगवान को सुंदर पोशाक पहनायी जाती है और उन्हें झूले पर विराजमान किया जाता है। इसके बाद कान्हा को भोग लगाया जाता है और उनके आगमन की खुशी मनाई जाती है। श्रद्धालु बाल गोपाल का आगमन नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की गीत गाकर करते हैं। चलिए जानते हैं जन्माष्टमी मुहूर्त, पूजा विधि, आरती, मंत्र, कथा, भोग समेत संपूर्ण जानकारी।

जन्माष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त

जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। अष्टमी तिथि 4 सितंबर को 02:25 AM से शुरू होकर रात 12:13 बजे तक रहेगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 12:29 AM से रात 11:04 बजे तक रहेगा।

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Image Source : INDIA TVकृष्ण भगवान की आरती

जन्माष्टमी का व्रत कब से कब तक रखा जाएगा 2026

जन्माष्टमी का व्रत 4 सितंबर की सुबह सूर्योदय से लेकर 5 सितंबर को सूर्योदय तक रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 5 सितंबर की सुबह 06:01 बजे के बाद किया जा सकेगा। वहीं जो लोग जन्माष्टमी की रात में ही व्रत खोल लेते हैं उनके लिए व्रत पारण का समय 4 सितंबर की रात 12:43 के बाद का है।

जन्माष्टमी 2026 पूजा विधि 

  • जन्माष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में या मंदिर के पास ही एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर उस पर लड्डू गोपाल या भगवान कृष्ण की मूर्ति की स्थापना करें।
  • अगर जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं तो हाथ में थोड़ा गंगाजल और थोड़े अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें। 
  • फिर काले तिल मिले हुए जल का छिड़काव करके एक सूतिकागृह तैयार करें और उसमें पालना और कलश अवश्य रखें।  
  • इसके बाद माता देवकी, वासुदेव जी, भगवान बलराम, नंद बाबा, यशोदा मैया और माता लक्ष्मी का नाम लेकर पूजा प्रारंभ करें।
  • सुबह की पूजा के समय भगवान को भोग लगाएं और साथ ही कान्हा की आरती करें।
  • इसके बाद रात्रि के 12 बजे पूजा करनी है। 
  • पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • भगवान का अभिषेक करें। फिर उनकी आरती करें। साथ ही उन्हें भोग लगाएं।
  • फिर लड्डूगोपाल को झूले में बिठाकर झूला झुलाएं।
  • इसके बाद सभी में प्रसाद बांटें।

(जन्माष्टमी पर्व क्यों मनाया जाता है, इसका महत्व क्या है, इस दिन व्रत कैसे रखते हैं, कान्हा को किस चीज का भोग लगाएं, कौन से मंत्रों का जाप करें, श्री कृष्ण की आरती के लिरिक्स क्या हैं...जन्माष्टमी से जुड़ी हर एक जानकारी के लिए बने रहे हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)

Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त और विधि

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  • 9:20 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Krishna Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी की रात लड्डू गोपाल को चांदी की बांसुरी क्यों चढ़ाते हैं?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी की रात में लड्डू गोपाल को चांदी की बांसुरी चढ़ाने से जीवन में सकारात्मकता आती है। करियर में आ रही परेशानियां दूर होती हैं और श्रीकृष्ण कृपा से धन-धान्य की भी प्राप्ति हो सकती है। 

  • 8:50 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Krishna Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी पर खीरा काटते समय किस मंत्र का जप करना चाहिए?

    जन्माष्टमी की रात में खीरे से प्रतीकात्मक रूप में श्रीकृष्ण जन्म करवाते समय नीचे दिए गए मंत्र का जप करना चाहिए। 

    मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरिः परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः'

  • 8:19 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Krishna Janmashtami 2026 Song: जन्माष्टमी पर भगवान की मूर्ति को खीरे में क्यों रखा जाता है?

    जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति को खीरे में रखने और रात 12 बजे उसे काटने की परंपरा को 'नाल छेदन' (गर्भनाल काटने) की रस्म माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, खीरे को माता देवकी या माता यशोदा के गर्भ का प्रतीक माना जाता है। लड्डू गोपाल को खीरे के अंदर रखने का अर्थ है कि भगवान अभी गर्भ में हैं। ठीक 12 बजे सिक्के या चाकू की मदद से खीरे के डंठल को काटा जाता है। इसे भगवान कृष्ण के जन्म और उन्हें माता के गर्भ से अलग होने की प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। इस रस्म के बाद भगवान को खीरे से बाहर निकालकर पालने में विराजमान किया जाता है, जो उनके इस पृथ्वी पर प्रकट होने का प्रतीक है।

  • 7:51 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    व्रत के दौरान पीरियड्स शुरू हो जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

    जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। अगर इसी दिन या व्रत के दौरान पीरियड्स शुरू हो जाएं तो महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि व्रत जारी रखें या नहीं और पूजा किस तरह करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में भी कृष्ण भक्ति की जा सकती है, लेकिन कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना गया है। 

