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कुंडली के प्रथम भाव में 3 ग्रह दे सकते हैं राजयोग जैसा फल, ऐसे लोगों को भाग्य का भी मिलता है साथ

कुंडली के प्रथम भाव में कुछ ग्रहों का स्थित होना ज्योतिष में बेहद शुभ माना गया है। इन ग्रहों के प्रथम भाव में होने से व्यक्ति को राजयोग जैसे परिणाम जीवन में प्राप्त हो सकते हैं।

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Image Source : CANVA कुंडली के प्रथम भाव में 3 ग्रहों का होना शुभ

ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह का अपना गुण होता है। साथ ही कुंडली के सभी12 भावों में भी ग्रहों का फल भी अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में आज हम कुंडली के प्रथम भाव और इसमें बैठे ग्रहों के प्रभाव के बारे में बताएंगे। आपको बता दें कि प्रथम भाव में सूर्य, गुरु के साथ ही 3 ग्रहों का बैठना राजयोग जैसे फल देने वाला माना गया है। 

प्रथम भाव में गुरु 

गुरु को ज्योतिष में ज्ञान, वैभव और विवेक का कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली के प्रथम भाव में बैठा गुरु सबसे शुभ परिणाम आपको प्रदान कर सकता है। प्रथम भाव में बैठकर गुरु आपके पंचम, सप्तम और नवम भाव को भी प्रभावित करता है। ऐसे में प्रथम भाव में गुरु के होने से आपको सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठा प्राप्त होती है और साथ ही करियर में भी स्थिरता बनी रहती है। ऐसे लोगों को ज्ञानी और धार्मिक प्रकृति वाला भी माना जाता है। गुरु के प्रथम भाव में होने से पारिवारिक जीवन, शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियां मिल सकती हैं। इसके साथ ही भाग्य का भी ऐसे लोगों को हमेशा साथ मिलता है। 

प्रथम भाव में शुक्र

पहले भाव में शुक्र ग्रह का होना भी शुभता का प्रतीक माना गया है। पहले भाव में बैठे शुक्र व्यक्ति को सोम्य और समझदार बनाते हैं। ऐसे लोग रचनात्मक होते हैं और साथ ही अपने ज्ञान से लोगों को प्रभावित करते हैं। ऐसे लोगों को भी भाग्य का खूब सहयोग मिल सकता है और वाहन, भूमि-भवन की भी इनको प्राप्ति होती है। शुक्र के प्रथम भाव में बैठने से व्यक्ति करियर और सामाजिक स्तर पर तो ख्याति पाता ही है साथ ही ऐसे लोगों को वैवाहिक और प्रेम जीवन में भी शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। 

प्रथम भाव में सूर्य 

प्रथम भाव में सूर्य का होना बेहद शुभ माना गया है क्योंकि सूर्य इस भाव के कारक ग्रह भी हैं। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य प्रथम भाव में होता है उनके चेहरे पर अलग चमक देखने को आपको मिल सकती है। इसके साथ ही आत्मविश्वास की भी कोई कमी ऐसे लोगों में नहीं होती। ऐसे लोगों को जबरदस्त लीडर भी माना जाता है। सामाजिक स्तर पर ऐसे लोग अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जा सकते हैं। वहीं प्रथम भाव में बैठा सूर्य व्यक्ति को करियर में भी उच्च पदों तक पहुंचा सकता है। प्रथम भाव के साथ ही किन भाव में सूर्य की स्थिति शुभ मानी जाती है इसके बारे में आप विस्तार से हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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