Shani Sade Sati Upay: न्याय के देवता शनि जब किसी पर प्रसन्न होते हैं तो जीवन में सुख-सुविधाओं का अंबार लग जाता है। लेकिन अगर ये किसी से नाराज हो जाएं तो व्यक्ति को अर्श से फर्श तक पहुंचने में भी देर नहीं लगती। यही कारण है कि हर कोई चाहता है कि शनि की उन पर शुभ दृष्टि ही पड़े। लेकिन 3 ऐसी राशियां हैं जिन पर शनि की अभी टेढ़ी नजर बनी हुई है। ये राशियां हैं मेष, कुंभ और मीन। दरअसल इन राशियों पर शनि साढ़े साती का साया है, इसलिए यहां हम आपको कुछ ऐसे अचूक उपाय बताने जा रहे हैं जिससे आपको शनि का कोई भय नहीं रहेगा। चलिए जानते हैं ये कौन से उपाय हैं।
पहला उपाय - शनिवार को करें 'छाया दान'
शनि देव को प्रसन्न करने का ये सबसे प्राचीन और असरदार उपाय है। वैसे तो ये उपाय कोई भी कर सकता है, लेकिन जिन पर शनि साढ़े साती चल रही है उन्हें तो इसे जरूर ही करना चाहिए। इसके लिए शनिवार की सुबह एक लोहे या मिट्टी की फिर कटोरी में सरसों का तेल लें और फिर उसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद उस तेल को किसी डाकोत को यानी शनि का दान लेने वाले व्यक्ति को दान कर दें। कहते हैं ऐसा करने से शनि साढ़े साती का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। ये उपाय आप कितने भी शनिवार कर सकते हैं।
दूसरा उपाय - हनुमान जी की पूजा
कहते हैं हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी नहीं सताते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव ने खुद हनुमान जी को वचन दिया था कि जो व्यक्ति बजरंगबली की पूजा करेगा, उसे वे कभी कष्ट नहीं देंगे। अगर आप शनि साढ़े साती से पीड़ित हैं तो हर शनिवार शनि देव के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा भी अवश्य करें। साथ ही इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी करें। ऐसा करने से शनि साढ़े साती का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
तीसरा उपाय - बुरे कर्म न करें
कहते हैं शनि साढ़े साती का उन लोगों पर सबसे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो बुरे कर्मों में लिप्त रहते हैं। साथ ही जो कमजोर लोगों का अपमान करते हैं और उन्हें पीड़ा पहुंचाते हैं। अगर शनि साढ़े साती के बुरे प्रभाव से बचना चाहते हैं तो किसी भी तरह के गलत काम न करें। साथ ही अपने घर के नौकरों, सफाई कर्मचारियों या जरूरतमंदों से अच्छा व्यवहार करें। शनिवार को काले चने, काले तिल, उड़द की दाल या कपड़ों का दान भी करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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