    1. मासिक धर्म के दौरान पूजा को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं। कुछ जगह इस दौरान लड्डू गोपाल की मूर्ति, तुलसी और पूजा सामग्री को सीधे स्पर्श करने से बचने की बात कही गई है। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य से पूजा, अभिषेक और भोग की व्यवस्था कराई जा सकती है। व्रती पूजा स्थान से थोड़ी दूर बैठकर भगवान कृष्ण का स्मरण और मानसिक पूजा कर सकती हैं।
    2. पूजा सामग्री को स्पर्श न करने की स्थिति में भी कृष्ण भक्ति की जा सकती है। व्रती दूर बैठकर "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" या "हरे कृष्ण" महामंत्र का मानसिक जाप कर सकती हैं। साथ ही श्रीकृष्ण जन्म की कथा, भगवद्गीता के श्लोक और भजन सुनकर भी भगवान का स्मरण किया जा सकता है।
    3. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीरियड्स के दौरान पूजा के लिए भोग और प्रसाद तैयार करने से भी बचना चाहिए। ऐसे में पंजीरी, माखन मिश्री और अन्य प्रसाद परिवार के किसी सदस्य से बनवाया जा सकता है। 
    4. वहीं, अगर मासिक धर्म के पांच दिन पूरे हो चुके हों और पीरियड्स पूरी तरह रुक गए हों, तो दिए गए स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। इसके बाद रसोई को शुद्ध करके लड्डू गोपाल के लिए भोग-प्रसाद तैयार किया जा सकता है।
     
  • 7:40 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Song: जन्माष्टमी भोग भजन

    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    दुर्योधन को मेवा त्यागो,
    साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल
    रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    वृदावन की कुञ्ज गली मे,
    आओं रास रचाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    राधा और मीरा भी बोले,
    मन मंदिर में आओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    गिरी, छुआरा, किशमिश मेवा,
    माखन मिश्री खाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    सत युग त्रेता दवापर कलयुग,
    हर युग दरस दिखाओ मेरे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    जो कोई तुम्हारा भोग लगावे
    सुख संपति घर आवे प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    ऐसा भोग लगाओ प्यारे मोहन
    सब अमृत हो जाये प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    जो कोई ऐसा भोग को खावे
    सो त्यारा हो जाये प्यारे मोहन,
    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

    आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…

  • 7:35 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Songs: जन्माष्टमी के गाने

    • कान्हा की दीवानी बन जाउंगी
    • मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं
    • हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की
    • श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
  • 7:09 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Shlok: जन्माष्टमी श्लोक

    1. ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
    प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥

    अर्थ- हे कृष्ण, वासुदेव, हरि, परमात्मा, शरण में आये हुए के कष्ट दूर करने वाले, गोविन्द, आपको मेरा बारम्बार नमन है।

    2. कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च ।
    नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥

    अर्थ- श्रीकृष्ण, जो वासुदेव और देवकी के पुत्र हैं, जो नंद और गोप कुमारों के प्रिय हैं और जिन्हें गोविंद के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मेरा बारम्बार नमन है।

  • 6:42 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का श्रृंगार कैसे करें?

    जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का श्रृंगार पीला चंदन या केसर, मोर मुकुट, बांसुरी और पीले वस्त्र से करना चाहिए। इन चीजों को अगर आप श्रृंगार में इस्तेमाल नहीं करते तो बाल कृष्ण का रूप अधूरा रह जाता है। 

  • 6:37 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Mantra: जन्माष्टमी की पूजा के दौरान किस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए?

    जन्माष्टमी की पूजा के समय आपको'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जप जरूर करना चाहिए।  कहते हैं इस मंत्र का जप करने से मानसिक शांति के साथ ही सुख-समृद्धि भी आपको प्राप्त होती है। 

  • 6:22 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Puja Time: जन्माष्टमी की रात की पूजा कब शुरू होगी?

    जन्माष्टमी की रात की पूजा रात 11 बजकर 57 मिनट से शुरू हो जाएगी। इससे पहले ही पूजा की तैयारी पूरी कर लें।

  • 5:51 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Live: क्या जन्माष्टमी की रात्रि में सोना चाहिए?

    जी हां, कृष्ण जन्माष्टमी की रात में सो सकते हैं। इस दिन रात 12 बजे पूजा करने के बाद भगवान कान्हा को भी सुला दिया जाता है। ऐसे में इस दिन रात्रि जागरण को लेकर कोई विशेष परंपरा नहीं है।

  • 5:31 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Paran: जन्माष्टमी के व्रत का पारण क्या खाकर करना चाहिए?

    अगर आपने निर्जला व्रत रखा है तो चरणामृत ग्रहण करके अपना व्रत खोलें। अगर फलाहारी व्रत रखा है तो भगवान को लगाए गए भोग को खाकर अपना व्रत खोलें।

  • 5:29 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Why Does It Always Rain On Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर बारिश क्यों होती है?

