Purushottami Ekadashi 2026 Upay: 27 मई को पुरुषोत्तमी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे कमला या पद्मिनी एकादशी कहते हैं। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की भी पूजा करें। ऐसा करने से आपको सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी। आपको बता दें अधिकमास में आने की वजह से इस एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी कहते हैं। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस माह के स्वामी भगवान विष्णु है इसलिए इस एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पुरुषोत्तमी एकादशी 3 साल में एक बार आती है, इसलिए इस दिन किए गए उपायों का फल भी कई गुना अधिक और अचूक माना जाता है। यदि आप आर्थिक तंगी, कर्ज, नौकरी में आ रही बाधाओं या पारिवारिक कलह से परेशान हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन इन उपायों को जरूर करें।
व्यापार और नौकरी में तरक्की के लिए
एकादशी के दिन एक लोटे में जल, थोड़ा सा कच्चा दूध और मिश्री मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें। इसके बाद पीपल पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से व्यापार में वृद्धि और नौकरी में तरक्की मिलती है।
आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति के लिए
एकादशी की रात को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने गौमाता के घी का नौ बत्तियों वाला दीपक (नवग्रह दीपक) जलाएं। दीपक जलाकर 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलवासिन्यै स्वाहा' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे रुका हुआ धन वापस आता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आती है।
सुख-समृद्धि के लिए
पुरुषोत्तमी एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं और उनकी 11 या 21 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहें।
ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाया जाता और न ही उनके पत्ते तोड़े जाते हैं। पत्ते एकादशी के एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें। इस उपाय को करने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है।
दान करें
पुरुषोत्तमी या पद्मिनी एकादशी के दिन पर किए गए दान का फल अक्षय होता है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले वस्त्र, चने की दाल, केला, धार्मिक पुस्तकें या तांबे के बर्तन दान करें। इसके अलावा जल का दान (जैसे प्याऊ लगवाना या मटका दान करना) करने से भी महापुण्य मिलता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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