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Numerology: मूलांक या भाग्यांक, 30 की उम्र के बाद कौन बदलता है आपकी किस्मत का गियर? कैसे करें इसकी पहचान

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Apr 07, 2026 12:00 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 12:00 pm IST

अक्सर लोग इस चीज को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं कि उनके लिए मूलांक ज्यादा महत्वपूर्ण है या फिर भाग्यांक। लेकिन आपको बता दें कि हमारे जीवन में इन दोनों ही नंबरों का खास महत्व होता है। चलिए जानते हैं कैसे काम करते हैं ये दोनों नंबर।

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मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है? Image Source : FREEPIK

Numerology: भाग्यांक और मूलांक को समझने के लिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि ये दोनों नंबर आखिर निकाले कैसे जाते हैं। तो अगर मूलांक की बात करें तो यह नंबर जन्म तारीख को जोड़कर निकाला जाता है, जो व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व को दर्शाता है। वहीं भाग्यांक की बात करें तो ये नंबर जन्म तारीख + जन्म वर्ष + जन्म के महीने का जोड़ होता है। जो हमारे भाग्य, जीवन और करियर के बारे में बताता है। ज्योतिष अनुसार जीवन का एक खास पड़ाव ऐसा आता है, जहां हमारी किस्मत का पूरा कंट्रोल भाग्यांक के हाथ में चला जाता है। चलिए जानते हैं इन दोनों के बारे में विस्तार से यहां।

मूलांक कैसे निकालें?

मान लीजिए आपकी जन्म तारीख 28 है तो आपका मूलांक (2+8) = 10  और अगर इसे भी जोड़े दें तो नंबर आएगा 1, यानी आपका मूलांक 1 होगा। वहीं अगर किसी की जन्म तारीख 2 है, तो उसका मूलांक 2 ही होगा। बता दें मूलांक 1 से लेकर 9 तक होता है।

भाग्यांक कैसे निकालें?

मान लीजिए किसी की जन्म तारीख 16.06.1993 है। तो इसका भाग्यांक निकालने के लिए सभी नंबरों को आपस में जोड़ना है। 1+6+6+1+9+9+3 = 8, तो सभी को जोड़कर 8 नंबर प्राप्त होगा और यही आपका भाग्यांक कहलाएगा। 

भाग्यांक और मूलांक में अंतर?

  • मूलांक किसी भी व्यक्ति के स्वभाव, शक्तियों, कमजोरियों और प्रतिभाओं को दर्शाता है। तो वहीं भाग्यांक आपके जीवन के उद्देश्य, भाग्य और अनुभवों को दर्शाता है। 
  • ऐसा कहते हैं कि मूलांक जन्म से लेकर 30 की उम्र तक हमारे जीवन पर अधिक प्रभावी रहता है। यानी हमारी शिक्षा और शुरुआती करियर इसी अंक से प्रभावित होते हैं। वहीं भाग्यांक 30 की उम्र के बाद हमारे जीवन में टर्निंग पॉइंट लाता है और इसके बाद मृत्यु तक हमारा भाग्यांक सक्रिय रहता है।
  • अंकज्योतिष अनुसार सबसे खास भाग्यांक ही होता है क्योंकि यही तय करता है कि हमारा जीवन कहां जा रहा है और उसे कहां जाना चाहिए।

30 की उम्र के बाद भाग्यांक बदलता है किस्मत का गियर

  • अंक ज्योतिष के अनुसार, 30 साल की उम्र के बाद भाग्यांक हमारे जीवन की कमांड संभाल लेता है।
  • कहते हैं जिस किसी का मूलांक और भाग्यांक एक ही नंबर होता है ऐसे लोग 30 के बाद खूब तरक्की पाते हैं।
  • वहीं अगर भाग्यांक और मूलांक के अंकों की आपस में मित्रता होती है तो भी 30 के बाद किस्मत चमकने के आसार रहते हैं।
  • यदि ये आपस में शत्रु अंक हैं, तो व्यक्ति को 30 साल के बाद जीवन में परेशानियों और संघर्षों का सामना करना पड़ता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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