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अगस्त में कब रखा जाएगा श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत? नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

पवित्र श्रावण मास की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने में शिवरात्रि, सोमवारी व्रत, मंगला गौरी व्रत, नाग पंचमी, कजरी तीज और श्रावण पुत्रदा एकादशी समेत कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पड़ते हैं। आज हम आपको श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत के बारे में बताएंगे, जानिए अगस्त में कब रखा जाएगा ये व्रत।

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Image Source : UNSPLASH.COM श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026

भगवान शिव की भक्ति का सबसे पावन महीना 'सावन' 30 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। इस महीने में शिवलिंग की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा इस महीने में कई बड़े व्रत-त्योहार भी पड़ते हैं। आज हम बात करेंगे सावन में आने वाली पुत्रदा एकादशी के बारे में, जो श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। इसे पवित्रोपना एकादशी या पवित्र एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है इस एकादशी व्रत को रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके अलावा ये एकादशी व्रत वाजपेय यज्ञ के समान पुण्यफल देता है। चलिए जानते हैं इस साल कब मनाई जाएगी श्रावण पुत्रदा एकादशी।

श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत 2026 (Sawan Putrada Ekadashi 2026)

श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण समय 24 अगस्त की दोपहर 01:41 से 04:16 बजे तक रहेगा। पंचांग अनुसार पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त 2026 को 02:00 AM से शुरू होकर 24 अगस्त 2026 को 04:18 AM तक रहेगी।

श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व (Sawan Putrada Ekadashi Mahatva)

  • श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत विशेष रूप से उन दंपत्तियों के लिए अत्यंत फलदायी होता है जो संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। 
  • शास्त्रों के अनुसार जो भी श्रद्धालु इस दिन व्रत करता है, उसे न केवल योग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल्कि वह संतान दीर्घायु, बुद्धिमान और धार्मिक भी होती है।
  • इसके अलावा यह व्रत जीवन में रोग, दरिद्रता और संकट भी दूर कर देता है। 
  • इस व्रत को रखने से सभी पापों का नाश हो जाता है।

श्रावण पुत्रदा एकादशी पूजा विधि 

  • इस दिन श्रीहरि विष्णु भगवान की पूजा पीले वस्त्र पहनकर करनी चाहिए।
  • पूजा के दौरान पुत्रदा एकादशी की कथा जरूर पढ़नी चाहिए।
  • सुबह के समय सूर्यदेव को अर्घ्य भी जरूर देना चाहिए।
  • व्रत करने वाले व्यक्ति को इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • इस व्रत में अन्न का सेवन बिल्कुल भी नहीं किया जाता।
  • एकादशी के दिन चावल भूलकर भी नहीं खाने चाहिए।
  • एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में किया जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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