ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति का संबंध ज्ञान, शिक्षा, धन, भाग्य और मान-सम्मान से बताया जाता है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसे करियर में खूब तरक्की हासिल हो। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी नौकरी या बिजनेस में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाता। ज्योतिषीय में ऐसी स्थिति को कुंडली में कमजोर या पीड़ित बृहस्पति से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में गुरु से जुड़े कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जो रुकावटों को दूर करने में फायदेमंद हो सकते हैं।
गुरु कमजोर होने के संकेत
- ज्योतिष के अनुसार, कमजोर गुरु का असर जीवन के कई क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है।
- मेहनत के बावजूद करियर में अपेक्षित सफलता न मिलना
- नौकरी में प्रमोशन का बार-बार रुकना
- बिजनेस की ग्रोथ में अड़चन आना
- वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ संबंधों में परेशानी
- धन आने के बावजूद बचत न हो पाना
- जरूरी फैसलों के समय असमंजस की स्थिति
- शिक्षा और ज्ञान से जुड़े कामों में रुकावट
गुरु ग्रह को मजबूत करने के उपाय
- गुरु को ज्ञान और शिक्षा का कारक माना है। इसलिए शिक्षक, माता-पिता, बड़े-बुजुर्ग और मार्गदर्शकों का सम्मान करना महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। अपनी क्षमता अनुसार उन्हें किताब, पेन, डायरी जैसी उपयोगी वस्तु भी भेंट कर सकते हैं।
- ज्योतिष में बृहस्पति का संबंध पीले रंग से बताया गया है। गुरुवार को पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है। इस दिन चने की दाल, बेसन और हल्दी जैसी पीली चीजों को भोजन में शामिल करें। सात्विक भोजन करने और नशे या तामसिक खान-पान से बचने की सलाह भी दी जाती है।
- गुरु से जुड़े पारंपरिक उपायों में हल्दी और केसर का तिलक भी शामिल है। मान्यता है कि स्नान के बाद माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाने से सकारात्मकता बढ़ती है। रोज संभव न हो तो गुरुवार के दिन यह उपाय करें।
- बृहस्पति से जुड़े उपायों में मंत्र जाप भी लाभदायक है। सुबह स्नान के बाद शांत स्थान पर बैठकर 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करें। श्रद्धा अनुसार 11, 21, 108 बार जाप करना शुभ होता है।
- गुरु का संबंध शिक्षा और ज्ञान से माना जाता है। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने की सलाह दी जाती है। किसी विद्यार्थी को किताब, कॉपी, पेन या दूसरी शैक्षणिक सामग्री देना सकारात्मक पहल हो सकती है।
सिर्फ उपायों पर न रहें निर्भर
हालांकि, सफलता केवल किसी ग्रह या ज्योतिषीय उपाय पर निर्भर नहीं करती। मेहनत, सही कौशल, अनुशासन, बेहतर निर्णय और लगातार सीखते रहना भी करियर में आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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