Premananda Maharaj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। उनकी दिव्य वाणी सुनकर हर कोई उनका मुरीद हो जाता है। आज महाराज जी का नाम पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से फैल रहा है। लोग महाराज जी द्वारा बताई गई ज्ञानवर्धक बातों का काफी अनुसरण भी करते हैं। महाराज जी से मिलने आए लोग अक्सर उनसें कई तरह के सवाल पूछते हैं जिसका महाराज जी बड़े ही सरलता से जवाब देते हुए अपने भक्तों के मन के सभी अंधकार को दूर कर देते हैं। ऐसे ही एक भक्त ने महाराज जी से पूछा कि सबसे उत्तम मंत्र कौन सा है जानिए इस पर महाराज जी ने क्या जवाब दिया।
एकाकी वार्तालाप के दौरान प्रेमानंद महाराज ने बताया कि भगवान का नाम सबसे बड़ा मंत्र है और वो अनंत है। इसे जपने में किसी भी तरह का कोई निषेध नहीं है। इसलिए जो नाम प्रिय लगे राम, कृष्ण, राधा या हरि उसे जपना चाहिए। मंत्र के विषय में ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि कौन सा मंत्र बड़ा है कौन सा हल्का है। भगवान का नाम ऐसा है जिसका जाप कोई भी कर सकता है।
ऐसे ही जब प्रेमानंद महाराज से किसी भक्त ने भगवान कृष्ण का सबसे शक्तिशाली मंत्र पूछा तो उस पर महाराज जी ने कहा कि भगवान कृष्ण के सब नामों में, सब मंत्रों में समान शक्ति विराजमान हैं। इसलिए कभी ऐसी भावना ना करें कि यह तो हल्का मंत्र है या हल्का नाम है। सब नाम समान हैं। जो नाम प्रिय लगे उसे ही जपना चाहिए। ऐसी ही जो गुरु देव नाम मंत्र दे दें उसे जपना चाहिए।
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