मंगल ग्रह 18 सितंबर को मिथुन राशि से निकलकर अपनी नीच राशि कर्क में गोचर कर जाएंगे। अग्नि तत्व प्रधान ग्रह मंगल का जल तत्व की राशि कर्क में जाना अग्नि तत्व की राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। मंगल के इस गोचर के चलते अग्नि तत्व की तीन राशियों मेष, सिंह और धनु वालों को करियर से जुड़े फैसले संभलकर लेने होंगे और साथ ही जीवन के अन्य पक्षों पर भी ध्यान देना होगा। आइए विस्तार से जान लेते हैं इन तीनों राशियों को क्या सावधानियां बरतनी होंगी।
मेष राशि
मंगल ग्रह आपकी ही राशि के स्वामी हैं और ऐसे में मंगल का नीच राशि में प्रवेश करना आपके लिए चिंताजनक हो सकता है। पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना इस राशि के कुछ जातक कर सकते हैं। माता के स्वास्थ्य का भी आपको ख्याल रखना होगा क्योंकि चंद्रमा आपके चतुर्थ भाव (माता का भाव) में स्थित होंगे। जो लोग रियल एस्टेट का काम करते हैं उन्हें हर डील सोच-समझकर करनी होगी। आग से इस दौरान बचकर रहें। कार्यक्षेत्र में सीनियर्स की नजर आपके काम पर होगी इसलिए एकाग्रता से हर कार्य को पूरा करें। धन से जुड़े मामलों को लेकर भी आपको सतर्कता बरतनी होगी।
सिंह राशि
अग्नि तत्व प्रधान ग्रह मंगल का नीच अवस्था में होना आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। आपका आत्मविश्वास डगमगा सकता है और निर्णय लेने की क्षमता पर भी बुरा असर देखने को मिलेगा। मंगल आपके त्रिक भावों में से एक द्वादश भाव में होंगे इसलिए धन हानि की भी आशंका है। आपको धन का लेन-देन बहुत सावधानी से करने की जरूरत होगी। करियर से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें वरना दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आपको वैवाहिक जीवन में भी संभलकर आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।
धनु राशि
धनु भी अग्नि तत्व प्रधान राशि है इसलिए मंगल का कर्क में गोचर इनके लिए भी परेशानियों का सबब बन सकता है। कर्क में गोचर के दौरान मंगल आपके अष्टम भाव में होंगे जिसके कारण अचानक उतार-चढ़ाव जीवन में आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी भी काम को कल पर न टालें, आपकी छवि खराब हो सकती है। भाग्य के सहारे न बैठें और कड़ा परिश्रम जारी रखें। आर्थिक मामलों में भी संभलकर आपको रहना होगा। उधार का लेने और देने करने से आपको बचना चाहिए। गलत संगति से जितना दूर रहेंगे उतना ही आपके लिए हितकारी साबित होगा।
उपाय
मेष, सिंह और धनु राशि वालों को मंगल की प्रतिकूलता को दूर करने के लिए नीचे दिए गए उपाय करने चाहिए।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और योग-ध्यान करें।
- लाल वस्त्र धारण करें।
- गुड़, लाल मसूर, लाल कपड़ों का दान करें।
- भाई-बहनों को उपहार दें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
पूजा के दौरान सिर ढकना क्यों है जरूरी? जान लें इसका धार्मिक महत्व