    जन्माष्टमी के दिन बारिश होने के पीछे मुख्य रूप से धार्मिक मान्यताएं हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, तब आधी रात को घनघोर बारिश और तेज आंधी-तूफान आया था। भगवान कृष्ण के पिता वासुदेवजी जब नवजात कान्हा को सूप या टोकरी में रखकर उफनती हुई यमुना नदी पार कर गोकुल ले जा रहे थे, तब बारिश हो रही थी। कहते हैं इसी कारण से जन्माष्टमी के दिन हर साल बारिश होती है। 

  • 4:38 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पर खीरे से श्रीकृष्ण का जन्म कराने पर क्या लाभ मिलते हैं?

    खीरे से श्रीकृष्ण का जन्म करवाना एक संकेत है नव जीवन का। कहते हैं खीरे से श्रीकृष्ण का जन्म करवाने से निःसंतान जोड़ों को योग्य संतान की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही पारिवारिक जीवन में भी सुख-समृद्धि की प्राप्ति भी आपको होती है।

  • 4:09 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Krishna Janmashtami Puja Mantra: कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मंत्र

    • ॐ कृष्णाय नमः
    • ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
    • ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    • ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:
  • 3:31 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami Bhog List: जन्माष्टमी भोग लिस्ट

    • माखन और मिश्री
    • मिश्री 
    • पंजीरी
    • फल 
    • मिष्ठान्न (लड्डू, पेड़ा, खीर, मालपुआ)
    • माखन से बनी मिठाइयां 
    • दूध और दूध से बनी चीजें 
  • 3:04 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत में सेंधा नमक खा सकते हैं?

    जन्माष्टमी के व्रत में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन कोशिश करें कि एक बार से ज्यादा नमक का सेवन न करें।

  • 2:25 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत कब खोलना चाहिए?

    जन्माष्टमी का व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद खोला जाता है। 5 सितंबर को व्रत खोलने का समय सुबह 6 बजकर 1 मिनट के बाद का है। वहीं जो लोग जन्माष्टमी के दिन ही व्रत खोल लेते हैं वे रात 12 बजे की पूजा के बाद कभी भी व्रत खोल सकते हैं।

  • 1:37 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    56 Bhog List for Janmashtami 2026: क्या आप जानते हैं जन्माष्टमी के छप्पन भोग में क्या-क्या शामिल होता है?

    1. पूरी
    2. कचौरी
    3. पराठा
    4. लड्डू पूरी
    5. माखन मिश्री
    6. दाल पूरी
    7. खिचड़ी
    8. पेड़ा
    9. लड्डू (बेसन, बूंदी, मोतीचूर)
    10. बर्फी (काजू, नारियल, दूध)
    11. रसगुल्ला
    12. गुलाब जामुन
    13. रबड़ी
    14. रस मलाई
    15. खीर
    16. मालपुआ
    17. सेवईं
    18. गुझिया
    19. जलेबी
    20. चूरमा
    21. केला
    22. सेब
    23. अनार
    24. अंगूर
    25. अमरूद
    26. आम
    27. नाशपाती
    28. खरबूजा
    29. तरबूज
    30. नींबू शर्बत
    31. आम पना
    32. बेल का शर्बत
    33. काजू कतली
    34. पिस्ता रोल
    35. बादाम हलवा
    36. सूजी हलवा
    37. मूंग दाल हलवा
    38. श्रीखंड
    39. मखाने की खीर
    40. मोहनभोग
    41. घेवर
    42. बालूशाही
    43. दूध के लड्डू
    44. पनीर की मिठाई
    45. दही बड़े
    46. आलू चाट
    47. साबूदाना खिचड़ी
    48. मूंगफली भुनी
    49. कचुम्बर सलाद
    50. नमक पारे
    51. मठरी
    52. पापड़ी
    53. आलू टिकी
    54. समोसा
    55. चना प्रसाद
    56. कढ़ी
  • 1:12 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Ki Raat Mein Kya Karna Chahiye: जन्माष्टमी की रात में क्या करना चाहिए

    • रात 12 बजे भगवान कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं।
    • पंचामृत स्नान के बाद स्वच्छ जल से स्नान कराएं।
    • इसके बाद भगवान का श्रृंगार करें। 
    • मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
    • इसके बाद ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
    • “नन्द के आनंद भयो” गीत गाएं और शंख-घंटी बजाकर भगवान के जन्म की खुशी मनाएं।  
    • भगवान को भोग अर्पित करें। 
    • उन्हें झूला झुलाएं।  
    • अंत में पूजा में शामिल सभी लोगों को चरणामृत और प्रसाद बांटें।
    • खुद भी प्रसाद ग्रहण करें।
  • 12:37 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Shri Radhakund Ashtakam: श्री राधाकुण्ड अष्टकम॥

