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कुंडली में 'गुरु दोष' या 'पितृ दोष' है, तो मलमास में कैसे करें निवारण? जानिए खास उपाय

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 28, 2026 06:26 pm IST,  Updated : May 28, 2026 06:26 pm IST

Pritru Dosh Nivaran Upay: कुंडली में पितृ दोष या गुरु दोष हो तो व्यक्ति को करियर, विवाह, आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मलमास में किए गए उपाय इन दोषों के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं। जानें कौन से उपाय गुरु दोष या पितृ दोष दूर करते हैं।

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मलमास में गुरुदोष व पितृ दोष से मुक्ति के उपाय Image Source : INDIA TV

Malmas 2026 Pritru Dosh Nivaran Upay: सनातन धर्म में मलमास में आध्यात्मिक साधना और दोष निवारण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। भले ही इस दौरान विवाह और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ, दान और जप का विशेष महत्व होता है। कहते है कि इस दौरान किए गए जप, तप और दान का फल लंबे समय तक मिलता है। वहीं, कुछ खास उपायों से पितृ दोष और गुरु दोष को शांत करने में मदद करते हैं। चलिए जानते हैं मलमास में किए जाने वाले उन अचूक उपायों के बारे में, जो गुरु दोष और पितृ दोष के बुरे प्रभावों से राहत दिला सकते हैं।  

पितृ दोष के संकेत

ज्योतिष में पूर्वजों के कारण वंशजों को मिलने वाले कई प्रकार के कष्टों को ही पितृदोष माना गया है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार रुकावटें, आर्थिक संकट, गृह क्लेश या मानसिक तनाव हो तो इसे पितृ दोष माना जाता है। समय पर विवाह न होना, परिवार में बीमारी बने रहना, तरक्की में बाधा, पैसा होते हुए भी सुकून न मिलना, संतान न होना, शिक्षा में अड़चनें आना और बिना वजह परेशानियां बढ़ना भी इसी के संकेत माने जाते हैं।

  1. तर्पण और पिंडदान: मलमास में अमावस्या और शनिवार के दिन तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना गया है। इस दौरान जल में काले तिल और कुश डालकर पितरों को अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
  2. पीपल पूजा: पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। ऐसे में मलमास के दौरान शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करना लाभकारी माना गया है। कई लोग नियमित रूप से पीपल की परिक्रमा भी करते हैं।
  3. गीता पाठ: मलमास को अधिकमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इसे भगवान विष्णु का प्रिय महीना भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ और श्रवण करने से मानसिक सुकून मिलता है और घर में भी पॉजिटिविटी आती है। 
  4. दान-पुण्य: मलमास में जरूरतमंद लोगों को अन्न और जल दान करने से भी पुण्य फल प्राप्त होता है। भयंकर गर्मी होने के चलते कई जगहों पर सत्तू, पानी का घड़ा, फल और तांबे के बर्तन दान करने की परंपरा देखने को मिलती है। अन्न-जल दान से पितरों के प्रसन्न होने की मान्यता है।

गुरु दोष के लक्षण

ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, विवेक और सकारात्मक सोच का कारक माना गया है। जब गुरु कमजोर होता है तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होने लगती है। डरावने सपने आना, मानसिक अस्थिरता और नकारात्मक विचार बढ़ना गुरु दोष के संकेत माने जाते हैं।

गुरु दोष दूर करने के उपाय

  • मलमास में गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनना और केले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना गया है। 
  • भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। वहीं, गुरु ग्रह को मजबूत करने में 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का नियमित जाप सहायक बताया है।
  • इस महीने पीली वस्तुओं जैसे हल्दी, चने की दाल, केला और पीले कपड़ों का दान करना शुभ माना गया है। साथ ही पशु-पक्षियों को भोजन कराना भी शुभ माना गया है।

ये आसान उपाय भी देंगे राहत

  • सुबह-शाम घर में कपूर जलाने से देव दोष और पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।
  • अमावस्या या पूर्णिमा पर गुड़-घी की आहुति देना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन उपायों को श्रद्धा के साथ करने से मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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