भाद्रपद अमावस्या साल 2026 में 11 सितंबर को है। इसी दिन चंद्रमा भी सिंह राशि से निकलकर कर कन्या राशि में गोचर कर जाएंगे। चंद्रमा का यह गोचर रात्रि 7 बजकर 8 मिनट पर होगा। चंद्रमा राशि बदलते ही शनि के साथ विष योग का निर्माण करेंगे क्योंकि चंद्रमा और शनि की सातवीं दृष्टि एक दूसरे पर होगी। ज्योतिष की मानें तो जब भी चंद्रमा और शनि युति बनाते हैं या फिर एक दूसरे से सातवें भाव में होते हैं तो विष योग का निर्माण होता है। ऐसे में 11 सितंबर की रात को विष योग बनेगा और 13 सितंबर की देर रात तक विद्यमान रहेगा। इस योग के दौरान किन राशियों को सावधानी बरतनी चाहिए, आइए जानते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों विष योग के दौरान चंद्रमा आपके दूसरे भाव में होंगे जबकि शनि आपके त्रिक भाव में से एक अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे। इसलिए धन से जुड़े मामलों को लेकर आपको सतर्कता बरतनी होगी। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। इस राशि वालों को वाणी पर भी नियंत्रण रखने की जरूरत होगी नहीं तो सामाजिक स्तर पर मानहानि हो सकती है। पैतृक कारोबार करते हैं बिना सलाह के कोई भी निर्णय आपको नहीं लेना चाहिए। सेहत को लेकर भी सावधानी आपको बरतनी चाहिए। उपाय के तौर पर शिव चालीसा का पाठ करें।
तुला राशि
तुला वालों विष योग के दौरान चंद्रमा आपके द्वादश भाव में होंगे और शनि छठे भाव में। ऐसे में आपको शत्रुओं से सावधान रहने की सलाह दी जाती है, कार्यक्षेत्र में हर काम सतर्कता से करें। आर्थिक पक्ष में भी कुछ लोगों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। सही बजट बनाकर आगे बढ़ेंगे तो स्थिति सुधर सकती है। जो लोग कानूनी मामलों में फंसे हैं उन्हें जल्दबाजी में कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिए। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर आपको जल अर्पित करना चाहिए।
कुंभ राशि
कुंभ वालों विष योग के दौरान चंद्रमा आपके अष्टम भाव में होंगे जबकि शनि आपकी दूसरे भाव में विराजमान हैं। ग्रहों की यह स्थिति अचानक से जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर सकती है। कड़ी मेहनत के बाद भी आशातीत फल न मिलने से आप निराश हो सकते हैं लेकिन आपको धैर्य बनाकर आगे बढ़ना होगा, स्थितियां चेंज भी अवश्य होंगी। इस राशि के जातकों को वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर का तला-भुना भोजन करने से बचें नहीं तो सेहत खराब हो सकती है। उपाय के तौर पर शनि ग्रह के मंत्रों का जप करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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