    वृषभदनुजनाशात् नर्मधर्मोक्तिरङ्गैः,
    निखिलनिजतनूभिर्यत्स्वहस्तेन पूर्णम् ।
    प्रकटितमपि वृन्दारण्यराज्ञा प्रमोदैः,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    व्रजभुवि मुरशत्रोः प्रेयसीनां निकामैः,
    असुलभमपि तूर्णं प्रेमकल्पद्रुमं तम् ।
    जनयति हृदि भूमौ स्नातुरुच्चैः प्रियं यत्,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    अघरिपुरपि यत्नादत्र देव्याः प्रसाद-,
    प्रसरकृतकटाक्षप्राप्तिकामः प्रकामम् ।
    अनुसरति यदुच्चैः स्नानसेवानुबन्धैः,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    व्रजभुवनसुधांशोः प्रेमभूमिर्निकामं,
    व्रजमधुरकिशोरीमौलिरत्नप्रियेव ।
    परिचितमपि नाम्ना यच्च तेनैव तस्याः,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    अपि जन इह कश्चिद्यस्य सेवाप्रसादैः,
    प्रणयसुरलता स्यात्तस्य गोष्ठेन्द्रसूनोः ।
    सपदि किल मदीशा दास्यपुष्पप्रशस्या,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    ततमधुरनिकुञ्जाः क्लृप्तनामान उच्चैः,
    निजपरिजनवर्गैः संविभज्याश्रितास्तैः ।
    मधुकररुतरम्या यस्य राजन्ति काम्याः,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    ततभुवि वरवेद्यं यस्य नर्मातिहृद्यं,
    मधुरमधुरवार्तां गोष्ठचन्द्रस्य भङ्ग्या ।
    प्रथयितुमित ईशप्राणसख्यालिभिः सा,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    अनुदिनमतिरङ्गैः प्रेममत्तालिसङ्घैः,
    वरसरसिजगन्धैः हारिवारिप्रपूर्णे ।
    विहरत इह यस्मन् दम्पती तौ प्रमत्तौ,
    तदतिसुरभि राधाकुण्डमेवाश्रयो मे ॥
    । इति राधाकुण्डाष्टकं समाप्तम् ।

  • 12:09 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    जन्माष्टमी भजन: बड़ी देर भई नंदलाला

    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।

    ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
    कहाँ है मुरली वाला रे
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।

    कोई ना जाए कुञ्ज गलिन में,
    तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।
    तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।

    तरस रहे हैं..
    तरस रहे हैं जमुना के तट,
    धुन मुरली की सुनने को ।
    अब तो दरस दिखा दे नटखट,
    क्यों दुविधा में डाला रे ।

    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।

    संकट में है आज वो धरती,
    जिस पर तूने जनम लिया ।
    जिस पर तूने जनम लिया ।

    पूरा कर दे...
    पूरा कर दे आज वचन वो,
    गीता में जो तूने दिया ।
    कोई नहीं है तुझ बिन मोहन,
    भारत का रखवाला रे ।

    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।

    ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
    कहाँ है मुरली वाला रे ।

    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।
    बड़ी देर भई नंदलाला,
    तेरी राह तके बृजबाला ।

  • 11:36 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के व्रत में चाय या कॉफी पी सकते हैं?

    जी हां, जन्माष्टमी व्रत में चाय और कॉफी पी सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि चाय-कॉफी के लिए जो भी चीजें इस्तेमाल करें वो एक दम साफ हों।

  • 10:31 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं?

    • फल: केला, सेब, अनार, पपीता और अन्य मौसमी फल।
    • डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही, छाछ, लस्सी, पनीर, मक्खन और घी।
    • ड्राई फ्रूट्स: बादाम, काजू, किशमिश, मखाने और अखरोट।
    • व्रत वाले अनाज: कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और सामक के चावल।
    • साबूदाना, उबले हुए आलू और शकरकंद।
    • नमक और मसाले: सामान्य नमक की जगह केवल सेंधा नमक और काली मिर्च का उपयोग करें।

     

  • 10:03 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    janmashtami Vrat Timing 2026: जन्माष्टमी व्रत कब से कब तक रखा जाएगा?

    जन्माष्टमी व्रत 4 सितंबर की सुबह सूर्योदय से लेकर 5 सितंबर की सुबह सूर्योदय तक रखा जाएगा। लेकिन कुछ लोग जन्माष्टमी के दिन रात 12 बजे भगवान कृष्ण की पूजा के बाद व्रत खोल लेते हैं। आपके यहां जिस तरह से ये व्रत रखा जाता है। आप वैसे ही रखें।

  • 9:48 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त 2026 (Krishna Janmashtami 2026 Puja Muhurat)

