हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की रेखाओं, पर्वतों और चिह्नों को देखकर भविष्यवाणी की जाती है। हस्तरेखा शास्त्र की मानें तो हथेली में कुछ ऐसी रेखाएं भी होती हैं जो विदेश यात्रा का प्रबल संकेत मानी जाती हैं। आज हम आपको इन्हीं रेखाओं के बारे में आपको अपने इस लेख में जानकारी देने जा रहे हैं। अगर आपकी हथेली में भी ऐसी रेखाएं देखने को मिलती हैं तो आप भी विदेश जाने में कामयाब हो सकते हैं।
हथेली में विदेश यात्रा के योग
हथेली में विदेश यात्रा के योग को जानने के लिए सबसे पहले चंद्र पर्वत का आपको पता होना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि विदेश यात्रा में चंद्र पर्वत का बहुत अधिक योगदान होता है और प्राचीन समय से ही चंद्र पर्वत को विदेश जाने का कारक माना गया है। चंद्र पर्वत अंगूठे के ठीक सामने और कनिष्ठा उंगली के नीचे मौजूद भाग को कहा जाता है। आइए अब जान लेते हैं कि कौन सी रेखाएं प्रबल विदेश यात्रा का योग बताती हैं।
- हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली में अगर भाग्य रेखा का संबंध चंद्र पर्वत से हो जाए तो विदेश यात्रा के प्रबल योग बनते हैं। भाग्य रेखा का झुकाव अगर चंद्र पर्वत की ओर हो या चंद्र पर्वत से कोई रेखा निकलकर भाग्य रेखा को छुए तो व्यक्ति विदेशों में बस भी सकता है। अक्सर विदेश यात्रा करने का चांस ऐसे व्यक्ति को मिलता रहता है।
- अगर चंद्र पर्वत से निकलकर कोई रेखा मस्तिष्क रेखा या फिर हृदय रेखा को काटते हुए आगे बढ़ जाए तो लंबी दूरी की यात्राएं व्यक्ति को करनी पड़ती हैं ऐसे लोगों को विदेश जाने का भी मौका जरूर मिलता है। ऐसे लोग अक्सर विदेश में बस जाते हैं।
- अगर मध्यमा उंगली के ठीक नीचे से शुरू होकर कोई रेखा चंद्र पर्वत पर खत्म हो तो ऐसे लोग भी विदेश यात्रा पर जाते हैं। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए या फिर नौकरी के संबंध में ऐसे लोगों की विदेश यात्राएं हो सकती हैं।
इन रेखाओं के अलावा अगर हथेली में चंद्र पर्वत मजबूत है यानि उभरा हुआ और स्पष्ट है, बहुत अधिक रेखाएं इस पर्वत पर नहीं हैं और कोई अशुभ चिह्न भी चंद्र पर्वत पर नहीं दिख रहा तो व्यक्ति को विदेश जाने का मौका अवश्य मिल सकता है। विदेश यात्रा के योग के साथ ही अगर आप जानना चाहते हैं कि हथेली पर बने कौन से निशान धनवान होने का संकेत हैं तो इस बारे में हमारे वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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