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लड्डू गोपाल की छठी कब मनाई जाएगी 9 या 10 सितंबर? नोट कर लें सही डेट, पूजा विधि और नियम

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 08, 2026 05:39 pm IST,  Updated : Sep 08, 2026 05:39 pm IST

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 6 दिन बाद लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाती है। इस दिन बाल गोपाल को कढ़ी चावल और अन्य भोग सामग्री चढ़ाई जाती है। तो यहां जानिए इस साल कृष्ण छठी कब मनाई जाएगी।

कृष्ण छठी 2026- India TV Hindi
कृष्ण छठी 2026 Image Source : INDIA TV

भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को भक्तगण अपने बच्चे की तरह रखते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन जब कान्हा जी का जन्म कराया जाता है तो 6 दिन बाद उनकी छठी पूजा भी की जाती है। ठीक वैसे ही जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसकी छठी मनाई जाती है।  इस साल 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया था। ऐसे में माधव के भक्त असमंजस में है कि लड्डू गोपाल की छठी किस दिन मनाए। तो चलिए जानते हैं कृष्ण छठी की सही तिथि, पूजा और नियम के बारे में।

कृष्ण छठी 2026 कब है? 

ज्योतिषों के अनुसार, हिंदू धर्म में जिस दिन बच्चा पैदा होता उससे ठीक 6 दिन बाद उसकी छठी मनाई जाती है। इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर को थी ऐसे में बाल गोपाल कृष्ण जी की छठी 9 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। बता दें कि हिंदू धर्म में छठी की परंपरा बच्चे के जन्म के छठे दिन मनाए जाने वाले संस्कार से जुड़ी मानी जाती है। छठी के दिन जैसे बच्चे को नया कपड़ा पहनाया जाता है ठीक उसी तरह लड्डू गोपाल को भी नए वस्त्र पहनाकर उनका प्यारा सा श्रृंगार किया जाता है।

कृष्ण छठी पर लड्डू गोपाल को क्या भोग लगाएं? 

कृष्ण छठी के दिन कान्हा जी को कढ़ी चावल का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा कृष्ण जी को माखन-मिश्री, पंचामृत, फल, तुलसी, पेड़ा, खीर, मालपुआ और अन्य सात्विक चीजें अर्पित करें। लड्डू गोपाल के भोग में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। 

कृष्ण छठी पूजा विधि

  • कृष्ण छठी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। 

  • इसके बाद मंदिर या पूजा स्थल को साफ कर के गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें। 

  • अब एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। फिर उस पर लड्डू गोपाल को विराजमान करें। 

  • फिर लड्डू गोपाल को दूध और जल से स्नान करें। पंचामृत से भी अभिषेक कर सकते हैं। 

  • इसके बाद बाल गोपाल को पीले रंगे के वस्त्र पहनाएं और उन्हें काजल का टीका भी लगाएं। काजल घर पर ही बना लें।

  • मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और आभूषणों से लड्डू गोपाल का का सुंदर श्रृंगार करें। कान्हा जी को चंदन का टीका भी लगाएं।

  • कृष्ण जी के सामने धूप-दीप जलाएं और फूल अर्पित करें। 

  • फिर कान्हा जी की आरती करें और मंत्रों का उच्चारण करें। 

  • अब लड्डू गोपाल को कढ़ी चावल समेत मिठाई, फल, पंचामृत, खीर आदि सात्विक चीजों का भोग लगाएं।

  • कान्हा जी के भोग में तुलसी जरूर रखें वरना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाएगी।

  • छठी के मंगल गीत व भजन गाएं और लड्डू गोपाल को प्यार से झूला झुलाएं।

कृष्ण छठी पूजा नियम

  • छठी के दिन लहसुन-प्याज का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें। 
  • कृष्ण जी के भोग में तुलसी जरूर रखें। 
  • छठी के दिन कान्हा जी को कढ़ी चावल का भोग जरूर लगाएं।
  • कान्हा जी को पीले फूल, मिठाई भी अवश्य अर्पित करें।
  • लड्डू गोपाल की छठी के दिन बधाई गीत और भजन-कीर्तन करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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