    • नोएडा - 11:57 PM से 12:42 AM, सितम्बर 05 
    • नई दिल्ली - 11:57 PM से 12:43 AM, सितम्बर 05 
    • चेन्नई - 11:45 PM से 12:31 AM, सितम्बर 05 
    • जयपुर - 12:03 ए एम से 12:49 AM, सितम्बर 05 
    • पुणे - 12:10 ए एम से 12:57 AM, सितम्बर 05 
    • हैदराबाद - 11:52 PM से 12:38 AM, सितम्बर 05 
    • गुरुग्राम - 11:58 PM से 12:44 AM, सितम्बर 05 
    • चण्डीगढ़ - 11:59 PM से 12:45 AM, सितम्बर 05 
    • कोलकाता - 11:13 PM से 11:59 PM
    • मुम्बई - 12:14 AM से 01:01 AM, सितम्बर 05 
    • बेंगलूरु - 11:55 PM से 12:42 AM, सितम्बर 05 
    • अहमदाबाद - 12:16 AM से 01:02 AM, सितम्बर 05 
    • जम्मू - 12:07 AM से 12:52 AM, सितम्बर 05
  • 8:58 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    jamashtami 2026 Live: कृष्ण को भोग लगाने का मंत्र

    'त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।
    गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।'

  • 8:24 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी की पूजा के दौरान इस मंत्र का जरूर करें जप

    जन्माष्टमी की पूजा के समय आपको भगवान कृष्ण के प्रिय मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का कम से कम 108 बार जप जरूर करना चाहिए।  इस मंत्र का जप करने से मानसिक शांति के साथ ही सुख-समृद्धि भी आपको प्राप्त होती है। 

  • 7:53 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Krishna Janmashtami Puja Mantra: कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मंत्र

    • ॐ कृष्णाय नमः
    • ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
    • ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    • ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:
  • 7:32 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Ladoo Gopal Ji Ki Aarti: श्री लड्डू गोपाल जी की आरती

    आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
    अपना जन्म सफल कर लीजे ।।
    श्री यशोदा का परम दुलारा।
    बाबा की अखियन का तारा ।।
    गोपियन के प्राणों का प्यारा।
    इन पर प्राण न्योछावर कीजे ।।
    ।। आरती ।।
    बलदाऊ के छोटो भैय्या ।
    कान्हा कहि कहि बोलत मैय्या ।।
    परम मुदित मन लेत बलैय्या।
    यह छबि नैनन में भरि लीजे।।
    ।। आरती ।।
    श्री राधावर सुघर कन्हैय्या ।
    ब्रज जन का नवनीत खवैय्या ।।
    देखत ही मन नयन चुरैय्या।
    अपना सर्वश्व इनको दीजे ।।
    ।। आरती ।।
    तोतर बोलनि मधुर सुहावे ।
    सखन मधुर खेलत सुख पावे ।।
    सोई सुकृति जो इनको ध्याये।
    अब इनको अपनो करि लीजे ।।
    ।। आरती ।।

  • 7:08 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami Aarti: जन्माष्टमी की आरती

    आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला 
    श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला

    गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
    लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक

    चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥

    कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
    गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।

    अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
    ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

    जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
    स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।

    जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की

    श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

    चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
    चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू 

    हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
    टेर सुन दीन दुखारी की

    श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
    ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

    आरती कुंजबिहारी की
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

    आरती कुंजबिहारी की
    श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

  • 6:46 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Bhajan: जन्माष्टमी भजन

  • 6:28 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami 2026 Bhajan: जन्माष्टमी के भजन

    श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी - भजन (Shri Krishna Govind Hare Murari)

    सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे,
    तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    हे नाथ नारायण...॥
    पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    हे नाथ नारायण...॥
    ॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥

    बंदी गृह के, तुम अवतारी
    कही जन्मे, कही पले मुरारी
    किसी के जाये, किसी के कहाये
    है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
    है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
    गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

    अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
    बट गए दोनों में, आधे आधे
    हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
    सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
    सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
    वही गए वही, गए वही गए
    जहाँ गए पुकारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

    गीता में उपदेश सुनाया
    धर्म युद्ध को धर्म बताया
    कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
    यह सन्देश तुम्ही से पाया
    अमर है गीता के बोल सारे
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

    श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

    त्वमेव माता च पिता त्वमेव
    त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
    त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
    त्वमेव सर्वं मम देव देवा
    ॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...॥

    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥

    हरी बोल, हरी बोल,
    हरी बोल, हरी बोल ॥

    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा
    राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥

  • 11:44 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    जन्माष्टमी पर गलती से भी न करें इन चीजों का दान

    • जन्माष्टमी पर नुकीली चीजों का दान न करें। 
    • फटे-पुराने कपड़े गलती से भी दान में न दें। 
    • प्लास्टिक से बनी चीजों का दान न करें। 
    • बासी अन्न का दान करने से बचें। 
  • 11:18 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के इन नामों का करें जप

    1. ॐ कृष्णाय नमः।
    2. ॐ गोविंदाय नमः।
    3. ॐ गोपालाय नमः।
    4. ॐ दामोदराय नमः
    5. ॐ देवकीनन्दनाय नमः
    6. ॐ अच्युताय नमः 
    7. ॐ मधूसूदनाय नमः
  • 10:45 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: श्री कृष्ण शरणम ममः भजन

  • 10:06 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पर करें राधा रानी के इन मंत्रों का जप

    • ॐ ह्रीं श्रीं राधिकायै नमः
    • ॐ ह्रीं राधिकायै नमः
    • श्री राधे वृंदावनेश्वरी करुणावतारिणी नमस्तुते
    • ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्
  • 9:33 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के दिन क्या करना चाहिए?

