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Mahashivratri Shiv Vaas 2026: शिववास कैलाश में तो शुभ और सुखदायी फल, भोजन में तो पीड़ादायी, जानिए इस महाशिवरात्रि पर शिववास कहां रहेगा?

Mahashivratri Shiv Vaas 2026: महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा भक्तों के द्वारा की जाती है। इस दिन शिववास कहां रहेगा और शिव पूजन में शिववास देखना क्यों आवश्यक है, इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।

Mahashivratri 2026- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK महाशिवरात्रि 2026

Mahashivratri Shiv Vaas 2026: महाशिवरात्रि के पावन दिन पर शिववास कहां रहेगा इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे। साथ ही शिववास होता क्या है और शिव जी की पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय  के अनुष्ठान के दौरान इसकी गणना करना क्यों जरूरी होता है इसकी जानकारी भी हम आपको देंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा या किसी अनुष्ठान में बिना शिववास देखे पूजा नहीं करनी चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो प्रतिकूल प्रभाव आपको जीवन में देखने को मिल सकते हैं। आइए अब विस्तार से जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर शिववास कहां होगा, भोलेनाथ की पूजा में इसे देखना क्यों जरूरी होता है। 

क्या होता है शिववास?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव हर माह में सात अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं, इन स्थानों को ही शिववास कहा जाता है। शिववास कहां रहेगा यह गणना करने के लिए शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक यानि 1 से 15 तारीख तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक यानि 16 से 30 तक दो भागों में महीने को बांटा जाता है। जिस भी तिथि के लिए आपको शिववास की गणना करनी है उसे 2 से गुणा आपको करना चाहिए। और गुणा करके जो परिणाम आए उसमें 5 जोड़कर पूरी संख्या के योग को 7 से भाग दे देना चाहिए। जो शेषफल आपको प्राप्त होगा उसके अनुसार शिववास की गणना होती है। नीचे शेषफल से शिववास का स्थान बताया गया है। 

शेषफल से शिववास का स्थान

कैलाशे लभते सौख्यं गौर्या च सुख सम्पदः। वृषभेऽभीष्ट सिद्धिः स्यात् सभायां संतापकारिणी।
भोजने च भवेत् पीड़ा क्रीडायां कष्टमेव च। श्मशाने मरणं ज्ञेयं फलमेवं विचारयेत्।।

शेषफल 1- शिववास कैलाश में- शुभ और सुखदायी
शेषफल 2- गौरी पार्श्व में (माता गौरी के साथ)- सुख और संपदा देने वाला 
शेषफल 3- वृषारूढ़ (नंदी बैल की पीठ पर)- अभीष्ट सिद्धि दायक
शेषफल 4- सभा में- संताप देने वाला 
शेषफल 5- भोजन- पीड़ादायी 
शेषफल 6- क्रीडारत- कष्टदायक
शेषफल 0- श्मशान में- मृत्युदायक

महाशिवरात्रि पर शिववास कहां रहेगा? 

महाशिवरात्रि के दिन पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर निवास करते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। हालांकि महाशिवरात्रि उन दिनों में से एक है जब शिववास देखे बिना भी आप शिव पूजन कर सकते हैं। महाशिवरात्रि को निष्काम पूजा का दिन माना जाता है इसलिए इस दिन शिव पूजन आप बिना शिववास देखे कर सकते हैं। 

कब शिववास देखना जरूरी नहीं होता?

भगवान शिव की निष्काम पूजा के लिए शिववास देखना आवश्यक नहीं होता। श्रावण माह, महाशिवरात्रि किसी तीर्थ स्थान और ज्योतिर्लिंग में पूजा के दौरान शिववास देखने की आवश्यकता नहीं होती। वहीं रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान, शिव जी की विशेष पूजा जिससे आप मनोकामनाओं की पूर्ति करना चाहते हों के दौरान शिववास देखा जरूरी होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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