1. Hindi News
  2. धर्म
  3. क्या आप जानते हैं हर महीने आती है जन्माष्टमी लेकिन भादो वाली ही क्यों होती है खास? इस बारे में जानते हैं

क्या आप जानते हैं हर महीने आती है जन्माष्टमी लेकिन भादो वाली ही क्यों होती है खास? इस बारे में जानते हैं

Krishna Janmashtami And Masik Janmashtami Mein Antar: दो तरह की जन्माष्टमी होती है एक मासिक जन्माष्टमी और दूसरी कृष्ण जन्माष्टमी। मासिक जन्माष्टमी हर महीने पड़ती है तो वहीं कृष्ण जन्माष्टमी साल में एक ही बार आती है। अब सवाल ये उठता है कि दोनों के बीच का अंतर क्या है? यहां हम इसी बारे में आपको विस्तार से बताएंगे।

masik janamashtami and krishna janmashtami Me Antar- India TV Hindi
Image Source : CANVA मासिक जन्माष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी में अंतर?

Krishna Janmashtami And Masik Janmashtami Mein Antar: भाद्रपद महीने में आने वाली कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में तो हर कोई जानता है लेकिन मासिक जन्माष्टमी के बारे में सभी लोग नहीं जानते। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस दिन कई भक्त व्रत रखते हैं और लड्डू गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं जब ये जन्माष्टमी भाद्रपद महीने में आती है तो ये श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और कृष्ण जयंती कहलाती है। इस वाली ही जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। चलिए आपको बताते हैं इन दोनों जन्माष्टमी का महत्व।

मासिक जन्माष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी में अंतर

पहलू मासिक जन्माष्टमी कृष्ण जन्माष्टमी
आवृत्ति  हर महीने  साल में एक बार
सम्बन्ध साधारण उपवास और पूजा श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव
समय हर कृष्ण पक्ष अष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी + रोहिणी नक्षत्र
भव्यता कम, व्यक्तिगत पूजा  बहुत भव्य, सामूहिक आयोजन
उद्देश्य नियमित साधना  अवतार दिवस का उत्सव

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व 

कृष्ण जन्माष्टमी की तरह ही मासिक कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा भी मध्य रात्रि में की जाती है। कहते हैं इस व्रत को करने से संतान के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके अलावा घर में सुख शांति का वास होता है। साथ ही मनचाही इच्छा जल्द पूरी होती है। 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महत्व

कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में ही भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था इसलिए ही इस वाली जन्माष्टमी को सबसे खास माना जाता है। कहते हैं इस दिन व्रत रखने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Krishna Janmastami 2025 Puja Vidhi

कान्हा का इस रहस्यमयी अंक से है खास कनेक्शन, जन्म से मृत्यु तक इस नंबर ने नहीं छोड़ा साथ