     

    • जन्माष्टमी के पावन पर्व के दौरान सुबह जल्दी उठकर आपको स्नान-ध्यान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। 
    • इस दिन सुबह के समय श्रीकृष्ण भगवान की पूजा करनी चाहिए वहीं जो लोग व्रत लेने वाले हैं उनको व्रत का संकल्प अवश्य लेना चाहिए। 
    • जन्माष्टमी के शुभ दिन पर आपको लड्डू गोपाल का अभिषेक करना चाहिए, उन्हें वस्त्र अर्पित करने चाहिए और लड्डू गोपाल को भोग भी अवश्य लगाना चाहिए। 
    • इस दिन गाय को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ब्राह्मण और जरूरतमंद लोगों को भी इस दिन सामर्थ्य अनुसार भोजन करवाना चाहिए। 
    • जन्माष्टमी के दिन तुलसी की माला लेकर भगवान कृष्ण के मंत्रों का जप करने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। 
    • व्रत रखने वाले अर्धरात्रि में भगवान कृष्ण की विधिपूर्वक पूजा अवश्य करें। 
    • लड्डू गोपाल के साथ ही राधा रानी की पूजा और राधा रानी के मंत्रों का जप करना भी इस दिन शुभ माना गया है। 
    • अनाथालय या वृद्धाश्रम में इस दिन अगर आप दान करते हैं तो श्रीकृष्ण आपके जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं। 
    • भगवान कृष्ण प्रकृति प्रेमी हैं ऐसे में जन्माष्टमी के पावन दिन पर अगर आप वृक्षारोपण करते हैं तो सकारात्मक बदलाव आपके जीवन में आ सकते हैं। 
    • इस दिन वृद्ध जनों, गुरुजनों की सेवा करने से भी लाभ मिलता है। 
  • 8:57 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

    • जन्माष्टमी के पावन दिन पर गलती से भी आपको मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। 
    • जन्माष्टमी के दिन आपको गलती से भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। पूजा में पत्ते शामिल करने वाले हैं तो एक दिन पहले ही तोड़कर आपको रख देने चाहिए। 
    • जैसा कि हम आपको पहले भी आपको बता चुके हैं भगवान कृष्ण प्रकृति प्रेम हैं, ऐसे में आपको गलती से भी जन्माष्टमी के दिन पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए। 
    • इस दिन क्रोध करने से भी बचें और सबके साथ अच्छा व्यवहार करें। 
    • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गलती से भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। 
    • वासना से भरे विचारों को इस दिन खुद पर हावी न होने दें और सात्विकता बनाए रखने के लिए मंत्रों का जप और धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें। 
  • 8:45 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर करें कृष्ण अमृतवाणी का श्रवण

  • 8:16 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी की रात इन मंत्रों का जप करने से जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    • ॐ क्लीं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
    • ॐ क्लीं कृष्णाय नमः।
    • ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्॥
  • 7:38 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी भोग

    आपको बता दें कि इस दिन बाल गोपाल को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए क्योंकि ये उनका सबसे प्रिय भोग माना जाता है। इसके अलावा आप धनिये की पंजीरी, पंचामृत, पेडे, मौसमी फलों, मखाने या साबूदाने की खीर का भी भोग लगा सकते हैं। ध्यान रहे कि भगवान के भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल होने चाहिए क्योंकि इसके बिना उनका भोग अधूरा माना जाता है।

  • 7:00 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत पारण विधि और समय

    तो बता दें इस व्रत के पारण के दो तरीके बताए गए हैं। कई श्रद्धालु जन्माष्टमी व्रत का पारण रात 12 बजे की पूजा के बाद कर लेते हैं तो कई यह व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद खोलते हैं। अगर शास्त्रों की बात करें तो उसके अनुसार जन्माष्टमी व्रत का पारण अगले दिन ही करना चाहिए। इस मत के अनुसार जन्माष्टमी व्रत का पारण 5 सितंबर की सुबह 06 बजकर 01 मिनट के बाद किया जा सकेगा। वहीं जो लोग रात 12 बजे के बाद इस व्रत का पारण करते हैं वे 4 सितंबर की ही देर रात 12:43 के बाद व्रत खोल सकते हैं।

  • 6:07 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पंचामृत बनाने की विधि

    एक साफ पात्र में दूध लें, उसमें दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर अच्छे से चलाएं। अंत में इसमें तुलसी के पत्ते और थोड़ा सा गंगाजल जरूर डालें। आपका पवित्र पंचामृत तैयार है।

