1. Hindi News
  2. धर्म
  3. शुक्र की महादशा में 3 ग्रहों की अंतर्दशा होती है शुभ, भौतिक सुखों की प्राप्ति और धन लाभ के भी बनते हैं योग

शुक्र की महादशा में 3 ग्रहों की अंतर्दशा होती है शुभ, भौतिक सुखों की प्राप्ति और धन लाभ के भी बनते हैं योग

शुक्र की महादशा में बुध, शनि और गुरु की अंतर्दशाएं अपार सफलता और भौतिक सुख दिलाने वाली साबित हो सकती हैं। आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

Shukra Mahadasha- India TV Hindi
Image Source : ASTROLOGY शुक्र महादशा

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को भौतिक सुखों का कारक ग्रह माना जाता है। शुक्र की महादशा 20 सालों की होती है लेकिन इन 20 सालों के दौरान कुछ ग्रहों की अंतर्दशा जीवन में सबसे अधिक लाभदायक रह सकती है। इन ग्रहों में बुध, गुरु और शनि मुख्य हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि इन ग्रहों की अंतर्दशा शुक्र की महादशा में कैसे परिणाम दिलाती है। 

शुक्र की महादशा में बुध की अंतर्दशा 

शुक्र ग्रह की महादशा में बुध की अंतर्दशा को बेहद शुभ माना जाता है। शुक्र जहां वैभव और भौतिक सुख देने वाले ग्रह हैं वहीं बुध को बुद्धि और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्र-बुध दशा के दौरान व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है और साथ ही आर्थिक लाभ के रास्ते खुलते हैं। शुक्र-बुध दशा के दौरान कला, लेखन, मार्केटिंग के क्षेत्र में जबरदस्त परिणाम व्यक्ति को मिल सकते हैं। वहीं विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में मनचाहे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इस दशा के दौरान मान-सम्मान की भी खूब प्राप्ति होती है। 

शुक्र की महादशा में शनि की अंतर्दशा

शुक्र और शनि आपस में मित्र हैं और शनि अनुशासन, न्याय के कारक ग्रह हैं। ऐसे में शुक्र-शनि दशा भी शुभ परिणाम प्रदान करने वाली साबित होती है। इस दशा के दौरान बीते समय में किए गए अच्छे कार्यों का शुभ परिणाम व्यक्ति को प्राप्त हो सकता है। शुक्र-शनि दशा में जमीन-जायदाद और वाहन व्यक्ति ले सकता है। नौकरी में प्रमोशन और पैतृक संपत्ति से भी मुनाफा मिलने के योग बनते हैं। इस दशा के दौरान व्यक्ति के विचार मैं सौम्यता आती है। इसके साथ ही जीवन में व्यक्ति अनुशासित रहता है। 

शुक्र की महादशा में गुरु की अंतर्दशा 

शुक्र और गुरु दोनों ही शुभ ग्रह हैं। ऐसे में शुक्र की महादशा में गुरु की अंतर्दशा जब शुरू होती है तो व्यक्ति को वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में बेहद शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। आर्थिक रूप से जीवन में स्थिरता आती है। इसके साथ ही संतान सुख की प्राप्ति भी इस शुभ दशा में हो सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में व्यक्ति की रुचि बढ़ती है। आर्थिक उन्नति भी शुक्र-गुरु की महादशा में मिलती है। यह शुभ दशा सामाजिक स्तर पर ख्याति दिलाने वाली भी साबित होती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि केतु की महादशा में किन ग्रहों की दशा शुभ होती है तो इस बारे में विस्तार से लेख हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

29 अक्टूबर की रात मिथुन में गोचर करेंगे चंद्रमा, वृषभ-सिंह सहित 4 राशियों को हो सकता है धन लाभ