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माता की चौकी सजाते समय न करें ये गलतियां, दिशा से लेकर अखंड ज्योत तक जान लें जरूरी नियम

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है, जिसके लिए पहले से ही विशेष तैयारियां शुरू हो जाती हैं। अगर इस बार घर में माता की चौकी सजा रहे हैं, तो दिशा और पूजा स्थल से जुड़े इन वास्तु नियमों को जरूर जान लें।

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Image Source : PINTEREST नवरात्रि में माता की चौकी सजाते समय ध्यान रखें ये बातें

नवरात्रि के दौरान कई घरों में कलश स्थापना के साथ माता की चौकी भी सजाई जाती है, जिसके कुछ नियम बताए गए हैं। चौकी किस दिशा में रखी जाए, पूजा की जगह कैसी हो और अखंड ज्योत को कहां रखा जाए, इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं नवरात्रि में माता की चौकी सजाने के वास्तु और पूजा नियम।  

शारदीय नवरात्रि 2026

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगी और 19 अक्टूबर को इसका समापन होगा। इसके अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। 

नवरात्रि में माता की चौकी सजाने के नियम

चौकी की दिशा: वास्तु अनुसार, घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा पूजा-पाठ के लिए शुभ होता है। इसलिए माता की चौकी इसी दिशा में स्थापित करना बेहतर माना जाता है। अगर वहां पर्याप्त जगह नहीं है, तो उत्तर या पूर्व दिशा का चयन करें। पूजा के समय आपका मुख भी उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो, इसका ध्यान रखें।

पवित्रता: चौकी रखने से पहले उस स्थान की अच्छी तरह सफाई कर लें। लकड़ी की चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। पूजा स्थल के आसपास जूते-चप्पल, झाड़ू, कबाड़ या ऐसी कोई वस्तु न रखें, जिससे पूजा की पवित्रता और व्यवस्था प्रभावित हो।

पूजा सामग्री: माता की चौकी सजाते समय मूर्ति, तस्वीर और कलश साफ और सही अवस्था में होने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल पर खंडित या टूटी हुई प्रतिमा रखना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए चौकी सजाते समय पूजा की सभी सामग्री को अच्छी तरह जांच लेना चाहिए।

अखंड ज्योत: अगर नवरात्रि के नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाने का संकल्प लिया है, तो उसके स्थान का विशेष ध्यान रखें। दीपक को पर्दे, कागज, कपड़े और अन्य ज्वलनशील चीजों से दूर रखें। ज्योत को ऐसी जगह रखें जहां तेज हवा न आती हो और उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षित स्थान हो।

ताजे फूल: मां दुर्गा की पूजा में ताजे फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। चौकी पर चढ़े पुराने या सूखे फूलों को लंबे समय तक न रखें। उन्हें समय-समय पर हटाकर पूजा स्थल को व्यवस्थित बनाए रखें। साथ ही चौकी ऐसी जगह रखें जहां अनावश्यक रूप से ज्यादा आवाजाही न हो।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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