  • 5:43 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत विधि

    जन्माष्टमी पर कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं। लेकिन इस व्रत की सही विधि क्या है इस बारे में आपको बताएंगे। सबसे पहले तो ये जान लें कि जन्माष्टमी व्रत निर्जला या फलाहारी दोनों तरीकों से रखा जा सकता है। फलाहारी व्रत में आप दूध, दही, मखाना, फल, आलू, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी और साबूदाने की खिचड़ी खा सकते हैं। इसमें सेंधा नमक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रहे, व्रत में किसी भी प्रकार का अनाज वर्जित है। 

  • 4:57 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पंचामृत सामग्री

    जन्माष्टमी की रात 12 बजे श्री कृष्ण का अभिषेक 'पंचामृत' से किया जाता है साथ ही इसका भोग भी लगाया जाता है। तो चलिए जानते हैं यह विशेष भोग कैसे तैयार किया जाता है। पंचामृत बनाने के लिए आपको 5 चीजों की जरूरत होगी। गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद और मिठास के लिए शक्कर।

  • 4:08 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पूजा विधि

    घर के मंदिर में या पास में एक साफ चौकी बिछाकर उस पर पीला कपड़ा बिछाएं और लड्डू गोपाल की मूर्ति विराजमान करें। रात 12 बजे सबसे पहले कान्हा का पंचामृत से अभिषेक करें, फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें नए पीले वस्त्र पहनाएं, मुकुट, बांसुरी, मोर पंख, वैजयंती माला और फूल अर्पित करें। बाल गोपाल को सुंदर झूले में बैठाकर प्यार से झूला झुलाएं। पूजा के दौरान मन ही मन इस सरल मंत्र का जाप करते रहें: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" शंख और घंटी बजाकर भगवान का जन्मोत्सव मनाएं, उनकी आरती करें और भोग लगाएं। फिर पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।

  • 3:18 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त

    भगवान श्री कृष्ण का जन्म आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी की मुख्य पूजा 'निशिता काल' यानी मध्यरात्रि में की जाती है। इस साल जन्माष्टमी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 4 सितंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इस 45 मिनट के शुभ मुहूर्त में भगवान कृष्ण का अभिषेक करें, उन्हें उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाएं और आरती करें।

  • 2:46 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: श्रीकृष्ण को कौन-सा भोग सबसे प्रिय है?

    श्रीकृष्ण को माखन, मिश्री, पंचामृत, दूध, और छप्पन भोग अत्यंत प्रिय हैं। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को विशेष रूप से माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया जाता है।

     

  • 2:20 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: 4 सितंबर 2026 राहुकाल

    • दिल्ली- सुबह 10:45 से दोपहर 12:20 तक
    • मुंबई- दोपहर पहले 11:04 से दोपहर 12:38 तक
    • चंडीगढ़- सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 तक
    • लखनऊ- सुबह 10:31 से दोपहर 12:05 तक
    • भोपाल- सुबह 10:45 से दोपहर 12:19 तक
    • कोलकाता- सुबह 10:02 से दोपहर पहले 11:35 तक
    • अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:04 से दोपहर 12:38 तक
    • चेन्नई- सुबह 10:35 से दोपहर 12:08 तक
  • 2:02 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी व्रत का पारण कब किया जाएगा?

    जन्माष्टमी व्रत का पारण 5 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजकर 1 बजे के बाद किया जा सकता है। वहीं जो लोग इस व्रत का पारण उसी दिन कर लेते हैं वे जन्माष्टमी की पूजा के बाद यह व्रत खोल सकते हैं।

  • 1:47 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmahtami 2026 Live: क्या पीरियड्स में जन्माष्टमी का व्रत रख सकते हैं?

    हां, आप पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान जन्माष्टमी का व्रत रख सकती हैं। लेकिन पूजा नहीं करनी है और न ही किसी पूजन सामग्री को स्पर्श करना है। अगर आप पहली बार ये व्रत रखने जा रही हैं तो इस बेहतर होगा इस साल इस व्रत की शुरुआत न करें। 

     

  • 1:25 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के मंत्र

    • हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    • ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
    • ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।हि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
  • 1:10 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmahstami Ki Katha: जन्माष्टमी की कथा

    जन्माष्टमी की पौराणिक कथा अनुसार द्वापर युग में मथुरा का राजा कंस अति अत्याचारी हो गया था। उसने अपने पिता महाराजा उग्रसेन को बंदी बनाकर सिंहासन हथिया लिया था। जब उसने अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव जी से कराया, तब आकाशवाणी हुई कि—"देवकी की आठवीं संतान ही कंस का संहार करेगी। 

    भयभीत कंस ने देवकी और वासुदेव जी को कारागार में डाल दिया और उनकी एक-एक करके 7 संतानों का वध कर दिया। जब भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आई तब रोहिणी नक्षत्र में माता देवकी के गर्भ से भगवान कृष्ण का जन्म हुआ। कहते हैं भगवान के जन्म लेते ही कारागार के पहरेदार सो गए, बेड़ियां खुल गईं और दरवाजे अपने आप खुल गए। वासुदेव जी नवजात श्री कृष्ण को एक टोकरी में रखकर यमुना पार कर गोकुल में नंद बाबा और माता यशोदा के घर छोड़ आए और वहां जन्मी कन्या को ले आए। बाद में इसी बाल गोपाल ने अपने मामा कंस का वध करके पूरी दुनिया को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई।

