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पूजा में चंदन का इस्तेमाल क्यों है इतना खास? भगवान को अर्पित करने से माथे पर तिलक लगाने तक, जानें धार्मिक महत्व

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 06, 2026 07:32 am IST,  Updated : Oct 06, 2026 08:54 am IST

चंदन का इस्तेमाल पूजा-अनुष्ठान से लेकर तिलक लगाने तक कई तरह से किया जाता है। पूजा में चंदन का इस्तेमाल क्यों है इतना खास, चंदन का तिलक क्यों लगाया जाता है? जानिए हिंदूओं में चंदन के महत्व से जुड़े कारण और इसके इस्तेमाल से होने वाले लाभ।

Chandan, sandalwoo tilak Benefits, चंदन का तिलक- India TV Hindi
सनातम परंपरा में चंदन का महत्व Image Source : PINTEREST

सनातन धर्म की परंपरा में चंदन को इतना पवित्र माना गया है कि पूजा में इसका प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। माथे पर चंदन का तिलक लगाने की परंपरा भी सदियों पुरानी है। चंदन का इस्तेमाल अलग-अलग रूपों में किया जाता है। चंदन का प्रयोग मन को शांत रखने और पूजा के आध्यात्मिक प्रभाव को बढ़ाने वाला माना जाता है। आइए जानते हैं पूजा में उपयोग करने से लेकर माथे पर तिलक लगाने तक, चंदन के पीछे की वजह और फायदे। 

पूजा में चंदन का इस्तेमाल क्यों है खास?​

चंदन को संस्कृत में श्रीखंडम् कहा जाता है। पूजा में देवी-देवताओं को चंदन अर्पित करने और माथे पर इसका तिलक लगाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर चंदन का लेप या अभिषेक किया जाता है। वहीं, भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा में सफेद और लाल चंदन अर्पित करने की परंपरा है। 

माथे पर चंदन लगाने के फायदे

हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाने की परंपरा बेहद पुरानी है। चंदन का तिलक विशेष रूप से शांति और शीतलता का प्रतीक है। माना जाता है कि पूजा या मंत्र जाप के बाद चंदन का तिलक लगाने से मन एकाग्र रहने और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। चंदन की खुशबू मन को सुकून देती है, यह तनाव और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है। 

सिरदर्द में राहत

चंदन की ठंडी तासीर के कारण माथे पर इसका लेप लगाने की परंपरा रही है। खासतौर पर गर्मी या थकान की वजह से होने वाले सिरदर्द में इससे ठंडक महसूस हो सकती है। वहीं, चंदन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल में भी किया जाता है। इसका लेप त्वचा को ठंडक देने के साथ अतिरिक्त तैलीयपन कम करने में मदद कर सकता है। 

चंदन की माला से जाप

चंदन का इस्तेमाल केवल तिलक तक सीमित नहीं है। चंदन की माला से मंत्र जाप करने की भी परंपरा है। देवी गायत्री, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप चंदन की माला से करने की मान्यता है। इससे साधना के दौरान मन को स्थिर रखने में सहायता मिलती है।

चंदन का आध्यात्मिक महत्व

चंदन की सबसे बड़ी विशेषता उसकी शीतलता होती है। इसलिए पूजा-अनुष्ठान में चंदन का इस्तेमाल केवल एक सामग्री के तौर पर नहीं, बल्कि शांति, पवित्रता और सात्विकता के प्रतीक के रूप में किया जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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