Kundli Ke Trik Bhav: कुंडली में कुल 12 भाव होते हैं और हर भाव कुछ न कुछ बताता है। इन बारह भावों में 3 भाव ऐसे भी होते हैं जिनको जीवन में चुनौतियों और संघर्षों का कारण माना जाता है। इन तीन भावों को त्रिक भाव भी कहा जाता है। साथ ही ये भाव छुपे रहस्यों को उजागर करने वाले भी माने जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इनके बारे में।
क्या होते हैं त्रिक भाव
कुंडली के छठे, आठवें और बारहवें भाव को त्रिक भाव कहा जाता है। ये तीनों भाव व्यक्ति के जीवन में संघर्षों का कारण बनते हैं लेकिन साथ ही ये भाव गूढ़ रहस्यों का केंद्र भी माने जाते हैं। आइए सबसे पहले जानते हैं ये तीनों भाव किन चीजों के कारक होते हैं।
छठा भाव- यह भाव कर्ज, शत्रु, बीमारी, मुकदमेबाजी, दैनिक कामकाज का कारक होता है। इस भाव से पता चलता है कि किस तरह के रोग आपको परेशान कर सकते हैं और शत्रु पक्ष कैसा होगा।
आठवां भाव- यह भाव गूढ़ रहस्यों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। जीवन में जो घटनाएं अचानक से होते हैं उनका कारक भी यही भाव होता है। इसके साथ ही गुप्त विद्या, आयु, मृत्यु, गुप्त धन और अध्यात्म का भी कारक इस घर को माना जाता है।
बारहवां भाव- यह भाव हानि, खर्च, अस्पताल, नींद और मोक्ष का कारक माना गया है। मायमोह से आपको कैसे मुक्ति मिलेगी और कैसे मोक्ष की प्राप्ति होगी इसकी जानकारी भी यही भाव देता है।
कुंडली में इन भावों की स्थिति का आपके जीवन पर प्रभाव
अगर कुंडली में ये भाव प्रतिकूल हैं तो जीवन में बड़े संघर्ष आ सकते हैं। अचानक से हानि होने की भी संभावना होती है। ऐसे लोगों को दुर्घटनाओं और शत्रुओं से भी सतर्कता बरतनी होती है। वहीं ये सभी भाव अगर अनुकूल हैं तो संघर्षों के बाद सफलता मिलने के अच्छे योग बनते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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