  • 12:54 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी भोग

    इस दिन बाल गोपाल को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए क्योंकि ये उनका सबसे प्रिय भोग माना जाता है। इसके अलावा आप धनिये की पंजीरी, पंचामृत, पेडे, मौसमी फलों, मखाने या साबूदाने की खीर का भी भोग लगा सकते हैं। ध्यान रहे कि भगवान के भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल होने चाहिए क्योंकि इसके बिना उनका भोग अधूरा माना जाता है।

     

  • 12:18 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    जन्माष्टमी पूजा विधि

    • घर के मंदिर में एक पीले कपड़े पर बाल गोपाल की मूर्ति स्थापित करें।
    • उन्हें झूला, पालना, बांसुरी, मोर पंख, फूल इत्यादि अर्पित करें।
    • भगवान श्रीकृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं और कुंदन या फूलों का मुकुट पहनाएं।
    • साथ में तुलसी की माला पहनाएं।
    • बाल गोपाल को झूले में विराजमान करें। 
    • रात 12 बजे उनका पंचामृत से अभिषेक करें।
    • स्नान कराने के बाद उनका भव्य शृंगार करें।
    • रोली, अक्षत, धूप, दीपक, घी, फूल इत्यादि से विधि विधान पूजा करें।
    • भगवान को पंचामृत, मिश्री, माखन, तुलसी पत्ता, फल, नारियल, धनिये की पंजीरी इत्यादि का भोग लगाएं।
    • इसके साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का मंत्र का 108 बार जाप करें।
    • फिर भगवान की आरती करें।
    • उन्हें झूला झुलाएं और शंख-घंटी बजाकर जन्मोत्सव मनाएं।  
  • 11:39 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की शृंगार सामग्री

    • नए वस्त्र (पोशाक)
    • मुकुट और मोरपंख
    • आभूषण (हार, माला, बाजूबंद, कंगन/चूड़ियां, कुंडल और कमरबंद।)
    • बांसुरी
    • तिलक सामग्री
    • वैजयंती माला
    • झूला और सिंहासन
  • 11:11 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी के व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं?

    जन्माष्टमी के व्रत में आप फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं। जैसे दूध, दही, फल, व्रत वाले चावल, मखाने की खीर इत्यादि। ध्यान रहे कि इस व्रत में अन्न का सेवन नहीं करना है।

  • 10:58 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी का व्रत कैसे रखते हैं?

    जन्माष्टमी का व्रत निर्जला या फलाहार कैसे भी रख सकते हैं। जो लोग यह व्रत निर्जला रखते हैं वे इस व्रत में कुछ भी नहीं खाते हैं। जो लोग इस व्रत को फलाहारी रखते हैं, वे इस व्रत में फलाहारी चीजों का सेवन करते हैं। कोई इस व्रत का पारण रात 12 बजे के बाद कर लेते हैं तो कोई ये व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद खोलता है। आपके यहां जैसे ये व्रत रखते हैं आप वैसे ही रखें।

  • 10:42 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी 2026 का निशिता पूजा मुहूर्त क्या है?

    जन्माष्टमी पर निशिता पूजा मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। 

  • 10:33 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami 2026 Live: जन्माष्टमी पूजा सामग्री लिस्ट

    • श्रृंगार और वस्त्र 
    • लड्डू गोपाल की पोशाक (पीले या लाल रंग की)।
    • मुकुट, कुंडल
    • बांसुरी 
    • पंचामृत बनाने की सामग्री (गाय का कच्चा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद और शक्कर)
    • गंगाजल और शुद्ध जल
    • और वैजयंती माला
    • मोरपंख 
    • फूल माला
    • अभिषेक और स्नान सामग्री
    • अभिषेक करने के लिए थाली 
    • रोली
    • अक्षत (साबूत चावल)
    • पीला चंदन 
    • धूप, अगरबत्ती
    • शुद्ध घी का दीपक
    • अखंड ज्योति 
    • कपूर
    • माचिस
    • इत्र (सुगंध के लिए)
    • भगवान का भोग 
    • धनिया पंजीरी (जन्माष्टमी का मुख्य प्रसाद)
    • मक्खन और मिश्री (बाल गोपाल का सबसे प्रिय भोग)
    • पंचामृत
    • मौसमी फल और मखाने की खीर
    • तुलसी दल (इसके बिना भगवान की पूजा पूरी नहीं होती)
    • श्री कृष्ण को झुलाने के लिए झूला
    • शंख और घंटी (आरती के लिए)
    • बन्दनवार
    • ताम्बूल (लौंग लगा पान का बीड़ा)
    • खड़ा धनिया व दूर्वा आदि
    • श्रीफल 
    • पंच पल्लव (बड़, गूलर, पीपल, आम और पाकर के पत्ते)
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