1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Best Puja Aasan: पूजा के दौरान किस आसन पर बैठना होता है सबसे शुभ? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

Best Puja Aasan: पूजा के दौरान किस आसन पर बैठना होता है सबसे शुभ? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

Best Puja Aasan: पूजा करते समय सही आसन का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ आसन बेहद शुभ माने गए हैं। जबकि कुछ आसनों को उपयोग न करने की सलाह दी जाती है।

Best Puja Aasan- India TV Hindi
Image Source : PEXELS पूजा के लिए कौन-सा आसन बेस्ट

Best Puja Aasan: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ केवल मंत्रों और भक्ति तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि पूजा के दौरान सही नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार पूजा करते समय जिस आसन पर बैठा जाता है, उसका असर व्यक्ति की एकाग्रता, मानसिक ऊर्जा और पूजा के फल पर पड़ता है। कई लोग अनजाने में गलत आसन का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे पूजा का प्रभाव कम हो सकता है। तो चलिए जानते हैं कि पूजा के लिए कौन-सा आसन सबसे शुभ होता है।

कुश का आसन सबसे श्रेष्ठ

शास्त्रों में कुश घास से बने आसन को पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है। मान्यता है कि कुश का आसन नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। इसके साथ ही पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र बनाए रखता है। इसी वजह से कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

ऊन का आसन क्यों शुभ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऊन से बना आसन शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है। खासकर सर्दियों में पूजा करते समय ऊनी आसन का इस्तेमाल आरामदायक और शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे पूजा में ध्यान लगाने में आसानी होती है।

रेशम और सूती आसन

रेशम के आसन को देवी लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए विशेष पूजा या लक्ष्मी पूजन में रेशम का आसन शुभ माना जाता है। वहीं, रोजाना की पूजा और संध्या आरती के लिए सूती आसन का इस्तेमाल अच्छा माना गया है।

इन आसनों से करें परहेज

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान प्लास्टिक की चटाई या कालीन पर बैठने से बचना चाहिए। माना जाता है कि ऐसे आसन सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डाल सकते हैं।

सही आसन का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए। इसलिए पूजा करते समय सही आसन का चयन करना भी उतना ही जरूरी माना गया है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: कुंडली में 'गुरु दोष' या 'पितृ दोष' है, तो मलमास में कैसे करें निवारण? जानिए खास उपाय