जिस तरह से शनि का गोचर महत्वपूर्ण माना जाता है, ठीक वैसे ही इस ग्रह का वक्री होना भी विशेष महत्व रखता है। 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक शनि वक्री रहेंगे। अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर वक्री शब्द का मतलब क्या होता है? तो आपको बता दें, जब भी किसी ग्रह की गति अपने नियमित मार्ग से अलग हो जाती है या फिर ग्रह उल्टा चलने लगता है तो उसे ग्रह का वक्री चलना कहते हैं। अमूमन लोग ऐसा मानते हैं कि वक्री चाल हमेशा बुरे परिणाम ही देती है, लेकिन ये पूरी तरह से सही नहीं है। अगर कोई ग्रह अपने वक्री होने से पहले बुरे परिणाम दे रहा होता है, तो उसके वक्री होने पर अच्छे परिणाम मिलना शुरू हो जाते हैं। चलिए जानते हैं शनि की वक्री चाल का शनि साढ़े साती वालों पर कैसा प्रभाव पड़ने वाला है।
मेष राशि: कार्यक्षेत्र में धीमापन देखने को मिल सकता है
मेष राशि वालों पर इस समय साढ़े साती का पहला चरण चल रहा है। शनि आपके द्वादश भाव में गोचर करते हुए वक्री हो रहे हैं, जो सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना गया है। आपको कार्यक्षेत्र में कुछ धीमापन देखने को मिल सकता है। बनते हुए काम अचानक से रुक सकते हैं। काम धंधे में देरी हो सकती है। किसी भी क्षेत्र में लाभ प्राप्त करने में कुछ व्यवधान आ सकते हैं। लेकिन कुछ मामलों में शनि का वक्री होना आपको फायदा भी पहुंचा सकता है। जैसे इस दौरान आपके खर्चों में कमी आएगी। व्यर्थ की भाग दौड़ अब कम हो जाएगी।
क्या करें उपाय: नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कुंभ राशि: शनि का वक्री होना शुभ
कुंभ राशि वालों पर इस समय साढ़े साती का आखिरी चरण चल रहा है और शनि आपके दूसरे भाव में गोचर करते हुए वक्री हो रहे हैं। शनि की उल्टी चाल से आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। घर परिवार में जो कलह का माहौल बना हुआ है, वो ठीक होने लगेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धनहानि से मुक्ति मिलेगी। किसी रोग से भी राहत मिल सकती है। संबंधों में मधुरता आएगी। हालांकि विदेश से संबंधित काम करने वाले लोगों को कुछ अड़चने देखने को मिल सकती हैं।
क्या करें उपाय: शुभ प्रभाव के लिए शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें।
मीन राशि: विदेश से जुड़े मामलों में मिलेगा फायदा
मीन राशि वालों पर इस समय साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। शनि आपके पहले भाव में गोचर करते हुए वक्री हो रहे हैं, जिससे आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिलेंगे। शनि की इस चाल से नकारात्मकता कुछ हद तक कम हो सकती है। स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं आमदनी के रास्ते में आ रही रुकावट दूर होने के आसार हैं। विदेश से संबंधित मामलों में शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे। इस दौरान आपको व्यर्थ के आलस्य से बचना होगा। आर्थिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने दी जरूरत रहेगी।
क्या करें उपाय: उपाय के लिए प्रतिदिन या कम से कम शनिवार के दिन गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का पाठ जरूर करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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